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'घुसपैठियों को रोकना जरूरी, SIR में सहयोग करें'

सीमा सुरक्षा बल की हीरक जयंती पर गृहमंत्री की देशवासियों से अपील

'हम अपने देश से एकएक घुसपैठिये को चुन चुनकर बाहर निकालेंगे'

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 21 November 2025 05:47:39 PM

diamond jubilee of bsf

भुज (गुजरात)। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा हैकि बीएसफ देश की सभी सीमाओं पर घुसपैठ रोकने में जुटी है और घुसपैठ रोकना न केवल देश की सुरक्षा केलिए जरूरी है, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रदूषित होने से बचाने केलिए भी आवश्यक है। उन्होंने कहाकि मगर दुर्भाग्य की बात हैकि कुछ राजनीतिक दल ‘घुसपैठिया हटाओ’ के अभियान को कमजोर करने में लगे हैं। उन्होंने कहाकि वो राजनीतिक दल चुनाव आयोग की चलाई जा रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया केतहत मतदाता सूची शुद्धिकरण के कार्य का भी विरोध कर रहे हैं। अमित शाह ने कहाकि हमारा प्रण हैकि हम अपने देश से एकएक घुसपैठिये को चुन चुनकर बाहर निकालेंगे। अमित शाह ने कहाकि भारत में किसीभी राज्य का मुख्यमंत्री कौन बनेगा, देश का प्रधानमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला केवल और केवल भारत का नागरिक करेगा, किसी घुसपैठिए को यह अधिकार नहीं हैकि वह हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को दूषित करे और हमारे लोकतांत्रिक निर्णयों को प्रभावित करे।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि एसआईआर हमारे लोकतंत्र को घुसपैठियों से सुरक्षित करने और उसे और भी ज्यादा मजबूत बनाने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। उन्होंने देशवासियों से अपील कीकि वह इस प्रक्रिया का पूर्ण समर्थन करें। उन्होंने कहाकि बिहार की जनता का जनमत स्पष्ट संदेश हैकि देशवासी घुसपैठियों को किसीभी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। अमित शाह ने कहाकि राजनीतिक स्वार्थ केलिए एसआईआर का विरोध करने वाले राजनीतिक दलों को मेरा स्पष्ट कहना हैकि घुसपैठियों को देश से बाहर निकाला ही जाएगा। वे आज भुज में देश की सुरक्षा की प्रथम पंक्ति में तैनात सीमा सुरक्षा बल के हीरक जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। गृहमंत्री ने कहाकि पिछले छह वर्ष में सीमा सुरक्षा बल ने न केवल देश की जनता, बल्कि पूरे विश्व को यह मानने केलिए मजबूर किया हैकि जबतक बीएसएफ है, दुश्मन भारत की एक इंच भूमि पर नज़र नहीं डाल सकता। उन्होंने कहाकि सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने वीरता, दक्षता केसाथ और प्राणों की भी परवाह किए बगैर, अपने प्राणों की आहूति देकर फर्स्ट रेस्पोंडेंट होने की जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन किया और कर रहे हैं, जो देश के गृहमंत्री के तौरपर मेरे लिए बहुत गौरव और अभिमान की बात है।
अमित शाह ने कहाकि वह सीमा सुरक्षा बल के जवानों को बताना चाहते हैंकि न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री, बल्कि पूरा देश उनकी वीरता को सलाम करता है, उनकी दक्षता पर अटूट भरोसा करता है और देश की रक्षा करने के उनके अटूट संकल्प के कारण देश चैन की नींद सोता है। गृहमंत्री ने कहाकि सीमा सुरक्षा बल के 2013 बहादुर जवानों ने अबतक देश की सीमाओं को अखंड एवं सुरक्षित रखते हुए अपने प्राणों की सर्वोच्च आहुति दे दी है। उन्होंने कहाकि न केवल सीमा-रक्षा में, बल्कि संयुक्तराष्ट्र के अनेक शांति मिशनों में तथा देश के भीतर उत्पन्न कितनी ही आपात स्थितियों में, चाहे आतंकवाद का मुकाबला करना हो या चाहे नक्सलवाद के उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करना