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बंगाल के विकास केलिए केंद्र ने झोके संसाधन

पश्चिम बंगाल में करोड़ों की परियोजनाएं और रुका हुआ विकास शुरू

विकसित भारत में पश्चिम बंगाल की निर्णायक भूमिका-शिवराज चौहान

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Tuesday 14 July 2026 06:45:17 PM

high-level review meeting on bengal's development

कोलकाता। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोलकाता में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और मंत्रियों केसाथ बंगाल के विकास की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा हैकि विकसित भारत में बंगाल की निर्णायक भूमिका है, यह राज्य अब शीघ्र ही विकास मॉडल होगा। शिवराज सिंह चौहान ने कहाकि पश्चिम बंगाल में अटकी पड़ी परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त करते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर पर 82,000 करोड़ रुपये के कार्यों से नई गति मिली है। उन्होंने कहाकि ग्रामीण रोज़गार आजीविका केलिए 8,508 करोड़ रुपये का पैकेज और वीबी जी रामजी कानून से नई गारंटी दी गई है, मालदा क्लीन प्लांट, सीड हब, राइस-मक्का-ऑर्किड वैल्यू चेन से कृषि में बड़ा बदलाव होगा, एक लाख ग्रामीण मकान, महिला एसएचजी को 295 करोड़ रुपये, फसल बीमा केसीसी का विशेष अभियान कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने पश्चिम बंगाल प्रवास के दौरान इस तरह के अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए और बंगाल केलिए घोषणाएं कीं। समीक्षा बैठक केबाद उनकी मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी केसाथ संयुक्त प्रेस कॉंफ्रेंस हुई, जिसमें शिवराज सिंह ने दोहरायाकि आत्मनिर्भर और विकसित भारत का सपना विकसित पश्चिम बंगाल के बिना पूरा नहीं हो सकता।
शिवराज सिंह चौहान ने बंगाल की पुरानी स्थिति को याद करते हुए कहाकि पहले जब वे बंगाल आते थे तो विकास रुका हुआ दिखता था, केंद्र की विकास योजनाएं ठीक से नहीं चल रहीं थीं, लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और बंगाल के नए नेतृत्व केसाथ बंगाल विकास और प्रगति की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉंफ्रेंस में बताया कि पश्चिम बंगाल के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई गति देने केलिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं। उन्होंने बतायाकि सड़क एवं राजमार्ग, रेलवे, मेट्रो, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, कोयला तथा श्रम क्षेत्रों से संबंधित 82,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 19 महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की गई है। इन परियोजनाओं के क्रियांवयन में आ रही भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन, यूटिलिटी शिफ्टिंग, वन स्वीकृतियों, राइट ऑफ वे तथा विभिन्न विभागों केबीच समन्वय से जुड़ी लंबित समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई है। उन्होंने बतायाकि संबंधित मंत्रालयों, राज्य सरकार, जिला प्रशासन और कार्यांवयन एजेंसियों को स्पष्ट दिशा निर्देश देते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया गया है। उन्होंने कहाकि वर्षों से लंबित परियोजनाओं की बाधाएं दूर कर उन्हें नई गति और दिशा दी जा रही है, ताकि उनका लाभ शीघ्र जनता तक पहुंच सके।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहाकि अवसंरचना परियोजनाएं आर्थिक विकास, बेहतर संपर्क, रोज़गार सृजन और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार का आधार हैं। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से बेहतर समन्वय के साथ समयबद्ध निर्णय लेने का आह्वान किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल में राज्यस्तरीय प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप के गठन का सुझाव दिया। उन्होंने कहाकि इससे परियोजनाओं की निगरानी मजबूत होगी, विभागों के बीच समन्वय बढ़ेगा तथा केंद्र और राज्य सरकार की विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में और तेजी आएगी। उन्होंने ग्रामीण विकास का जिक्र करते हुए बतायाकि केंद्र सरकार ने बंगाल केलिए 8,508 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है, राज्य सरकार के हिस्से केसाथ कुल संसाधन 12,064 करोड़ से ऊपर होंगे जो 31 मार्च तक पंचायतों के माध्यम से सीधे रोजगार देने और गांवों के संपूर्ण विकास केलिए गांवों में जाएंगे। उन्होंने कहाकि अब लक्ष्य सिर्फ 100 दिन का नहीं सवा सौ दिन का रोज़गार है, ताकि ग्रामीण परिवारों की आमदनी सुरक्षित रहे और किसी प्राकृतिक आपदा या स्थानीय संकट की स्थिति में प्रशासन अतिरिक्त काम और मदद दे सके।
