लखनऊ में कई राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास
लखनऊ के शहीद पथ पर होगा 23 किलोमीटर मल्टीलेयर कॉरिडोरस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Tuesday 14 July 2026 02:13:17 PM
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय सड़क अवसंरचना को तेजगति देते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने संयुक्त रूपसे ₹4,850 करोड़ से अधिक की लागत वाली लगभग 95 किलोमीटर लंबी तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें कानपुर-लखनऊ 6-लेन एक्सप्रेसवे (NE-6), हरदोई-लखनऊ सीमा से लखनऊ रिंग रोड तक 4-लेन निर्माण (NH-731, पैकेज-4) का लोकार्पण एवं इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे (NH-24A) पर 4-लेन फ्लाईओवर का शिलान्यास प्रमुख है। राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस अवसर पर कहाकि आनेवाले दो वर्ष में उत्तर प्रदेश में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा और इसकी शुरूआत दिसम्बर 2026 से पहले हो जाएगी।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहाकि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से प्रदेश में विश्वस्तरीय सड़क अवसंरचना विकसित होगी, आवागमन सुगम बनेगा, औद्योगिक, आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। नितिन गडकरी ने कहाकि उत्तर प्रदेश में लगभग 1.23 लाख करोड़ रुपये की लागत से आठ ग्रीन एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। नितिन गडकरी ने कहाकि लखनऊ के शहीद पथ पर 23 किलोमीटर लंबे विश्वस्तरीय मल्टीलेयर कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बतायाकि इस परियोजना केतहत दो फ्लाईओवर, मेट्रो और मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम को एकीकृत किया जाएगा, जिससे राजधानी में यातायात अधिक सुगम, तेज और आधुनिक बनेगा, शहरी परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। नितिन गडकरी ने कहाकि किसीभी देश के विकास की मजबूत नींव उसके इंफ्रास्ट्रक्चर जल, ऊर्जा, परिवहन और संचार पर आधारित होती है।
सड़क परिवहन मंत्री ने कहाकि सुदृढ़ अवसंरचना से व्यापार, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है, इससे पूंजी निवेश बढ़ता है, निवेश में वृद्धि केसाथ बड़े पैमाने पर रोज़गार सृजित होते हैं और रोज़गार से ग़रीबी, भूखमरी तथा बेरोजगारी जैसी समस्याओं को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सकता है। नितिन गडकरी ने कहाकि लगभग 1,750 करोड़ रुपये की लागत से आनंदनगर-महाराजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहाकि इस परियोजना के पूरा होने से श्रावस्ती आनेवाले बौद्ध श्रद्धालुओं केलिए लुंबिनी (नेपाल) तककी यात्रा अधिक सुगम और सुविधाजनक होगी। इससे भारत-नेपाल केबीच सड़क संपर्क मजबूत होगा, क्षेत्रमें पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। लोकार्पित कानपुर-लखनऊ 6-लेन एक्सप्रेसवे लगभग 63 किलोमीटर लंबा है, जिसपर लगभग ₹4,200 करोड़ की लागत आई है। इसके संचालन से कानपुर और लखनऊ केबीच यात्रा समय लगभग तीन घंटे से घटकर मात्र 40 मिनट रह जाएगा, इससे यात्रियों के समय एवं ईंधन की बचत होगी, प्रदूषण में कमी आएगी तथा मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात का दबाव भी कम होगा।
कानपुर-लखनऊ 6-लेन एक्सप्रेसवे आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों पर निर्मित है, इस एक्सप्रेसवे में 3 इंटरचेंज, 2 फ्लाईओवर, 1 रोड ओवर ब्रिज, 4 प्रमुख पुल, 25 लघु पुल, 12 व्हीक्युलर अंडरपास, 14 लाइट व्हीक्युलर अंडरपास, 11 पैदल अंडरपास तथा यात्रियों की सुविधा केलिए 2 रेस्ट एरिया विकसित किए गए हैं। बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था, 90 बॉक्स कलवर्ट एवं लगभग 1.47 लाख वर्गमीटर आरएस वॉल का निर्माण भी किया गया है। सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने केलिए एक्सप्रेसवे को अत्याधुनिक इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से सुसज्जित किया गया है, इसके अंतर्गत 21 वैरिएबल मैसेज साइन, 63 PTZ कैमरे, 27 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम, 62 इमरजेंसी कॉल बॉक्स, 6 स्पीड मेजरमेंट रडार, 9 स्टेटिक वे-ब्रिज स्थापित किए गए हैं। यह एक्सप्रेसवे किसानों को कृषि उत्पादों की शीघ्र ढुलाई, उद्योगों को तेज परिवहन सुविधा, नागरिकों को शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराएगा। इसके आसपास वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक इकाइयों, पर्यटन एवं आवासीय विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे रोज़गार अवसर सृजित होंगे। दूसरी लोकार्पित परियोजना के अंतर्गत हरदोई-लखनऊ सीमा से लखनऊ रिंग रोड तक लगभग 32 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग का 4-लेन चौड़ीकरण लगभग ₹541 करोड़ की लागत से किया गया है।
सड़क राजमार्ग परियोजना से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी, विश्वप्रसिद्ध मलिहाबाद आम क्षेत्र के किसानों को अपने उत्पाद देश-विदेश के बाजारों तक कम समय में पहुंचाने में सुविधा होगी, उनकी आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी, बेहतर यातायात व्यवस्था के कारण वाहनों का ठहराव कम होगा, ईंधन की खपत घटेगी तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। लखनऊ एवं हरदोई केबीच ट्रैफिक जाम में कमी आने केसाथ सीतापुर रोड, मोहन रोड, हरदोई रोड, आसपास के प्रमुख मार्गों की कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी। इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर लगभग 1 किलोमीटर लंबे 4-लेन फ्लाईओवर का भी शिलान्यास किया गया। लगभग ₹109 करोड़ की लागत से बनने वाली यह परियोजना इंजीनियरिंग, मेडिकल एवं लॉ कॉलेज सहित विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक संस्थानों तक आवागमन को अधिक तेज एवं सुविधाजनक बनाएगी। सीतापुर रोड, फैज़ाबाद रोड, जानकीपुरम, अलीगंज, कुर्सी रोड, विकास नगर, टेढ़ी पुलिया एवं खुर्रम नगर जैसे प्रमुख क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। सुचारु यातायात से वाहनों के ठहराव में कमी आएगी, ईंधन की बचत होगी तथा कार्बन उत्सर्जन कम होगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण केसाथ नागरिकों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन का लाभ मिलेगा।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण उत्तर प्रदेश में आधुनिक, सुरक्षित एवं उच्च क्षमता वाली सड़क अवसंरचना के विकास केलिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। आशा व्यक्त की गई हैकि इन परियोजनाओं से प्रदेश में राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और अधिक सुदृढ़ होगी, यातायात व्यवस्था बेहतर बनेगी, व्यापार, उद्योग, कृषि, पर्यटन एवं लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इनके पूर्ण होने से प्रदेश में यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी। यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, ईंधन की बचत होगी, यातायात सुगम बनेगा तथा शिक्षा, कृषि, व्यापार, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों को नई गति मिलेगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ये परियोजनाएं प्रदेश की आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति को नई दिशा प्रदान करेंगी।