स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Tuesday 26 August 2025 05:07:37 PM
नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गृह मंत्रालय के सीमा प्रबंधन विभाग की वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम पर दो दिवसीय कार्यशाला का नई दिल्ली में उद्घाटन किया। इस दौरान सभी सीमावर्ती गांव के जिला अधिकारी भी उपस्थित थे। गृहमंत्री ने उल्लेख कियाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सीमावर्ती गांवों से पलायन रोकने और यहां जनकल्याणकारी योजनाओं को शत प्रतिशत पूरा करने केलिए वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम की शुरुआत की थी। अमित शाह ने जिला अधिकारियों को सीमा से 30 किलोमीटर के दायरे में अतिक्रमण हटाने और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों एवं सेना की दैनिक आपूर्ति स्थानीय स्तरपर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के लोगो का भी अनावरण किया। उन्होंने कहाकि वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम केतहत न केवल हर सीमांत गांव को सुविधायुक्त बनाया जा रहा है, बल्कि सीमांत गांवों में रहनेवाले हर नागरिक को केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की योजनाओं से लैसकर उनके व्यक्तिगत जीवन को बेहतर बनाया जा रहा है और इन गांवों को देश एवं सीमाओं की सुरक्षा के मजबूत उपकरण के तौरपर भी विकसित किया जा रहा है। गृहमंत्री ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के अंतिम गांव को देश के पहले गांव की उपाधि देकर सीमावर्ती गांवों को देखने का हमारा नजरिया बदलने का काम किया है।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम केलिए चिन्हित देश के पहले गांव कुछ साल बाद देश व उसकी सीमाओं की रक्षा केलिए बहुत महत्वपूर्ण उपकरण सिद्ध होंगे। उन्होंने कहाकि वाइब्रेंट प्रोग्राम से मल्टी डायमेंशनल और मल्टी सेक्टोरल विकास की कल्पना केसाथ इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने, संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन, पर्यटन के जरिए रोज़गार सृजन और हर तरहसे गांव के जीवन को वाइब्रेंट बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। गृहमंत्री ने कहाकि राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों, वीवीपी में शामिल गांवों के जिला कलेक्टरों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की जिम्मेदारी हैकि वे वीवीपी तक सीमित नहीं रहें और कार्यक्रम के उद्देश्यों की प्राप्ति केलिए यह विचार करेंकि वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम से आगे बढ़कर और क्या-क्या कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहाकि वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम की संकल्पना को चरितार्थ करने केलिए सरकारी योजनाओं का शत प्रतिशत सैचुरेशन, पर्यटन सुविधाओं को बढ़ावा और सहकारी संस्थाओं को प्रोत्साहितकर रोज़गार सृजन जैसे कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहाकि अगर होमस्टे जैसे प्रयोग सीमावर्ती गांवों में हों, इनमें बुकिंग केलिए राज्यों के पर्यटन विभाग उचित व्यवस्था करें तो सीमांत गांवों के हरघर में रोज़गार होगा।
अमित शाह ने कहाकि राज्यों के ग्रामीण विकास विभाग और जिला कलेक्टरों की इन गांवों का गौरव स्थापित में अहम भूमिका है। उन्होंने कहाकि अगर गांवों में सभी सुविधाएं और रोज़गार हों तो स्थानीय लोगों में गांव छोड़कर जाने की इच्छा कभी नहीं होगी। गृहमंत्री ने कहाकि जिला कलेक्टर यह सुनिश्चित करेंकि विषम भौगोलिक परिस्थिति के बावजूद गांववासी अपना गांव नहीं छोड़ें, पलायन न हो, बल्कि गांव की आबादी में वृद्धि हो। गृहमंत्री ने कहाकि अरुणाचल प्रदेश में वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम केबाद कई सीमावर्ती गांवों में आबादी बढ़ी है, यह भारत के सभी सीमांत गांव केलिए एक संदेश हैकि फिरसे आबादी बढ़ने का हमारा यह ट्रेंड सही रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। गृहमंत्री ने कहाकि स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से कहा थाकि डेमोग्राफिक बदलाव हमारे लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहाकि वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम में शामिल जिला कलेक्टरों को इस मुद्दे को गंभीरता से देखना होगा, सीमावर्ती क्षेत्रों में डेमोग्राफिक बदलाव सीधे तौरपर देश और सीमा सुरक्षा को प्रभावित करता है। गृहमंत्री ने सावधान कियाकि यह नहीं मानना चाहिएकि यह भौगोलिक स्थिति के कारण हो रहा है, बल्कि यह एक निश्चित डिजाइन केतहत हो रहा है। उन्होंने कहाकि राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को भी इसपर ध्यान देने की जरूरत है।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि जनकल्याणकारी योजनाओं के शत प्रतिशत सैचुरेशन केलिए जिला कलेक्टर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों केसाथ समन्वय कर सकते हैं, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल स्वास्थ्य, खेल और शिक्षा के क्षेत्रमें मदद कर सकते हैं जैसे-अरुणाचल प्रदेश में आईटीबीपी ने रोजमर्रा की चीजें दूध, सब्जी, अंडे, अनाज आदि वाइब्रेंट गांव से ही खरीदने का सफल प्रयोग किया है। उन्होंने कहाकि हर सीमांत गांव में इस प्रयोग को जमीन पर उतारने की जरूरत है। अमित शाह ने कहाकि सीमा पर तैनात सेना भी गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय से समन्वयकर वाइब्रेंट गांव में रोज़गार सृजन की जिम्मेदारी ले रही है। गृहमंत्री ने कहाकि वे डेयरी कॉपरेटिव बनाकर सीएपीएफ और सेना के दूध की जरुरत को गांव से ही पूरा करे, इसको प्रभावी मॉडल के तौरपर हर वाइब्रेंट विलेज में लागू करें। उन्होंने कहाकि सीमांत गांवों में रोज़गार सृजन से पलायन अपने आप रुक जाएगा। अमित शाह ने कहाकि वीवीपी को सरकारी प्रोग्राम नहीं, प्रशासन की स्पिरिट बनाना है, इसका उद्देश्य तभी प्राप्त हो सकेगा, जब यह प्रशासन की स्पिरिट बनेगा।
अमित शाह ने कहाकि वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम में मनरेगा केतहत नए तालाब बनाने, सघन वृक्षारोपण और स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण की संभावना पर भी विचार किया जाना चाहिए। गृहमंत्री ने कहाकि वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-1 में हम कार्यक्रम तक सीमित रहे, लेकिन वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-2 में हमें प्रशासन का दृष्टिकोण बदलने की जरूरत है। उन्होंने सीमावर्ती जिलों के कलेक्टरों से कहाकि वे अवैध धार्मिक अतिक्रमण को हटाने केलिए कड़ी कार्रवाई करें, ये अतिक्रमण एक सुनिश्चित डिजाइन केतहत हो रहे हैं। उन्होंने कहाकि सीमा से कम से कम 30 किलोमीटर तकके दायरे में सभी अवैध अतिक्रमण हटाए जाने चाहिएं। अमित शाह ने कहाकि गुजरात ने इस दिशामें बहुत अच्छा काम किया है, वहां समुद्री और भू-सीमा से बड़ी संख्या में अतिक्रमण हटाए गए हैं। वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम कार्यशाला में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री बंडी संजय कुमार, गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, सीमा प्रबंधन सचिव, वीवीपी के पहले और दूसरे चरण में शामिल सीमावर्ती राज्यों के मुख्य सचिव, सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक और संबंधित जिलों के जिलाधिकारी उपस्थित थे।