'भारत के संविधान और सेवा परंपराओं एवं मूल्यों को बनाए रखें'
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भारतीय सेवा के प्रोबेशनर्स को संबोधनस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Monday 16 February 2026 05:39:03 PM
नई दिल्ली। भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा, रक्षा वैमानिकी गुणवत्ता आश्वासन सेवा और भारतीय व्यापार सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में प्रशिक्षु अधिकारियों से भेंटकर उनको अपने प्रेरक संबोधन में कहा हैकि प्रतिष्ठित सेवाओं में चयन से उन्हें राष्ट्र की सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने उन्हें यह याद रखने को कहाकि ऐसे बहुत से युवा हैं, जो राष्ट्रसेवा का सपना देखते हैं, लेकिन कुछही को इसको पूरा करने का मौका मिलता है। उन्होंने कहाकि चयनित प्रशिक्षु अधिकारी कई लोगों केलिए प्रेरणा और रोलमॉडल बन सकते हैं और उदाहरण पेश करने की जिम्मेदारी उनके पूरे कार्यकाल के दौरान उनके साथ रहेगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहाकि उनके जैसे अधिकारी देश के विकास और प्रत्येक नागरिक की भलाई केलिए प्रतिबद्धता केसाथ काम करते रहेंगे तो हमारा राष्ट्र वैश्विक मंच पर मजबूत, अधिक सक्षम और अधिक सम्मानित होता रहेगा। उन्होंने कहाकि इन सेवाओं के अधिकारी जिस जुनून केसाथ काम करते हैं, वह एक ऐसी ताकत है, जो कलके भारत को बदल सकती है। भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा के अधिकारियों से राष्ट्रपति ने कहाकि वे जनता के विश्वास और वित्तीय विवेक के संरक्षक हैं। उन्होंने कहाकि शासन प्रणाली पर जवाबदेही के ढांचे का प्रभाव और मूल्यवर्धन तब बढ़ता है, जब कार्यकारी और लेखा परीक्षा संस्थानों केबीच तालमेल होता है। उन्होंने कहाकि लेखा परीक्षा और कार्यकारी केबीच एक प्रभावी साझेदारी सार्वजनिक व्यय की प्रभावकारिता को बढ़ाने में मदद करती है और वांछित परिणामों की प्राप्ति में सहायता करती है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह कियाकि वे हमेशा संविधान और सेवा की परंपराओं एवं मूल्यों को बनाए रखने का प्रयास करें।
भारतीय सेवाओं के प्रोबेशनर्स से राष्ट्रपति ने कहाकि वे निवेश आकर्षित करने, रोज़गार सृजन करने और भारतीय व्यवसाय वैश्विक स्तरपर नवाचार, विस्तार और प्रतिस्पर्धाकर सकने योग्य वातावरण को बढ़ावा दें। उन्होंने कहाकि उनका मार्गदर्शक दिशा-निर्देश हमेशा देश का हित होना चाहिए। उन्होंने उन्हें भी यह याद रखने की सलाह दीकि वे जिस भी नीति को लागू करते हैं, प्रत्येक व्यापार बाधा को दूर करते हैं, प्रत्येक समझौता जिसका वे समर्थन करते हैं, भारत को एक मजबूत और विश्वस्तर पर अधिक सम्मानित व्यापारिक भागीदार के रूपमें उभरने में योगदान देगा। रक्षा वैमानिकी गुणवत्ता आश्वासन सेवा के अधिकारियों से राष्ट्रपति ने कहाकि यह उनकी जिम्मेदारी हैकि वे हमारे रक्षा बलों केलिए तकनीकी रूपसे उन्नत और विश्वस्तरीय हथियारों और गोला बारूद केलिए उच्चतम गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहाकि उनकी भूमिका उन्हें विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और राष्ट्रीय रक्षा के एक महत्वपूर्ण स्थान पर रखती है। उन्होंने अधिकारियों से सशस्त्र बलों को बहु डोमेन एकीकृत संचालन में सक्षम तकनीकी रूपसे उन्नत युद्ध तैयार बल में बदलने में योगदान देने केलिए नवीन दृष्टिकोण केसाथ आने का आग्रह किया।