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'दुनिया युवा भारत की युवा शक्ति से आकर्षित' ​

प्रधानमंत्री ने अजीत पवार के दुखद निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया

नई दिल्ली में एनसीसी पीएम रैली में कैडेट्स को प्रेरणाएं और सराहनाएं!

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Thursday 29 January 2026 02:31:51 PM

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करियाप्पा परेड ग्राउंड दिल्ली में वार्षिक एनसीसी पीएम रैली को संबोधित किया, जिसका विषय है-'राष्ट्र प्रथम-कर्तव्यनिष्ठ युवा', जो भारत के युवाओं में कर्तव्य, अनुशासन और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता की भावना को दर्शाता है। उन्होंने एनसीसी, एनएसएस कैडेटों, झांकी कलाकारों, राष्ट्रीय रंगशाला के साथियों और देशभर से आए युवा प्रतिभागियों का समन्वय प्रदर्शन देखा और सराहा। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत में महाराष्ट्र में हुए विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और उनके कुछ सहयोगियों के दुखद निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहाकि अजीत दादा ने महाराष्ट्र और राष्ट्र के विकास विशेष रूपसे ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने के कार्यों में अनुकरणीय योगदान दिया है। प्रधानमंत्री ने शोक और संवेदना के क्षणों केबीच उपस्थित एनसीसी कैडेटों, जिनमें मित्र देशों के कैडेट्स भी शामिल थे को शुभकामनाएं दीं और इसवर्ष बड़ी संख्या में छात्राओं की भागीदारी की प्रशंसा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि एनसीसी भारत के युवाओं को आत्मविश्वासी, अनुशासित, संवेदनशील और देश केप्रति समर्पित नागरिक बनाता है। उन्होंने कहाकि हाल के वर्ष में एनसीसी कैडेट्स की संख्या 14 लाख से बढ़कर 20 लाख हो गई है, जिसमें सीमावर्ती और तटीय क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री ने कहाकि एनसीसी एक ऐसा मंच है, जहां युवा गर्व केसाथ अपनी विरासत को जीते हैं। उन्होंने देशभर में धूमधाम से मनाए जा रहे वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने का उदाहरण दिया। उन्होंने जिक्र कियाकि कुछवर्ष पहले सरकार ने अंडमान और निकोबार के 21 द्वीपों का नाम परमवीरचक्र योद्धाओं के नाम पर रखा था और एनसीसी कैडेट्स ने परमवीर नौकायन सागर यात्रा के ज़रिए राष्ट्रीय नायकों को सम्मानित करने की भावना को आगे बढ़ाया। नरेंद्र मोदी ने कहाकि लक्षद्वीप में द्वीप उत्सव के ज़रिए कैडेटों ने समुद्र, संस्कृति और प्रकृति का एकसाथ जश्न मनाया। नरेंद्र मोदी ने कहाकि एनसीसी ने इतिहास को स्मारकों से लेकर सड़कों तक जीवंत कर दिया है, साइकिल रैली से बाजीराव पेशवा की वीरता, महान योद्धा लचित बोरफुकन के कौशल और भगवान बिरसा मुंडा के नेतृत्व को भी उजागर किया है, इससे देशभर में और खासतौर पर युवा पीढ़ी केबीच जनजागरुकता पैदा हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि यह युग भारत के युवाओं केलिए अवसरों का सबसे बड़ा युग है और सरकार यह सुनिश्चित करने केलिए प्रतिबद्ध हैकि युवा इसका सबसे ज्यादा लाभ उठाएं। उन्होंने इसके उदाहरण के तौरपर भारत यूरोपीय संघ केबीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते का ज़िक्र किया। उन्होंने कहाकि इससे पहले भारत ने ओमान, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, यूएई, ऑस्ट्रेलिया और मॉरीशस केसाथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, जो लाखों युवाओं केलिए अनगिनत अवसर पैदा कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी ने कहाकि दुनिया भारत के युवाओं पर बहुत भरोसा करती है, इसका कारण देश के युवाओं का कौशल और उनके मूल्य हैं। उन्होंने कहाकि भारतीय युवा लोकतंत्र, विविधता केप्रति सम्मान और विश्व को एक परिवार मानने जैसे मूल्यों को