शिवराज सिंह चौहान ने वीबी जी रामजी अधिनियम का उल्लेख किया जो 1 जुलाई से लागू होकर ग्रामीण रोज़गार और आजीविका केलिए नया राष्ट्रीय फ्रेमवर्क दे रहा है। उन्होंने कहाकि बंगाल में भी इसके तहत टिकाऊ परिसंपत्तियों-सड़क, तालाब, छोटे सिंचाई ढांचे, स्कूल-आंगनबाड़ी भवन पर खास ध्यान रहेगा। शिवराज चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में बंगाल केलिए 1 लाख मकानों की अंतरिम स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहाकि भारी बारिश की वजह से लाभार्थी सर्वे का काम तय समय तक पूरा नहीं हो पाया है, इसलिए सर्वे की समय सीमा बढ़ाकर 15 अगस्त की गई है, ताकि पात्र परिवारों की सही पहचान हो सके और कोई वंचित न रहे। शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिएकि सर्वे और फिजिकल वेरिफिकेशन दोनों काम साथ-साथ तेज़ी से चलते रहें और जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी हो, मकान आवंटन में देरी न हो, ताकि गरीबों के सिर पर जल्द से जल्द पक्की छत हो सके।
दीनदयाल अंत्योदय योजना में पश्चिम बंगाल के महिला स्वयं सहायता समूहों केलिए वित्तीय मजबूती की घोषणा करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इन्हें 245 करोड़ रुपये का बैंक लोन और 50 करोड़ रुपये का कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड दिया जा रहा है। उन्होंने कहाकि बंगाल की ग्रामीण महिलाएं बचत, क्रेडिट और छोटे मध्यम उद्यमों के ज़रिए परिवार की अर्थव्यवस्था बदल रही है और यह वित्तीय समर्थन उन्हें उत्पादन, प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग में नया भरोसा देगा। क्लीन प्लांट प्रोग्राम में देशभर में 9 क्लीन प्लांट सेंटर शुरू किए जाने की अपनी राष्ट्रीय घोषणा के संदर्भ में केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहाकि मालदा जैसे फल समृद्ध क्षेत्रों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। मालदा क्लीन प्लांट/ ग्रीन प्लांट सुविधा का उद्देश्य आम, लीची और अन्य फलों के लिए रोगमुक्त, उच्च गुणवत्ता वाले पौधे तैयार करना है, ताकि किसानों को बेहतर पौध, अच्छी पैदावार और निर्यात गुणवत्ता के फल मिल सकें। उन्होंने बताया कि क्लीन प्लांट प्रोग्राम में आधुनिक नर्सरी सिस्टम बनाया जा रहा है, जिसमें बड़ी नर्सरी को 3 करोड़ रुपये और मध्यम नर्सरी को 1.5 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जाएगी, ताकि हर साल करोड़ों क्लीन प्लांट किसानों तक पहुंच सकें।
शिवराज सिंह चौहान ने पश्चिम बंगाल के राइस बाउल क्षेत्रों में पोषण संवर्धन, वैल्यू चेन विकास और प्रोसेसिंग सुविधाओं केलिए विशेष प्रोजेक्ट को मंजूरी देने की जानकारी भी दी। इन प्रोजेक्ट्स में पोषणयुक्त धान, मक्का बीज उत्पादन, स्टोरेज प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर काम होगा, ताकि किसानों को ज्यादा दाम और स्थिर बाजार मिल सके। उन्होंने कहाकि बंगाल को पूर्वी भारत का सीड हब बनाया जाएगा, आलू बीज, हाइब्रिड मक्का बीज और अन्य फसलों के बीज उत्पादन केलिए बंगाल सरकार केसाथ एमओयू साइन किए गए हैं। उन्होंने बतायाकि ऑर्किड और बागवानी केलिए प्रोजेक्ट्स स्वीकृत हैं, जिससे विशेष जलवायु वाले इलाकों में फूलों और उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती से किसानों की आमदनी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि आईसीएआर, राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों और वैज्ञानिकों केसाथ मिलकर बंगाल केलिए एक वैज्ञानिक एग्रीकल्चर रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसमें एग्रो क्लाइमेटिक कंडिशंस, मिट्टी, पानी और स्थानीय संसाधनों की स्थिति के आधार पर कौनसी फसल कहां, किस तकनीक से और किस वैल्यू चेन मॉडल केसाथ लगानी है, इसका विस्तार से खाका तैयार होगा। उन्होंने यह भी कहाकि चावल अनुसंधान केंद्रों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूपमें विकसित करने पर काम हो रहा है, ताकि पश्चिम बंगाल धान, आलू और मक्का जैसे क्षेत्रों में रिसर्च ड्रिवन उत्पादन का मॉडल बन सके।
शिवराज सिंह चौहान ने कहाकि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बंगाल के किसानों को बड़े पैमाने पर जोड़ा जाएगा, ताकि कोई भी किसान प्राकृतिक आपदा या फसल खराब होने पर बिना सुरक्षा के न रहे। उन्होंने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड अभी तक सीमित किसानों तक था, इसलिए नाबार्ड और बैंकों के सहयोग से गांव-गांव कैंप लगाकर केसीसी बनाए जाएंगे, ताकि किसानों को सस्ता संस्थागत ऋण मिल सके और साहूकारों पर निर्भरता खत्म हो। उन्होंने जानकारी दीकि बंगाल में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, पीएम धनधान्य कृषि योजना, डिजिटल एग्रीटेक और पोषण संवर्धन जैसे कार्यक्रमों से पूरा कृषि परिदृश्य बदलने वाला है। उन्होंने कहाकि पहले बंगाल का विकास रुका था, आत्मा रोती थी, लेकिन अब सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘विकसित पश्चिम बंगाल’ की यात्रा शुरू हो चुकी है, केंद्र सरकार कदम से कदम और कंधे से कंधा मिलाकर राज्य केसाथ काम करेगी, ताकि बंगाल प्रगति और विकास में देश में नंबर वन बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़े।

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