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भारत-यूएई की द्विपक्षीय साझेदारी निरंतर मजबूत!

नरेंद्र मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख नाहयान का गले लगाकर किया स्वागत

आतंकवाद सहित क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर किया गहन विमर्श व कई करार

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Tuesday 20 January 2026 03:58:02 PM

uae president sheikh nahyan and pm narendra modi

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आए संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की नई दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचकर अगवानी करते हुए प्रधानमंत्री ने बड़ी गर्मजोशी से उन्हें गले लगाकर उनका स्वागत किया। बीते दस वर्ष में शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की यह पांचवीं और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति के रूपमें यह उनकी तीसरी आधिकारिक भारत यात्रा थी। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान केबीच इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। दोनों राजनेताओं ने दोनों देशों केबीच द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की और मानाकि भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी बीते दशक में निरंतर और मजबूत हुई है। दोनों राजताओं ने इन दो वर्ष में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, दुबई के क्राउन प्रिंस, संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की यात्राओं का उल्लेख करते हुए इसे द्विपक्षीय संबंधों की पीढ़ीगत निरंतरता का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने सितंबर 2025 में निवेश पर 13वीं उच्चस्तरीय टास्क फोर्स के परिणामों, दिसंबर 2025 में 16वीं भारत-यूएई संयुक्त आयोग की बैठक और 5वें रणनीतिक संवाद के निष्कर्षों का समर्थन किया। दोनों राजनेताओं ने 2022 में व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर केबाद से व्यापार और आर्थिक सहयोग में हुई वृद्धि का स्वागत किया और द्विपक्षीय व्यापार में तीव्र प्रगति को रेखांकित किया, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 में 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। भारत यूएई के व्यापारिक समुदायों के उत्साह से प्रोत्साहित होकर उन्होंने 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुनाकर 200 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने अपनी टीमों को दोनों देशों के सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यमों को एकदूसरे से जोड़ने के निर्देश दिए एवं मध्य पूर्व, पश्चिम एशिया, अफ्रीका और यूरेशिया क्षेत्रमें एमएसएमई उत्पादों को बढ़ावा देने केलिए भारत मार्ट, वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर और भारत-अफ्रीका सेतु जैसी प्रमुख पहलों के त्वरित कार्यांवयन का आह्वान किया।
दोनों राजनेताओं ने संतोष व्यक्त कियाकि 2024 में हस्ताक्षरित द्विपक्षीय निवेश संधि ने दोनों देशों के कई क्षेत्रों में निवेश प्रवाह को और तेज किया है। उन्होंने गुजरात के धोलेरा में स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन के विकास केलिए यूएई की संभावित भागीदारी पर चर्चा का स्वागत किया, इसमें अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, पायलट प्रशिक्षण स्कूल, मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल सुविधा, ग्रीनफील्ड पोर्ट, स्मार्ट अर्बन टाउनशिप, रेलवे कनेक्टिविटी और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर सहित प्रमुख रणनीतिक बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है। प्रधानमंत्री ने यूएई के सॉवरेन वेल्थ फंड्स को 2026 में लॉंच होनेवाले दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में भागीदारी केलिए आमंत्रित किया। दोनों राजनेताओं ने गिफ्ट सिटी में डीपी वर्ल्ड और फर्स्ट अबू धाबी बैंक की शाखाओं की स्थापना का स्वागत किया, जो एक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूपमें इसके उदय को सुदृढ़ करता है, एफएबी की गिफ्ट सिटी शाखा एक महत्वपूर्ण सेतु के रूपमें कार्य करेगी, जो भारतीय कॉर्पोरेट्स, निवेशकों को जीसीसी और एमईएनए बाजारों में अपनी विशेषज्ञता एवं वैश्विक नेटवर्क से जोड़ेगी। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने खाद्य सुरक्षा के क्षेत्रमें भारत-यूएई सहयोग को बढ़ावा देने केलिए प्रतिबद्धता दोहराई और सतत आपूर्ति श्रृंखला व दीर्घकालिक मजबूती के रणनीतिक महत्व को स्वीकार किया।
नरेंद्र मोदी और शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने दोनों देशों की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप सतत कृषि और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा को बेहतर बनाने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी, नवाचार और ज्ञान के आदान प्रदान पर बल दिया। दोनों राजनेताओं ने अंतरिक्ष क्षेत्रमें सहयोग को और गहरा करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकियों की उन्नति से इस क्षेत्रके कमर्शियलाइज़ेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक संयुक्त पहल पर बनी सहमति का स्वागत किया। इसका लक्ष्य एंड-टू-एंड इंफ्रास्ट्रक्चर और एक मजबूत औद्योगिक आधार केसाथ एक इंटीग्रेटेड स्पेस इकोसिस्टम तैयार करना है, भारत-यूएई संयुक्त मिशनों को सक्षम बनाना, ग्लोबल कमर्शियल सेवाओं का विस्तार करना, उच्चकुशल रोज़गार और स्टार्टअप के अवसर पैदा करना और सतत व्यावसायिक मॉडल के जरिए द्विपक्षीय निवेश को मजबूत करना है। दोनों राजनेताओं ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विशेष रूपसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रोंमें सहयोग को और बढ़ाने का निर्णय लिया। उन्होंने भारत में डेटा सेंटर स्थापित करने में सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर भी सहमति व्यक्त की। दोनों राजनेताओं ने अपनी टीमों को आपसी संप्रभुता व्यवस्थाओं केतहत यूएई और भारत केबीच डिजिटल दूतावास स्थापित करने की संभावना तलाशने का निर्देश दिया।
शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने फरवरी 2026 में भारत में होनेवाले एआई इम्पैक्ट समिट केप्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। नरेंद्र मोदी और शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने द्विपक्षीय ऊर्जा साझेदारी की मजबूती पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और एडीएनओसी गैस केबीच 2028 से शुरू होने वाले 0.5 मिलियन टन प्रतिवर्ष लिक्विफाइड नेचुरल गैस की आपूर्ति केलिए 10 वर्षीय समझौते का स्वागत किया। प्रधानमंत्री और शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (शांति) कानून के अधिनियमन का भी स्वागत किया और उल्लेख कियाकि यह उन्नत नागरिक परमाणु सहयोग केलिए नए अवसर पैदा करता है। दोनों पक्ष उन्नत परमाणु प्रौद्योगिकियों में साझेदारी की संभावनाएं तलाशने पर सहमत हुए, जिसमें बड़े परमाणु रिएक्टरों और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स का विकास और परिनियोजन, उन्नत रिएक्टर प्रणालियों, परमाणु ऊर्जा संयंत्र संचालन और रखरखाव तथा परमाणु सुरक्षा में सहयोग शामिल है। दोनों राजनेताओं ने अपनी टीमों को नेशनल पेमेंट प्लेटफॉर्म को आपस में जोड़ने का निर्देश दिया, ताकि कुशल तीव्र और लागत प्रभावी क्रॉस बॉर्डर पेमेंट को सक्षम बनाया जा सके। नरेंद्र मोदी ने लोथल नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स केलिए कलाकृतियां प्रदान करने के संयुक्त अरब अमीरात के निर्णय का स्वागत किया।
दोनों राजनेताओं ने भारत-यूएई मित्रता के स्थायी प्रतीक के रूपमें अबूधाबी में एक हाउस ऑफ इंडिया स्थापित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने शिक्षा को भारत-यूएई साझेदारी की आधारशिला के रूपमें पहचाना। संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली और भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद के ऑफशोर कैंपस के खुलने की सफलता पर उन्होंने दोनों देशों के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों केबीच संबंधों और छात्र आदान प्रदान कार्यक्रम के विस्तार केलिए अधिक प्रयासों को प्रोत्साहित किया, जो दोनों देशों केबीच एक ज्ञान सेतु के रूपमें कार्य करेगा। इसमें स्कूलों और कॉलेजों में नवाचार और टिंकरिंग लैब के विस्तार में सहयोग भी शामिल होगा। दोनों राजनेताओं ने भारतीय शैक्षणिक डिग्रियों एवं दस्तावेजों के निर्बाध प्रमाणीकरण केलिए भारत के डिजीलॉकर को यूएई के प्लेटफार्मों केसाथ एकीकृत करने की सहमति का स्वागत किया, जिससे अधिक आर्थिक एवं शैक्षिक अवसरों और जीवन की सुगमता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने निरंतर और सुदृढ़ द्विपक्षीय रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के एक मुख्य स्तंभ के रूपमें स्वीकार किया। उन्होंने दोनों देशों की थलसेना, नौसेना और वायुसेना के संबंधित सर्विस चीफ और कमांडरों की हालिया यात्राओं व द्विपक्षीय सैन्य अभ्यासों का जिक्र किया।
पीएम नरेंद्र मोदी और शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने सीमापार आतंकवाद सहित सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद की स्पष्ट रूपसे निंदा की और कहाकि किसीभी देश को उन लोगों को सुरक्षित पनाहगाह प्रदान नहीं करनी चाहिए, जो आतंकवादी कृत्यों का वित्तपोषण, योजना, समर्थन या उन्हें अंजाम देते हैं। वे आतंकवादी वित्तपोषण का मुकाबला करने और मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी प्रयासों को मजबूत करने केलिए फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स के फ्रेमवर्क के तहत सहयोग जारी रखने पर सहमत हुए। दोनों नेताओं ने सितंबर 2023 में दिल्ली में हुए जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे के शुभारंभ का भी स्मरण किया। दोनों ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान प्रदान किया। उन्होंने क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता में अपने साझा हित को रेखांकित किया। यूएई ने 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की सफलता को पूर्ण समर्थन व्यक्त किया और भारत ने 2026 संयुक्तराष्ट्र जल सम्मेलन केलिए समर्थन दिया, जिसकी सह मेजबानी 2026 के अंत में यूएई करेगा। यह सम्मेलन एसडीजी 6 के कार्यांवयन में तेजी लाने, सभी केलिए पानी की उपलब्धता, स्वच्छता और स्थायी प्रबंधन सुनिश्चित करने पर केंद्रित होगा।
नरेंद्र मोदी और शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने पोलर साइंस में भारत-यूएई केबीच सहयोग पर प्रकाश डाला और संयुक्त अभियानों तथा संस्थागत सहयोग के सकारात्मक परिणामों को रेखांकित किया। दोनों पक्ष लक्षित वैज्ञानिक पहलों, कोऑर्डिनेटेड रिसर्च प्लानिंग और नेशनल पोलर रिसर्च संस्थानों केबीच मजबूत सहयोग के जरिए इस साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर सहमत हुए। उन्होंने कहाकि पोलर क्षेत्रों में निरंतर सहयोग साक्ष्य आधारित जलवायु कार्रवाई का समर्थन करेगा और वैश्विक वैज्ञानिक प्रयासों में योगदान देगा। राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने गर्मजोशी से भरे स्वागत और उदार आतिथ्य केलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया।

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