अपने साथ रखते हैं, इसलिए वे जहां भी जाते हैं, वहां के लोगों केसाथ आसानी से घुलमिल जाते हैं और उन देशों के विकास में योगदान देते हैं। प्रधानमंत्री ने कहाकि ये मूल्य भारत की संस्कृति और प्रकृति हैं, भारतीय युवा न केवल मेहनती हैं, बल्कि उत्कृष्ट पेशेवर भी हैं और यही वजह हैकि उनकी वैश्विक स्तर पर बहुत मांग है। प्रधानमंत्री ने बतायाकि खाड़ी देशों में लाखों भारतीय सालों से काम कर रहे हैं, भारतीय डॉक्टर और इंजीनियर कई देशों में उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा प्रणाली और बुनियादी ढांचा तैयार कर रहे हैं। उन्होंने यहभी याद दिलायाकि पूर्व में विदेशों में गए भारतीय शिक्षकों ने विश्वभर के समाजों में नए मूल्य जोड़े।
प्रधानमंत्री ने कहाकि वैश्विक स्तरपर भारतीय युवाओं के वैश्विक योगदान केसाथ देश के भीतर उनकी उपलब्धियों की भी सराहना हो रही है, इन्हीं की बदौलत भारत विश्वस्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी की रीढ़ बन गया है और अब उनकी ताकत स्टार्टअप, अंतरिक्ष, डिजिटल प्रौद्योगिकी और हर क्षेत्रमें क्रांति ला रही है। नरेंद्र मोदी ने जिक्र कियाकि यूरोपीय संघ केसाथ हालही में हुए मुक्त व्यापार समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है और इसे वैश्विक परिदृश्य में बदलाव लाने वाला बताया जा रहा है। उन्होंने कहाकि यह समझौता विश्व की एक चौथाई जीडीपी और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा है, वास्तव में भारत के युवाओं केलिए आकांक्षाओं को साकार करने की आज़ादी है। प्रधानमंत्री ने कहाकि 27 देशों केसाथ यह समझौता भारतीय स्टार्टअप्स को वित्तपोषण और नवाचार तंत्र तक आसान पहुंच प्रदान करके सहायता पहुंचाएगा, फिल्म, गेमिंग, फैशन, डिजिटल कंटेंट, संगीत और डिजाइन के क्षेत्रमें भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहाकि यह समझौता अनुसंधान, शिक्षा, आईटी और पेशेवर सेवाओं में भारतीय युवाओं केलिए नए अवसर पैदा करेगा। प्रधानमंत्री ने कहाकि समझौते से आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई रफ्तार मिलेगी, मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड के संकल्प को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने बतायाकि समझौते से भारत के 99 प्रतिशत से अधिक निर्यात पर शुल्क या तो शून्य होगा या बहुत कम होगा, जिससे कपड़ा, चमड़ा, रत्न और आभूषण, जूते, इंजीनियरिंग उत्पाद और लघु एवं मध्यम उद्यमों जैसे उद्योगों को लाभ होगा।
नरेंद्र मोदी ने कहाकि बुनकरों, कारीगरों और लघु उद्यमियों को 27 यूरोपीय देशों के विशाल बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी, भारत में अधिक निवेश आएगा, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन, फार्मा और अन्य विनिर्माण क्षेत्रों में नए संयंत्र स्थापित होंगे, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और मत्स्यपालन केलिए बाजार तैयार होंगे, जो किसानों, मछुआरों और ग्रामीण युवाओं केलिए एक बड़ा अवसर होगा। नरेंद्र मोदी ने कहाकि समझौता भारत के युवाओं को यूरोप के रोज़गार बाजार से सीधे जोड़ता है, जिससे इंजीनियरिंग, हरित प्रौद्योगिकी, डिजाइन, रसद और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में अवसर पैदा होते हैं। उन्होंने कहाकि सरकार व्यापक सुधार व वैश्विक अवसरों का विस्तार कर रही है। ऑपरेशन सिंदूर वाली झांकी की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा के उन नाजुक क्षणों में एनसीसी कैडेटों के प्रयासों की विशेष रूपसे प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने कहाकि एनसीसी प्रशिक्षण केवल परेड ग्राउंड तकही सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र सर्वोपरि की भावना को भी विकसित करता है, जो कैडेटों को मुश्किल वक्त में भी देश केलिए पूरी शक्ति से काम करने केलिए प्रेरित करता है। उन्होंने