हो, बीएसएफ के जवानों ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने सदा कर्तव्य को सर्वोपरि मानते हुए आगे बढ़कर काम किया है। अमित शाह ने कहाकि इसीका परिणाम हैकि आज देश की पूर्वी तथा पश्चिमी सीमाएं अटल, अडिग और पूर्णतः सुरक्षित हैं, इसका सबसे बड़ा श्रेय बीएसएफ के वीर जवानों को जाता है। अमित शाह ने कहाकि कच्छ की यह वीर भूमि अदम्य साहस का प्रतीक है, सदियों से प्रतिकूल मौसम और परिस्थितियों के बावजूद कच्छवासियों ने जुझारूपन से इस क्षेत्र को संवारा और विकास की ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
गृहमंत्री ने कहाकि सातवें दशक से अबतक हुए हर आक्रमण का सबसे मजबूत प्रतिरोध कच्छ की जनता ने किया है, जिसका साक्षी पूरा देश है। अमित शाह ने कहाकि अनेक युद्धों में सेना और बीएसएफ केसाथ कदम से कदम मिलाकर कच्छ की जनता ने अभूतपूर्व भूमिका निभाई है। उन्होंने कहाकि यहां की वीरांगनाओं ने युद्ध के दौरान एयरस्ट्रिप की मरम्मत करके और उसे तुरंत चालू करके देश को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभाई है। गृहमंत्री ने कहाकि कच्छ की धरती ने शताब्दी का सबसे विकट भूकंप झेला है। उन्होंने कहाकि वह कई ऐसी जगहों पर गए हैं, जहां उन्हें दशकों बादभी भूकंप से हुई क्षति के निशान मिलते हैं। उन्होंने कहाकि वह गर्व से कहते हैंकि हमारे कच्छ की जनता के परिश्रम के कारण कच्छ न केवल भूकंप से उबरा है, बल्कि पहले से 100 गुना अधिक सुंदर और विकसित भी हुआ है, जो कच्छ की जनता की जिजीविषा का उदाहरण है। गृहमंत्री ने कहाकि 1 दिसम्बर 1965 को सीमा सुरक्षा बल की स्थापना के समय से ही यह बल सभी ऊंचाइयों को प्राप्त करने में सफल रहा है। उन्होंने कहाकि सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में बीएसएफ ही एकमात्र ऐसा बल है, जो थल जल और गगन, तीनों सीमाओं पर देश की सुरक्षा में समर्पित रहता है।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि चाहे हमारे देश की वायु सीमा हो, चाहे दुर्गम से दुर्गम भूमि सीमा हो और चाहे अनेक प्रकार की बाधाओं केबीच में जल सीमा हो, तीनों की सुरक्षा में बीएसएफ के जवान तैनात रहते हैं। अमित शाह ने कहाकि यह गर्व की बात हैकि आज 193 बटालियनों और 2.76 लाख से अधिक जवानों की ताकत केसाथ बीएसएफ पाकिस्तान से सटी 2279 किलोमीटर और बांग्लादेश से सटी 4096 किलोमीटर लंबी सीमा की पूरी सुरक्षा और निगरानी कर रही है। गृहमंत्री ने कहाकि आनेवाला एक साल बीएसएफ के पूर्ण आधुनिकीकरण को समर्पित होगा और उसके बादका एक साल हमारे वीर जवानों और उनके परिजनों के कल्याण को पूरी तरह समर्पित होगा, इस दौरान बीएसएफ और केंद्रीय गृह मंत्रालय अनेक योजनाओं केसाथ जवानों और उनके परिजन के कल्याण की दिशा में कदम उठाएगा। उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गृह मंत्रालय ने संकल्प लिया हैकि बीएसएफ को अगले पांच साल में विश्व का सबसे आधुनिक सीमा सुरक्षा बल बनाएंगे। उन्होंने कहाकि हम अनेक योजनाएं लाने वाले हैं, मुश्किल हालात में सीमा पर तैनात जवानों के परिजन को आश्वस्त करना चाहते हैंकि भारत सरकार आपके कल्याण में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
