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Thursday 28 August 2025 05:32:57 PM
नई दिल्ली। भारत के पत्तन पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय ने दिल्ली में राजदूतों की गोलमेज बैठक की मेजबानी की, जिसमें 28 देशों के राजदूतों, वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग जगत के दिग्गजों और बहुपक्षीय प्रतिनिधियों ने मुंबई में 27-31 अक्टूबर को होनेवाले भारत समुद्री सप्ताह-2025 से पहले सहयोग पर चर्चा की। जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस अवसर पर वैश्विक समुद्री व्यापार, सतत नौवहन और ब्लू इकोनॉमी में भारत की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला और वैश्विक साझेदारों से भारत को निवेश और नवाचार के केंद्र के रूपमें देखने का आग्रह किया एवं सरकार के एक ट्रिलियन डॉलर के समुद्री निवेश रोडमैप के बारेमें भी बताया। सर्बानंद सोनोवाल ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन केतहत भारत की समुद्री यात्रा एक नए अध्याय में प्रवेश कर रही है, मैरीटाइम इंडिया विजन-2030 और मैरीटाइम अमृतकाल विजन-2047 जैसी परिवर्तनकारी पहलों केसाथ हमारे बंदरगाह शिपिंग और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम अधिक लचीला, टिकाऊ और भविष्य केलिए तैयार हो रहा है।
जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भारत के समुद्री क्षेत्रमें अवसरों को रेखांकित करते हुए कहाकि ये अवसर एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के समुद्री निवेश रोडमैप को खोलते हैं, जिसमें बंदरगाहों और कार्गो टर्मिनल संचालन, मल्टीमॉडल टर्मिनल, समुद्री सेवाओं, जहाज निर्माण, जहाज पुनर्चक्रण, जहाज मरम्मत, हरित हाइड्रोजन हब और टिकाऊ शिपिंग समाधानों के विकास में संयुक्त उद्यमों की प्रबल संभावना है। जलमार्ग राज्यमंत्री शांतनु ठाकुर ने भी बंदरगाह आधुनिकीकरण, अंतर्देशीय जलमार्ग विस्तार तथा ग्रीन एवं डिजिटल शिपिंग में सुधारों पर जोर दिया तथा निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी का आग्रह किया। शांतनु ठाकुर ने कहाकि प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण कि बंदरगाह केवल समृद्धि के द्वार नहीं हैं, बल्कि भारत के भविष्य के द्वार हैं, इसीसे प्रेरित होकर भारत अपने समुद्री क्षेत्र का आधुनिकीकरण कर रहा है, ताकि यह राष्ट्र निर्माण, प्रौद्योगिकी अपनाने और सतत विकास का एक स्तंभ बन सके। उन्होंने कहाकि जैसे-जैसे दुनिया इस क्षमता को समझ रही है, भारत समुद्री निवेश और साझेदारी में उल्लेखनीय गति से विकास कररहा है, वैश्विक कंपनियां जहाज निर्माण, बंदरगाह आधुनिकीकरण, स्मार्ट लॉजिस्टिक्स और ग्रीन शिपिंग में भारतीय समकक्षों केसाथ हाथ मिला रही हैं। उन्होंने कहाकि इसके केंद्र में तकनीक है, एआई संचालित लॉजिस्टिक्स, डिजिटल बंदरगाह संचालन और स्वचालन हमारे बंदरगाहों को अधिक कुशल और विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धी बना रहे हैं।
जल संसाधन मंत्रालय में संयुक्त सचिव आर लक्ष्मणन ने एक क्षेत्रीय प्रस्तुति में वधावन पोर्ट, गैलेथिया बे ट्रांसशिपमेंट पोर्ट और टूना टेकरा टर्मिनल जैसी मेगा परियोजनाओं में अवसरों केसाथ ग्रीन हाइड्रोजन हब, एलएनजी बंकरिंग, जहाज निर्माण, जहाज रीसाइक्लिंग और समुद्री औद्योगिक पार्कों में निवेश के अवसरों के बारेमें बताया गया। विचार विमर्श भारत की प्रमुख समुद्री प्राथमिकताओं पर केंद्रित रहा, जिसमें जहाज निर्माण क्षमता को मज़बूत करना और बंदरगाह आधारित विकास को बढ़ावा देना शामिल था, ताकि देश को एक वैश्विक केंद्र के रूपमें स्थापित किया जा सके। प्रतिनिधियों ने समुद्री अर्थव्यवस्था के दायरे पर भी प्रकाश डाला और समुद्री संसाधनों के ज़िम्मेदार उपयोग से सतत विकास और आजीविका पर ज़ोर दिया। चर्चाओं में दक्षता और पारदर्शिता में सुधार केलिए समुद्री रसद में डिजिटलीकरण पर ज़ोर दिया गया। हाइड्रोजन संचालित और कम उत्सर्जन वाले जहाजों के माध्यम से ग्रीन शिपिंग में बदलाव को तेज़ करने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया गया। समुद्री वित्तपोषण को बढ़ावा देने में आईएफएससी-जीआईएफटी सिटी की भूमिका को वैश्विक निवेश आकर्षित करने और इस क्षेत्रमें नवाचार को बढ़ावा देने के एक प्रमुख प्रवर्तक के रूपमें रेखांकित किया गया।
राजदूतों ने भारत सरकार के सुधारों का स्वागत किया, इनमें पांच नए कानून, बिल ऑफ लैडिंग एक्ट, कैरिज ऑफ गुड्स बाई सी एक्ट, मर्चेंट शिपिंग एक्ट, कोस्टल शिपिंग एक्ट और इंडियन पोर्ट्स एक्ट शामिल हैं। ये नए कानून औपनिवेशिक युग के कानूनों की जगह लेते हैं और भारत के ढांचे को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं केसाथ जोड़ते हैं। सर्बानंद सोनोवाल ने कहाकि आईएमडब्ल्यू-2025 एक ऐसा मंच होगा, जहां विचारों को परियोजनाओं में और प्रतिबद्धताओं को साझेदारियों में बदला जा सकेगा। उन्होंने कहाकि भारत एक समृद्ध, टिकाऊ और समावेशी समुद्री भविष्य में सहयोग और नेतृत्व केलिए तैयार है। गोलमेज सम्मेलन के परिणामों को आईएमडब्ल्यू-2025 में एकीकृत किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगाकि द्विवार्षिक प्रमुख आयोजन वैश्विक हितधारक प्राथमिकताओं को संबोधित करेगा। भारत समुद्री सप्ताह, समुद्री मंत्रालय का द्विवार्षिक प्रमुख मंच है, जो नीति निर्माताओं, निवेशकों और विचारकों को भारतीय बंदरगाहों और रसद के भविष्य को आकार देने केलिए एकसाथ लाता है। वर्ष 2025 का इसका संस्करण 27-31 अक्टूबर 2025 तक मुंबई के नेस्को प्रदर्शनी केंद्र में आयोजित होगा। इसमें बुनियादी ढांचे, लोगों और भविष्य केलिए तैयार नवाचार के माध्यम से भारत के समुद्री विकास के बारेमें विस्तार से बताया जाएगा।