याद दिलायाकि एनसीसी में रहते हुए स्वयं उनकी भी राष्ट्र सर्वोपरि की भावना मजबूत हुई थी और कैडेट्स को भी उन्हीं मूल्यों को सीखते हुए देखकर संतोष व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने कहाकि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की शक्ति और सशस्त्रबलों के शौर्य को पुनः स्थापित किया है, इस दौरान स्वदेशी हथियारों की प्रगति को भी प्रदर्शित किया है। उन्होंने कहाकि आधुनिक युद्ध में युवाओं के कौशल की भूमिका में काफी तब्दीलियां आईं है, क्योंकि अब युद्ध केवल टैंकों और तोपों से ही नहीं, बल्कि कोड और क्लाउड के ज़रिए भी लड़े जाते हैं। उन्होंने चेतायाकि प्रौद्योगिकी में पिछड़े राष्ट्र न केवल अर्थव्यवस्था, बल्कि सुरक्षा के लिहाज़ से भी कमजोर होते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि 25 जनवरी को देश ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया और यह दिवस संविधान में दिए गए उत्तरदायित्व और अधिकारों का उत्सव है। उन्होंने कहाकि भारत में विश्व में सबसे अधिक युवा मतदाता हैं, जब यहांका युवा नागरिक 18 वर्ष के हो जाता है और मतदान के योग्य हो जाता है तो उसे देश के भविष्य को आकार देने की शक्ति मिलती है। नरेंद्र मोदी ने देश में एक नई परंपरा शुरू करने का आह्वान किया और प्रस्ताव दियाकि एनसीसी, एनएसएस और माय यंग इंडिया संगठन हर साल 25 जनवरी को पहलीबार मतदान करने वाले मतदाताओं को सम्मानित करने केलिए भव्य कार्यक्रम आयोजित करें। उन्होंने विश्वास जतायाकि इससे युवाओं में उत्तरदायित्व की भावना मजबूत होगी एवं लोकतंत्र भी और मज़बूत होगा। उन्होंने कहाकि एक विकसित भारत केवल आर्थिक समृद्धि तकही सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने नागरिकों के आचरण पर भी निर्भर करता है, जिन्हें अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने प्रत्येक युवा से अपील कीकि वे प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक घंटा स्वच्छता अभियान केलिए समर्पित करें और किसी चुने हुए स्थान पर कोई गतिविधि आयोजित करें। प्रधानमंत्री ने कहाकि उन्हें यह जानकर खुशी हुईकि एक पेड़ मां के नाम अभियान केतहत एनसीसी ने लगभग 8 लाख पेड़ लगाए हैं और इन पेड़ों का अच्छे से विकास सुनिश्चित करना भी हमारा कर्तव्य है।
प्रधानमंत्री ने यह बताते हुएकि युवा शक्ति की सबसे बड़ी परीक्षा यह हैकि आनेवाले समय में हम कितने अधिक स्वस्थ होंगे कहाकि फिटनेस कुछ मिनटों के व्यायाम तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह हमारे स्वभाव का हिस्सा बन जानी चाहिए, जिसमें खानपान से लेकर दैनिक दिनचर्या तक अनुशासित जीवनशैली शामिल हो। प्रधानमंत्री ने इस बातपर खुशी जताईकि एनसीसी कैडेट्स फिट इंडिया अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं और खेलों में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने युवाओं में बढ़ रहे मोटापे का मुद्दा उठाया और उन अध्ययनों का हवाला दिया, जिनमें बताया गया हैकि भारत में हर तीन में से एक व्यक्ति भविष्य में मोटापे का शिकार हो सकता है। मोटापे से मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और युवा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित होता है। उन्होंने सतर्क किया और तेल का सेवन कम से कम करने का आग्रह किया, साथही भोजन में तेल की खपत को 10 प्रतिशत तक कम करने की अपनी पिछली अपील को भी दोहराया। नरेंद्र मोदी ने कहाकि एनसीसी न केवल मार्चिंग करना सिखाती है, बल्कि नागरिकों के रूपमें जिम्मेदारी की भावना भी पैदा करती है, जिससे कैडेट बेहतर नागरिक बनते हैं और गणतंत्र दिवस समारोह के अनुभव उनके व्यक्तित्व को और निखारते हैं। कार्यक्रम में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, डॉ मनसुख मांडविया और संजय सेठ भी उपस्थित थे।

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