'बिहार प्राचीनकाल से बौद्धिक और आध्यात्मिक विरासत से समृद्ध'
महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी में दीक्षांत समारोहस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Saturday 4 April 2026 04:50:36 PM
मोतिहारी। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में उल्लेख कियाकि चंपारण का भारत के इतिहास में एक विशेष स्थान है, क्योंकि यहीं पर महात्मा गांधी एक वकील से भारत के गांवों में जड़े जमाए हुए जननेता के रूपमें परिवर्तित हुए और चंपारण सत्याग्रह के जरिए सत्य, साहस और न्याय से राष्ट्रीय चेतना को जागृत किया। उपराष्ट्रपति ने कहाकि बिहार प्राचीनकाल से बौद्धिक और आध्यात्मिक विरासत से समृद्ध है, इस पवित्र भूमि पर गौतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया, प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय वैश्विक ज्ञान का प्रकाशस्तंभ रहा और चाणक्य जैसे महान विचारकों का उदय हुआ।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहाकि महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय का नामकरण एक गहरा प्रतीकात्मक महत्व रखता है, जो गांधीजी के सामाजिक न्याय, ग्रामीण उत्थान और नैतिक नेतृत्व के आदर्शों केप्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने महारानी जानकी कुंवर के योगदान को भी याद किया, जिनकी परोपकारिता और भूमि दान ने इस क्षेत्रमें शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपराष्ट्रपति ने कहाकि ऐसी दूरदर्शी उदारता शिक्षा और सामाजिक प्रगति की नींव को मजबूत करती है। उन्होंने इस बातपर खुशी जताईकि विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करके नए एकीकृत पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। उन्होंने भारतीय ज्ञान प्रणाली केंद्र की स्थापना और फिट इंडिया अभियान केतहत खेल और फिटनेस पर विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहाकि स्नातक और स्नातकोत्तर में विश्वविद्यालय की छात्राएं अधिक हैं, जो देश में महिला नेतृत्व वाले विकास की प्रगति का एक प्रतीक हैं।
स्नातकों को अपने प्रेरणाप्रद संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कहाकि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि आजीवन सीखने की यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने कहाकि प्रौद्योगिकी से संचालित तेजीसे बदलती दुनिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा विज्ञान जैसे क्षेत्र नवाचार और विकास के नए द्वार खोल रहे हैं। उन्होंने स्नातकों से राष्ट्र निर्माण केलिए प्रौद्योगिकी का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने का आग्रह किया। उपराष्ट्रपति ने उनसे राष्ट्र सर्वोपरि के मार्गदर्शक सिद्धांत को अपनाने को भी कहा और उनसे मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ दृढ़ रुख अपनाने तथा एक स्वस्थ एवं मजबूत समाज के निर्माण की दिशामें कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहाकि आजके युग में गांधीजी का अहिंसा का सिद्धांत अत्यंत प्रासंगिक है, यह न केवल हमारे कार्यों, बल्कि डिजिटल जगत में हमारे व्यवहार का भी मार्गदर्शन करता है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने चरखा पार्क और मोतिहारी में महात्मा गांधी सत्याग्रह स्मारक का भी दौरा किया। उन्होंने चंपारण सत्याग्रह के दौरान महात्मा गांधी के नेतृत्व को पुष्पांजलि अर्पित की और सत्य, अहिंसा और राष्ट्र सेवा के उनके चिरस्थायी संदेश को याद किया। इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल (सेवानिवृत्त) लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय कोयला एवं खान राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे, बिहार के शिक्षामंत्री सुनील कुमार, पूर्वी चंपारण के सांसद राधामोहन सिंह, विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ महेश शर्मा और कुलपति संजय श्रीवास्तव, विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य, छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक उपस्थित थे।