अमित शाह ने इस अवसर पर यहभी उल्लेख कियाकि पाकिस्तान प्रेरित आतंकवादियों ने पहलगाम में हमारे पर्यटकों पर कायराना हमला किया और धर्म पूछकर निर्ममता से उन्हें मारा। उन्होंने कहाकि इस हमले केबाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा, ऑपरेशन सिंदूर के जरिए हमने तो सीमित ही जवाब दिया, परन्तु पाकिस्तान ने आतंकवादियों पर हमारे हमले को खुदपर हमला मान लिया और जब पाकिस्तान की सेना हरकत में आई, तब बीएसएफ के जवानों ने उन्हें करारा जवाब देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहाकि कुछही दिनों में बीएसएफ और सेना के पराक्रम के कारण पाकिस्तान ने एकतरफा संधि की घोषणा की और इसके कारण पूरे विश्व में यह संदेश गयाकि भारत की सीमा और भारत के सुरक्षा बलों के साथ छेड़खानी नहीं करते, वरना नतीजे भुगतने पड़ते हैं। गृहमंत्री ने कहाकि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सेना ने जैश-ए-मौहम्मद, हिज़्बुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा के 9 स्थानों पर स्थापित मुख्यालय, ट्रेनिंग कैंप और उनके लॉंच पैड को नष्ट कर दिया। उन्होंने कहाकि इस ऑपरेशन का उद्देश्य आतंकवाद का खात्मा, हमारे नागरिकों की सुरक्षा और सीमावर्ती क्षेत्रकी सुरक्षा था। उन्होंने कहाकि इस दौरान हमारे सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज अहमद और सिपाही दीपक ने सर्वोच्च बलिदान दिया, अद्वितीय वीरता का परिचय दिया और वह उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
अमित शाह ने कहाकि नक्सल प्रभावित क्षेत्रोंमें भी बीएसएफ की अनेक उपलब्धियां हैं, हमारी सुरक्षा एजेंसियों के पराक्रम से देश 31 मार्च 2026 तक पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहाकि हमारा संकल्प हैकि हम 31 मार्च 2026 तक इस देश को नक्सल समस्या से हमेशा केलिए मुक्त करके हमारे आदिवासी भाईयों-बहनों के विकास का रास्ता प्रशस्त करेंगे। अमित शाह ने कहाकि हथियारबंद नक्सली ‘तिरुपति टू पशुपति’ तकके रेड कॉरिडोर का सपना देखते थे, लेकिन अब वह कॉरिडोर सुरक्षित भी होगा और उन क्षेत्रोंमें विकास भी सुनिश्चित होगा। गृहमंत्री ने कहाकि बीएसएफ ने छत्तीसगढ़ में 127 माओवादियों का आत्मसर्मपण कराया है, 73 माओवादियों को गिरफ्तार किया है और 22 माओंवादियों को बेअसर करने का काम किया है। गृहमंत्री ने कहाकि देश में नारकोटिक्स की घुसपैठ के खिलाफ भी बीएसएफ ने ढेर सारे अभियान चलाए हैं और बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने कहाकि बीएसएफ ने 2025 में अबतक 18 हजार किलोग्राम से अधिक ड्रग्स जब्त किए हैं, यह ऐतिहासिक उपलब्धि है।
गृहमंत्री ने कहाकि हमने सीमा पर फेंसिंग को अभेद्य बनाने का काम तेजी से किया है, आनेवाले दिनों में हम ‘ई-बॉर्डर सिक्योरिटी’ का नया कॉन्सेप्ट लेकर आ रहे हैं, इस क्रांतिकारी कॉन्सेप्ट को धरातल पर उतारने में बीएसएफ की सबसे बड़ी भूमिका है और इसका शुरुआती इनिशिएटिव भी बीएसएफ ने ही लिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त कियाकि अगले पांच वर्ष में हमारे देश की सम्पूर्ण भूसीमा ई-सुरक्षा के मजबूत घेरे में होगी। गृहमंत्री ने कहाकि देश की समुद्री सीमा को अभेद्य बनाने की दिशामें एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए गुजरात के ओखा में देश की पहली नेशनल एकेडमी फॉर कोस्टल पुलिसिंग की स्थापना की गई है, इसका संचालन और पूरा दायित्व बीएसएफ के कंधों पर है। उन्होंने कहाकि आनेवाले समय में यह एकेडमी हमारी मरीन पुलिस फोर्स को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण देगी और देश की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाएगी। अमित शाह ने सीमा सुरक्षा बल के जवानों को एक पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री (मरणोपरांत), आठ प्रेसिडेंट्स मेडल तथा जनरल चौधरी, महाराणा प्रताप और अश्‍विनी कुमार ट्रॉफियां प्रदान कीं। अमित शाह ने सीमा सुरक्षा बल के हीरक जयंती समारोह की स्मृति में डाक टिकट भी जारी किया, जो बल के स्वर्णमयी 60 साल के कार्यकाल को सदियों तक देश की स्मृति में रखेगा। इस अवसर पर गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी और बड़ी संख्या में बीएसएफ जवान उपस्थित थे।

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