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'युवा बहादुर व समर्पित एनसीसी कैडेट्स से प्रेरणा लें'

एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर में रक्षामंत्री का कैडेट्स को प्रेरक संबोधन

कर्तव्यनिष्ठ कैडेट्स को रक्षामंत्री पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 24 January 2026 04:48:59 PM

defence minister delivers inspiring address to cadets at ncc republic day camp

नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा हैकि दुनिया अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है और हमारे युवाओं को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूपसे मजबूत और हर चुनौती का सामना करने केलिए तैयार रहना चाहिए। राजनाथ सिंह ने युवाओं से कहाकि वे उन बहादुर और समर्पित एनसीसी कैडेटों से प्रेरणा लें, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देशभर में आयोजित मॉकड्रिल में जन जागरुकता बढ़ाकर अनुकरणीय भूमिका निभाई। रक्षामंत्री आज दिल्ली कैंट में एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर में कैडेटों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने एनसीसी कैडेट्स को राष्ट्र की दूसरी रक्षा पंक्ति बताया, जो विभिन्न परिस्थितियों में सशस्त्र सुरक्षा बलों का साथ देकर असाधारण रूपसे अपनी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जिक्र कियाकि भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान और पाकिस्‍तान के कब्‍जे वाले कश्‍मीर (पीओके) में आतंकवादियों और उनके ठिकानों को नष्ट कर दिया, यह पहलगाम में हुए दुर्भाग्यपूर्ण और कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले का मुंहतोड़ जवाब था।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहाकि हमारे सैनिकों ने साहस और संयम से काम लिया, हमने केवल उन्हीं को निशाना बनाया और नष्ट किया, जिन्होंने हमें नुकसान पहुंचाया, यह इसलिए संभव हुआ, क्योंकि वे शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूपसे मजबूत हैं। रक्षामंत्री ने युवाओं को महाभारत के अभिमन्यु के समान बताया, जो किसीभी प्रकार के चक्रव्यूह में प्रवेश कर विजयी होने का ज्ञान रखते हैं। उन्होंने युवाओं से नरेंद्र मोदी सरकार के 2047 तक देश को विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को साकार करने में योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहाकि हम अब ऐसे दौर में प्रवेश कर चुके हैं, जहां उनसे अपेक्षाएं बढ़ गई हैं, वे राष्ट्र की अमूल्य संपत्ति हैं और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की जिम्मेदारी उन्हीं पर है। राजनाथ सिंह ने एनसीसी को युवाओं के विकास का एक उत्कृष्ट माध्यम बताया, जो राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देते हैं। उन्होंने कहाकि आज दुनियाभर में वीडियो गेम, फूड डिलीवरी और ऐसीही अन्य चीजें मानव जीवन को आराम देने केलिए हैं, परेड, ड्रिल और शिविरों से एनसीसी आपको उस आराम क्षेत्र से बाहर निकलने में मदद करती है, जिससे कैडेट मानसिक रूपसे मजबूत बनता है, इसके अलावा बच्चे कई जीवन कौशल सीखते हैं, जो आपदाओं के दौरान खुदको और दूसरों को बचाने में उनकी मदद कर सकते हैं।
रक्षामंत्री ने कहाकि एनसीसी कैडेटों में अनुशासन और देशभक्ति की भावना पैदा करती है और उन्हें ध्यान भटकने की समस्या से उबरने में मदद करती है। उन्होंने कहाकि आज के दौरमें जब लोग हर चीज तुरंत हासिल करना चाहते हैं, एनसीसी धैर्य निरंतरता और एकाग्रता सिखाती है, जो जीवन की बड़ी चुनौतियों, राष्ट्र केप्रति महान जिम्मेदारियों और चरित्र निर्माण केलिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहाकि यह एकाग्रता उनके जीवन के हर पहलू में झलकती है, चाहे वे सशस्त्र बलों में शामिल हों या डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, वैज्ञानिक, प्रशासक, राजनेता