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भ्रष्‍टाचार कतई बर्दाश्‍त नहीं-राज्‍यमंत्री

जी-20 भ्रष्‍टाचार-निरोधी कार्यसमूह की मंत्रिस्‍तरीय बैठक

देश में भ्रष्‍टाचार के खात्मे के लिए सुदृढ़ एवं सशक्‍त मुहिम

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 23 October 2020 01:45:16 PM

g20 anti-corruption working group ministerial meeting

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन विभाग में राज्‍यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेतृत्‍व में भ्रष्‍टाचार को जड़ से सफाया करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत, भ्रष्‍टाचार और बेहिसाबी धन को कतई बर्दाश्‍त न करने की नीति के प्रति संकल्‍पबद्ध है, इसी का अनुसरण करते हुए मोदी सरकार ने पिछले छह वर्ष में विविध कदम उठाए हैं। डॉ जितेंद्र सिंह ने जी-20 भ्रष्‍टाचार-निरोधी कार्यसमूह की प्रथम मंत्रिस्‍तरीय बैठक में भारत के भ्रष्‍टाचार निरोधक अधिनियम-1988 का हवाला दिया, जिसमें मोदी सरकार ने 30 साल बाद 2018 में संशोधन करके उसमें रिश्‍वत लेने के अलावा रिश्‍वत देने को भी अपराध की श्रेणी में शामिल करने, व्‍यक्तियों और साथ ही साथ कार्पोरेट इकाइयों द्वारा ऐसे कार्यों को अंजाम दिए जाने पर कारगर निवारक लागू करने जैसे अनेक नए प्रावधान शामिल किए हैं।
राज्यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान कानून ऊंचे स्‍थानों पर भ्रष्‍टाचार पर अंकुश लगाने तथा कार्पोरेट जगत में रिश्‍वत पर कड़ा प्रहार करने के लक्ष्‍य के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर लाया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रतिनिधिक दायित्‍व स्‍थापित करने का प्रयास करता है, ताकि असली रिश्‍वत देने वालों का भंडाफोड़ किया जा सके। डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार की प्रतिबद्धता है कि गवर्नेंस में ज्‍यादा प्रतिबद्धता लाई जाए, उसे ज्‍यादा से ज्‍यादा नागरिक केंद्रित और ज्‍यादा जवाबदेह बनाया जाए, यह बात उच्‍च स्‍थानों पर भ्रष्‍टाचार पर अंकुश लगाने के लिए उसके द्वारा देश में लोकपाल की संस्‍था को संचालित करने के लिए उठाए गए निर्णायक कदमों से जाहिर होती है। उन्‍होंने जी-20 बैठक के शिष्‍टमंडल को याद दिलाते हुए कहा कि विश्‍व इस समय राष्‍ट्रीय अधिकार क्षेत्र के दायरे से बाहर फरार हो जाने वाले भगोड़े आर्थिक अपराधियों और परिसम्‍पत्तियों की गंभीर उभरती चुनौतियों का सामना कर रहा है।
डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत का भगोड़ा आर्थिक अपराध अधिनियम-2018 अधिकारियों को अपराध के फलस्‍वरूप कमाई गई संपत्ति के साथ ही साथ भगोड़े आर्थिक अपराधी की परिसम्‍पत्तियों को भी गैर-दोषसिद्धि आधार पर कुर्क और जब्‍त करने का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि हमने आरोपियों की विदेश में शरण लेने और अपराध के फलस्‍वरूप कमाई गई संपत्ति को छुपाने पर भी रोक लगा दी है। उन्‍होंने कहा कि भारत इस बात की सराहना करता है कि जी-20 भ्रष्‍टाचार निरोधी कार्य समूह अंतर्राष्‍ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर इस संघर्ष को सही दिशा में आगे ले जा रहा है। डॉ जितेंद्र सिंह ने 10वीं वर्षगांठ पर जी-20 सदस्‍य देशों की मंत्रिस्‍तरीय बैठक आयोजित करने के लिए अध्‍यक्ष सऊदी अरब को बधाई दी। उन्‍होंने आशा व्‍यक्‍त की कि भ्रष्‍टाचार की बुराई का मुकाबला करने के लिए विश्‍व एक सुदृढ़ और सशक्‍त मुहिम के लिए एकजुट होगा।

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