स्वतंत्र आवाज़
word map

उच्चशिक्षा में कैशलेस चिकित्सा बनी गेम चेंजर!

योगी मंत्रिपरिषद के निर्णय से बड़ी संख्या में शिक्षक होंगे लाभांवित

उच्चशिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का मुख्यमंत्री योगी के प्रति आभार

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Sunday 22 March 2026 05:20:56 PM

higher education minister yogendra upadhyay (file photo)

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में दस मार्च को मंत्रिपरिषद की बैठक में यूं तो कई महत्वपूर्ण निर्णय हुए, मगर उनमें एक फैसला गेम चेंजर माना जाता है, जिसमें उच्चशिक्षा विभाग के शिक्षकों शिक्षणेतर कर्मचारियों की कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की काफी पुरानी मांग मान ली गई है, जिसमें अब उच्चशिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी अब कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलने लगेगा। उच्चशिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय काफी समय से कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने पर काम कर रहे थे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस 5 सितंबर 2025 के अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों इत्यादि को कैशलेस सुविधा प्रदान करने के संबंध में घोषणा की थी। इसके क्रियांवयन हेतु उच्चशिक्षा मंत्री ने मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रस्ताव रखा, जिसका अनुमोदन कर दिया गया। इससे करीब 128725 शिक्षकों को लाभ होगा। इस सुविधा पर 31,92,38,000 वार्षिक खर्च आएगा।
उच्चशिक्षा विभाग के अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत नियमित और स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों, स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों, राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत नियमित एवं स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ देने के मंत्रिपरिषद के फैसले की जानकारी उच्चशिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कैबिनेट की मीडिया ब्रीफिंग में दी और यह मांग पूरी करने केलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। इस मांग को मान लेने से उच्चशिक्षा विभाग के शिक्षकों आदि की खुशी का ठिकाना नहीं है। अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका जबरदस्त लाभ मिलेगा, क्योंकि यह बुद्धिजीवी वर्ग है और समाज में इसका व्यापक प्रभाव माना जाता है, इसीलिए इस फैसले को गेम चेंजर कहा जा रहा है।
उच्चशिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के सामने यह मांग आई थी। उच्चशिक्षा मंत्री ने कहाकि उच्चशिक्षा विभाग में अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत नियमित एवं स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों व स्ववित्तपोषित मान्यताप्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं राज्य विश्वविद्यालयों में नियमित एवं स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों का प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था एवं शिक्षण कार्य में अत्यंत महत्वपूर्ण एवं रचनात्मक योगदान है, किंतु उन्हें और राज्यकर्मियों की भांति कभी भी चिकित्सा प्रतिपूर्ति की कोई सुविधा नहीं थी, जिससे शिक्षक अपने और आश्रितों की चिकित्सा की समुचित व्यवस्था संभव नहीं कर पाते थे। शिक्षकों और शिक्षण कार्य के दृष्टिगत उनके स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु शिक्षकों एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को सरकारी चिकित्सालयों के अलावा निजी चिकित्सालयों में भी कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान करने की मांग चली आ रही थी।
उच्चशिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बतायाकि इस मांग के दृष्टिगत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके समाधान में गहरी दिलचस्पी ली और उन्होंने 5 सितंबर 2025 शिक्षक दिवस पर भी कैशलेस सुविधा प्रदान करने की घोषणा की थी, जिसको मंत्रिपरिषद की बैठक में अनुमोदन कर दिया गया। उन्होंने बतायाकि उच्चशिक्षा विभाग के कार्यरत शिक्षकों एवं उनके आश्रित सदस्यों को कैशलेस सुविधा प्रदान करने में प्रति शिक्षक लगभग 2479.70 रुपये प्रीमियम की दर से वार्षिक व्यय भार आएगा और जो शिक्षक इसके पात्र होंगे, उनकी अनुमानित संख्या 128725 है और इस सुविधा पर 31,92,38,000 वार्षिक खर्च आएगा। उन्होंने बतायाकि जो शिक्षक इसके पात्र होंगे, उनमें अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय, जिनमें अनुदानित योजना के तहत नियमित शिक्षकों की संख्या और स्ववित्तपोषित योजना के तहत शिक्षकों की संख्या 13849 है और इनपर सरकार पर 34345520 वार्षिक व्ययभार आएगा। स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में 111852 शिक्षक हैं, जिनपर 277392960 व्ययभार आएगा, जबकि राज्य विश्वविद्यालय में 3024 शिक्षक हैं, जिनपर 7499520 लाख का व्ययभार आएगा।
उच्चशिक्षा मंत्री ने बतायाकि यह व्ययभार प्रति शिक्षक करीब 2479.70 के प्रीमियम की दर से वार्षिक है। इस योजना के क्रियांवयन केलिए उच्च शिक्षा विभाग आय व्ययक में बजट की व्यवस्था करेगा। उन्होंने बतायाकि इस कैशलेस उपचार सुविधा का क्रियांवयन स्टेट एजेंसी फॉर कम्प्रेहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेस (साचीज) के माध्यम से कराया जाएगा। यह सुविधा राजकीय चिकित्सालयों तथा साचीज के साथ संबद्ध निजी चिकित्सालयों में अनुमन्य होगी, जिसकी दरें वही होंगी, जो प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जनआरोग्य योजना तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभिकरण द्वारा समय-समय पर संसूचित जाएंगी। उन्होंने बतायाकि इस योजना के लाभार्थियों एवं आश्रित परिवारों का पूर्ण विवरण उच्चशिक्षा विभाग द्वारा नामित नोडल अधिकारी प्रतिवर्ष तीस जून तक कैशलेस चिकित्सा योजना सुविधा हेतु मुख्य कार्यपालक अधिकारी साचीज को उपलब्ध कराएंगे, ताकि पात्र लाभार्थियों एवं परिवारों को इसका लाभ दिए जाने हेतु इस योजना में शामिल कर उन्हें योजना का लाभ दिया जा सकेगा।
उच्चशिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बतायाकि पहले से केंद्र अथवा राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित किसी अन्य स्वास्थ्य योजना जैसे-प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना या मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान से लाभ प्राप्त करने वालों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इस योजना का एक लाख अठ्ठाइस हजार सात सौ पच्चीस शिक्षकों को लाभ मिलेगा, जिसका सरकार पर इकत्तीस करोड़ बानवे लाख अड़तीस हजार रूपये का वार्षिक व्यय होगा और इस धन की व्यवस्था उच्च शिक्षा विभाग के बजट में की जाएगी। उच्चशिक्षा मंत्री ने बतायाकि वे इस योजना में शिक्षणेतर कर्मचारियों को भी शामिल कराने का प्रयास कर रहे हैं। शिक्षकों और आश्रितों में इससे प्रसन्नता है। गौरतलब हैकि उच्चशिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की अपने विभाग के कार्मिकों के कल्याण हेतु लगातार सक्रियता उन्हें काफी लोकप्रिय बनाती है।

हिन्दी या अंग्रेजी [भाषा बदलने के लिए प्रेस F12]