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एचएएल वायुसेना का मेरुदंड है-रक्षामंत्री

बैंगलुरू में लड़ाकू विमान उत्पादन हैंगर का उद्घाटन ‌

भारत की स्वदेशी सैन्य निर्माण में महत्वपूर्ण प्रगति

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 28 February 2020 04:17:53 PM

union minister for defence rajnath singh addressing

बैंगलुरू। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बैंगलुरू के हिंदुस्तान एयरोनॉक्टिस लिमिटेड में हेलीकॉप्टर प्रभाग के नए हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर उत्पादन हैंगर का उद्घाटन करते हुए कहा है कि देश में मजबूत रक्षा और सुरक्षा अवसंरचना के निर्माण के मद्देनज़र ‘भारत और विश्व’ के लिए नरेंद्र मोदी सरकार ने मेक इन इंडिया को अपनाया है। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष में भारत ने मेक इन इंडिया पहल के तहत सैन्य उपकरणों के स्वदेशी निर्माण में महत्वपूर्ण प्रगति की है। देश के आर्थिक विकास में रक्षा उद्योग की प्रमुख भूमिका का उल्लेख करते हुए रक्षामंत्री ने एचएएल जैसे रक्षा सार्वजनिक उपक्रम के महत्वपूर्ण योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि एचएएल ने भारत को विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में शानदार योगदान किया है, उसके प्रयासों से भारत 6 स्थानों की छलांग लगाते हुए आज विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने कहा कि रक्षा निर्यात में बढ़ोत्तरी हुई है और वह पिछले दो साल में 17,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। आने वाले वर्ष में 35,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य को रेखांकित करते हुए रक्षामंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि विभिन्न प्लेटफार्मों के जरिए एचएएल इसको हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान करेगा।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एचएएल की सराहना करते हुए कहा कि वह भारतीय वायुसेना का मेरुदंड है और सैन्यबलों की आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि एचएएल ने पांच वर्ष में परिचालन और वित्तीय क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त की है, इसने 7 प्लेटफार्मों पर परिचालन क्लियरेंस हासिल किया है, जिसमें हल्का लड़ाकू युद्धक विमान और हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर शामिल है़ इसके अलावा इसने हॉक और एसयू-30 एमकेआई जैसे प्लेटफार्मों को भी दुरुस्त किया है। राजनाथ सिंह ने इस बात की सराहना की कि मार्च 2019 तक एचएएल ने 19,705 करोड़ रुपये का कारोबार किया और शेयरधारकों को 198 प्रतिशत का शानदार लाभांश दिया है। निजी रक्षा उद्योगों से एचएएल को मिलने वाली कड़ी प्रतिस्पर्धा का उल्लेख करते हुए रक्षामंत्री ने रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम से आग्रह किया कि वह बदलते परिवेश को चुनौती के रूपमें लें तथा अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए अवसरों से लाभ उठाएं। उन्होंने फिक्स्ड विंग और रोटरी एयरक्राफ्ट के क्षेत्र में भावी परियोजनाओं के लिए एचएएल को शुभकामनाएं दीं और उन्होंने कहा कि एचएएल असैन्य एयरक्राफ्ट व्यापार में भी भारत का नेतृत्व करेगा।
एचएएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आर माधवन ने इस अवसर पर कहा कि हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर परिचालन के लिए पूरी तरह तैयार है और इसके उत्पादन के लिए हेलीकॉप्टर परिसर पूरी तरह चाक-चौबंद है। उन्होंने कहा कि इस नए उत्पादन हैंगर से एलसीएच उत्पादन क्षमता में इजाफा होगा और प्रतिवर्ष 30 हेलीकॉप्टरों का उत्पादन संभव होगा। एचएएल ने रक्षामंत्री को स्वदेशी बहुउद्देशीय हेलीकॉप्टर के नए डिजाइन और विकास कार्यक्रम की प्रगति से भी अवगत कराया। राजनाथ सिंह के समक्ष इसका प्रदर्शन भी किया गया। आईएमआरएच के विषय में प्रस्ताव है कि वह एमआई 17, कामोव और सीकिंग्स जैसे मौजूदा मध्यम हेलीकॉप्टरों की जगह लेगा, जिन्हें अगले 8 से 10 वर्ष के दौरान सेवा से हटाया जाना है। एचएएल के विकसित और डिजाइन एलसीएच 5.5 टन वजन वाला लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, इसमें दो शक्ति इंजर लगे हैं और उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर की कई तकनीकी विशेषताओं से यह लैस है। एलसीएच सियाचीन के अग्रिम ठिकानों तक पहुंचने में सक्षम है तथा वह समुद्र तल से 4,700 मीटर की ऊंचाई तक अपने साथ 500 किलोग्राम भारी सामान ले जा सकता है।

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