बड़े फिल्मकार आमतौर पर वृत्तचित्र नहीं बनाते, पर सत्यजित राय ने पांच वृत्तचित्र बनाए। रबींद्रनाथ ठाकुर, चित्रकार विनोद बिहारी मुखर्जी (द इनर आइ), भरतनाट्यम नृत्यांगना बालासरस्वती (बाला) और कथाकार-चित्रकार पिता सुकुमार राय पर। भारत-चीन युद्ध के वक्त जवाहरलाल नेहरू पर और बाद में बांग्लादेश मुक्ति संघर्ष पर भी फिल्म बनाने...
वाद्ययंत्र से जुड़ा एक प्रशिक्षु कलाकार जब सारंगी के बारे में नही जानता है तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि सारंगी सुनने वाले कितने बचे होंगे? छानबीन से पता चलता है कि सारंगी के उस्ताद भी बस गिने चुने हैं और सीखने वाले तो नदारद हैं। इसलिए इस वाद्य यंत्र की मधुर और कर्णप्रिय लय अब बहुत कम ही सुनने को मिलती है। यदि सारंगी को संगीत...
राजनेताओं, उद्योगपतियों धर्माचार्यों और फिल्मी दुनिया की हस्तियों को अपनी मायावी साधना के चुंबकीय चमत्कारों से चकरघिन्नी बना देने वाले नेमीचंद जैन यानी तांत्रिक गुरू चंद्रास्वामी को अगर किसी ने भाव नहीं दिए थे तो वे राजीव गांधी थे। एक समय, देश-दुनिया के बड़े-बड़े 'राजयोगियों' पर चंद्रास्वामी ने इतना प्रभावशाली सम्मोहन...
सास गारी देवे, देवर जी समझा लेवे, ससुराल गेंदा फूल.... में रायपुर का भी जिक्र आता है। इस गाने के बोल छत्तीसगढ़ी भाषा में हैं, जिसे पहली बार रायपुर की ही प्रसिद्ध जोशी बहनों ने गाया है। हालांकि अब जोशी बहनों को दुख है कि इस गीत को फिल्मकार ने छत्तीसगढ़ को क्रेडिट नहीं दिया है। अगर ऐसा होता तो और अच्छा होता, मगर उन्हें इसका ज्यादा...
चेन्नई भुवनेश्वरीपुलिस ने जिस प्रकार एफआईआर दर्ज कर 'दिनामलार' के संपादक बी लेनिन को गिरफ्तार किया उससे जिस्मफरोशी के धंधे मे लिप्त कॉलीवुड की ऐसी ताकतों को और ज्यादा खुलकर काम करने का प्रोत्साहन ही मिला है। पुलिस को शर्म आनी चाहिए कि वह ऐसे अवसरों पर काले-धंधे वालों के साथ ही खड़ी दिखाई देती है। जब ऐसी घटनाएं उजागर...
किशोर दा! क्या आप सुन रहे हैं कि आज दुनिया आपके सदाबहार गीतों को कितनी शौक से गा रही है और गुनगुना रही है। आज का दिन हम सबके लिए इसलिए भावनात्मक और यादगार है क्योंकि इस दिन आपने हमसे अचानक कहा अच्छा तो हम चलते हैं। क्या आपने ये गाना आज के लिए ही गाया था? आपको हरेक रूप में और हर रंग में ढूंढ लिया जाता है। कौन कहता...
मनोरंजन चैनल को ऑन करते ही कुछ नवोदित गवैये कुछ अंजाने निर्णायकों के सामने गानों की शक्ल में चिल्लाते और उछलते कूदते असंगत पौशाकों में नजर आएंगे। इससे यह पता चलना कोई आसान काम नहीं है कि यह प्रतियोगिता गाने की है या उछल कूदने की। किसी ऐसी सुर प्रतियोगिता के जरिए प्रतिभा का आंकलन नहीं किया जा सकता।...

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