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भारत को यूनेस्को सूची में दर्ज विरासतों पर गर्व!

लालकिले में यूनेस्को की अंतर सरकारी समिति का 20वां सत्र शुरू

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यूनेस्को के प्रयासों की सराहना की

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Monday 8 December 2025 05:10:03 PM

20th session of unesco's intergovernmental committee begins at red fort

नई दिल्ली। संयुक्तराष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन ‘यूनेस्को’ की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा केलिए अंतर सरकारी समिति का 20वां सत्र लालकिला दिल्ली में शुरू हो चुका है। इस ऐतिहासिक सत्र के शुभारंभ पर विदेश मंत्री एस जयशंकर, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, यूनेस्को के महानिदेशक डॉ खालिद अल एनानी और यूनेस्को में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत विशाल वी शर्मा सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश पढ़ा, जिसमें उन्होंने यूनेस्को के प्रयासों की प्रशंसा की है और कहाकि भारत को यूनेस्को की सूची में दर्ज ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासतों पर गर्व है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांस्कृतिक विरासतों के सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने केलिए वैश्विक साझेदारों केसाथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। उन्होंने कहाकि हमें अपनी भाषाई विविधता, समृद्ध साहित्य और हमारे गांवों, कस्बों और समुदायों में पनप रही अनगिनत परंपराओं पर उतना ही गर्व है, जिनकी अपनी कहानी, इतिहास और मानवता केलिए अद्वितीय योगदान है। संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहाकि विरासत, स्मारकों और पांडुलिपियों से कहीं आगे बढ़कर है और यह भाषाओं, संगीत, त्योहारों, रीति-रिवाजों, शिल्प और मौखिक परंपराओं में बसती है। उन्होंने कहाकि भारत का सभ्यतागत मूल्य ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ आजभी उसकी सांस्कृतिक नीति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का मार्गदर्शन करता है। संस्कृति मंत्री ने कहाकि आज भारत की 15 विरासतें यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल हैं, जो देश की जीवंत और विविध जीवंत परंपराओं को दर्शाते हैं। विश्वस्तर पर यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में 150 देशों के 788 चीजें शामिल हैं, जो सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के पैमाने और तात्कालिकता को दर्शाता है।
गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहाकि समुदाय ही सांस्कृतिक विरासत के सच्चे संरक्षक हैं। उन्होंने शिल्प पुनरुद्धार, सामुदायिक अभिलेखीकरण, मास्टर अप्रेंटिस प्रशिक्षण मॉडल और कारीगरों केलिए बाजार आधारित आजीविका सहायता में भारत की पहलों पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्कूली पाठ्यक्रम, व्यावसायिक प्रशिक्षण, सांस्कृतिक फेलोशिप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं की अधिक भागीदारी का आह्वान किया, ताकि भावी पीढ़ियों केलिए परंपराओं की निरंतरता सुनिश्चित हो सके। केंद्रीय मंत्री ने विश्वास व्यक्त कियाकि समिति का 20वां सत्र वैश्विक सहयोग को मज़बूत करेगा और व्यावहारिक, समुदाय आधारित सुरक्षा उपायों को बढ़ावा देगा। उन्होंने भारत में यूनेस्को प्रतिनिधियों का स्वागत किया और दुनियाभर में अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन केलिए देश की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उद्घाटन समारोह केबाद प्रतिनिधियों ने शास्त्रीय, लोक और समकालीन परंपराओं को प्रदर्शित करती भारतीय कला प्रदर्शनी देखी। इन प्रस्तुतियों में सांस्कृतिक जीवंतता और विविधता झलक रही थी, जो भारत की जीवंत विरासत का मूल तत्व है।

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