'बाबासाहेब का जीवन महान संघर्ष की एक प्रेरक व साहसिक गाथा'
संसद से देश और प्रदेश तक बाबासाहेब को श्रद्धांजलियां अर्पित की गईंस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Tuesday 14 April 2026 03:44:38 PM
नई दिल्ली। भारतीय संविधान के शिल्पकार और महान समाज सुधारक भारतरत्न बाबासाहेब डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर की 136वीं जयंती आज देशभर में बड़ी धूमधाम से उत्साहपूर्वक मनाई जा रही है। विभिन्न रैलियों, जागरूकता कार्यक्रमों, झांकियों, आयोजनों के माध्यम से बाबासाहेब के जीवन के महान संघर्ष को एक प्रेरक और साहसिक गाथा के रूपमें एवं उनके देश और समाज केलिए किए गए अनुकरणीय योगदानों को याद किया जा रहा है। इस अवसर पर देश-प्रदेश के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने भी बाबासाहेब डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर को स्मरणकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बाबासाहेब डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर की जयंती पर देशवासियों को शुभकामना संदेश में कहाकि बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर एक विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, प्रखर चिंतक, न्यायविद और समतामूलक सामाज व्यवस्था के प्रबल समर्थक थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि उन्होंने अपना जीवन समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के उत्थान केलिए समर्पित कर दिया, उनके हित में ऐतिहासिक योगदान दिया, उन्होंने न केवल असमानताओं को दूर करने का मार्ग दिखाया, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों को सुदृढ़ करने में भी अग्रणी भूमिका निभाई। महिलाओं की शिक्षा, उनके अधिकारों को प्राथमिकता दी। राष्ट्रपति ने आशा व्यक्त कीकि डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर का बहुआयामी योगदान आनेवाली पीढ़ियों को देश की सेवा और विकास में सक्रिय भूमिका निभाने केलिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने नागरिकों का आह्वान कियाकि वे बाबासाहेब के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने और एक न्यायपूर्ण, समावेशी तथा प्रगतिशील भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह संसद परिसर में प्रेरणा स्थल पर बाबासाहेब डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पितकर उन्हें याद किया। प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखाकि राष्ट्र निर्माण में बाबासाहेब का अद्वितीय योगदान पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा, राष्ट्र निर्माण में उनके प्रयास अत्यंत प्रेरणादायक हैं, उनका व्यक्तित्व और उनके कार्य राष्ट्र के विकास केलिए हमेशा एक मार्गदर्शक शक्ति बने रहेंगे।
बाबासाहेब डॉ भीमराव आंबेडकर की 136वीं जयंती पर संसद भवन में उनकी स्मृति में बने प्रेरणा स्थल पर उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, कई केंद्रीय मंत्रियों, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, सांसदों, पूर्व सांसदों और गणमान्य नागरिकों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में भी बाबासाहेब को पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके पश्चात लोकसभा सचिवालय के संसदीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के ‘अपने नेता को जानें' कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ओम बिरला ने कहाकि बाबासाहेब डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर ने अपनी प्रतिभा, समर्पण और दृढ़ निष्ठा से अपने जीवन की प्रत्येक चुनौती को अवसर में परिवर्तित किया। उन्होंने कहाकि संविधान में समानता का अधिकार, बिना किसी भेदभाव के मतदान का अधिकार जैसे प्रगतिशील प्रावधानों ने एक सशक्त भारत की नींव रखी, जो न केवल भारत के लोकतंत्र, बल्कि विश्व के दूसरे लोकतंत्रों को भी निरंतर प्रेरित कर रहे हैं। भारत के युवाओं को बाबासाहेब के विचारों का सच्चा प्रतिनिधि बताते हुए ओम बिरला ने उन्हें सदैव ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना केसाथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहाकि उनकी प्रतिभा, कौशल, नवाचार और समर्पण भारत को और अधिक सशक्त तथा विकसित बनाएंगे।