आदि बनें। रक्षामंत्री ने कैडेटों को अपने प्रेरक संबोधन में जीवन में केवल एकही लक्ष्‍य नहीं, बल्कि दूसरे विकल्‍पों के महत्व के बारेमें समझाते हुए कहाकि जब केवल एक ही विकल्‍प होता है और वह कारगर नहीं होता तो भय और निराशा उत्पन्न होती है, लेकिन प्लान बी और प्लान सी तैयार रहने पर स्थिति नियंत्रण में आ जाती है। उन्होंने कैडेटों से कहाकि उनको हमेशा प्लान बी केसाथ तैयार रहना चाहिए और याद रखना चाहिएकि अगर आज बारिश होती है तो कल धूप जरूर निकलेगी। उन्होंने कहाकि कि जीवन में सफलता प्राप्त करने केलिए 'मेरा तरीका या फिर कोई और रास्ता वाली’ सोच के बजाय 'सैन्य सोच' को हमेशा ध्यान में रखें।
रक्षामंत्री ने राष्ट्र निर्माण में एनसीसी की भूमिका पर कहाकि एनसीसी के माध्यम से प्रशिक्षित कई लोगों ने देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहाकि परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन मनोज पांडे और कैप्टन विक्रम बत्रा एनसीसी कैडेट थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वे भी एनसीसी कैडेट रह चुके हैं, कई और गणमान्य एनसीसी से स्नातक होकर देश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं। उन्होंने कहाकि वर्ष 1965 और 1971 के युद्ध के दौरान एनसीसी कैडेटों को रक्षा की दूसरी पंक्ति के रूप में तैनात किया गया था, यह हर क्षेत्रमें एनसीसी की निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहाकि 26 जनवरी को देश अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा, यह दिन लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों केप्रति देश के संकल्प को मजबूत करने का स्मरण दिलाता है। उन्होंने कहाकि संविधान केवल एक पाठ नहीं है, बल्कि हमारे सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और अन्य अधिकारों एवं कर्तव्यों को सुदृढ़ करने का साधन है। उन्होंने कहाकि हमें उस प्रकार का राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए जैसा हमारा संविधान हमसे चाहता है, हमें अपने संविधान को समझना चाहिए और हमें प्रदत्त कर्तव्यों और अधिकारों का निर्वाह करना चाहिए एवं हमारे एनसीसी कैडेट इस अभियान में ध्वजवाहक की भूमिका निभा सकते हैं।
एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर के अंतर्गत दीक्षांत समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें कैडेटों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और कर्तव्यनिष्ठा केलिए रक्षामंत्री ने रक्षामंत्री पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। इसवर्ष रक्षामंत्री पदक जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख निदेशालय की कैडेट अर्पुन दीप कौर और पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम निदेशालय के कैडेट पाल्डेन लेपचा को प्रदान किया गया। प्रशस्तिपत्र कर्नाटक एवं गोवा निदेशालय की पेटी ऑफिसर लीशा देजप्पा सुवर्णा, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ निदेशालय के जूनियर अंडर ऑफिसर पवन भगेल, उत्तर पूर्वी क्षेत्र निदेशालय की कॉर्पोरल राधा दोरजी और उत्तराखंड निदेशालय के कैडेट प्रिंस सिंह राणा को प्रदान किए गए। रक्षामंत्री ने एनसीसी कैडेट्स के शानदार 'गार्ड ऑफ ऑनर' का निरीक्षण किया। यहां सिंधिया स्कूल ग्वालियर (मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ निदेशालय) के एनसीसी कैडेटों की असाधारण बैंड प्रस्तुति भी एक आकर्षण था। राजनाथ सिंह ने सामाजिक जागरुकता विषयों पर आधारित 17 निदेशालयों के कैडेटों के 'ध्वज क्षेत्र' का दौरा किया। उन्होंने कैडेटों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को देखा। इस अवसर पर एनसीसी महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स, एनसीसी और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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