स्वतंत्र आवाज़
word map

गति शक्ति विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह

मेट्रो मैन ई श्रीधरन को मानद उपाधि व स्नातकों को डिग्रियां प्रदान

उड्डयन मंत्री ने विश्वविद्यालय का उद्योग प्रेरित दृष्टिकोण सराहा

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Monday 20 July 2026 12:45:11 PM

gati shakti university convocation ceremony

वडोदरा। नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने गति शक्ति विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में 121 छात्रों को बीटेक और एमबीए कार्यक्रमों से संबंधित डिग्रियां प्रदान कीं। विश्वविद्यालय ने पहलीबार मेट्रो रेल प्रबंधन में भी एमबीए की डिग्री प्रदान की है। इस अवसर पर जीएसवी ने देश में परिवहन और अवसंरचना के क्षेत्रमें उत्कृष्ट योगदान केलिए भारत के मेट्रो मैन के रूपमें लोकप्रिय दिल्ली मेट्रो रेल निगम लिमिटेड के पूर्व निदेशक ई श्रीधरन को मानद पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया। विभिन्न अध्ययन शाखाओं में अकादमिक उत्कृष्टता केलिए विवेक यादव, संदीप पटेल, अभिनंदन गुप्ता, ऋषभ त्रिपाठी और सुरेश सेंगुंदरमुदलियार को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। दुर्गेश कुमार और संदीप पटेल को वर्ष 2026 केलिए उत्कृष्ट परियोजना पुरस्कार दिया गया, जबकि वर्ष 2026 के सर्वश्रेष्ठ स्नातक छात्र का पुरस्कार विवेक कुमार को प्रदान किया गया।
गति शक्ति विश्वविद्यालय के दीक्षांत में किंजरापु राममोहन नायडू ने 'तीन एम' पर ध्यान केंद्रित किया-गति संवेग और मिशन, जो क्रमशः दिशा गति और उद्देश्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने परिवहन क्षेत्र और विशेष रूपसे विमानन क्षेत्रमें देश की प्रगति, पीएम गति शक्ति आदि पर प्रकाश डाला। उन्होंने देश में युवाओं केलिए अवसर सृजित करने में रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल क्षेत्रकी भूमिका पर बल दिया। उन्होंने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और जीएसवी की साझेदारी के चार महीने के भीतर विकसित विमान रखरखाव इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम की प्रशंसा की और जीएसवी को नागरिक उड्डयन मंत्रालय के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय के उद्योग प्रेरित दृष्टिकोण की व्यापक रूपसे सराहना करते हुए इसे संपूर्ण उच्चशिक्षा क्षेत्र केलिए एक आदर्श मॉडल बताया। मेट्रो मैन ई श्रीधरन दीक्षांत में विशिष्ट अतिथि थे। उन्होंने जीवन में सफलता प्राप्त करने केलिए समय की पाबंदी, ईमानदारी और पेशेवर दक्षता केसाथ-साथ सही दृष्टिकोण रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
मेट्रो मैन ई श्रीधरन ने युवाओं को समाज और देश केप्रति योगदान केलिए प्रोत्साहित किया और कहाकि इसके लिए उनका अच्छे चरित्र और स्वस्थ का होना जरूरी है। वडोदरा के सांसद डॉ हेमांग जोशी ने कहाकि इससे बेहतर संयोग और क्या हो सकता थाकि जिस दिन भारत के प्रधानमंत्री नें स्वदेशी रूपसे विकसित पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ किया, उसी दिन यहां स्नातकों को डिग्रियां प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के 100 प्रतिशत रोज़गार देने के रिकॉर्ड की सराहना की और छात्रों से इस डिग्री का भरपूर लाभ उठाने का आग्रह किया, क्योंकि यह कोई मंजिल नहीं, बल्कि उनकी यात्रा का एक पड़ाव मात्र है। बड़ौदा की राजमाता शुभांगिनीराजे गायकवाड़ ने स्नातकों को मूल्यों पर दृढ़ रहने और सतत विकास केप्रति संवेदनशील रहने की सलाह दी। सुकरण सिंह ने मजबूत परीक्षण प्रणालियों और सहायक नियमों पर बल देते हुए टाटा की एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने स्नातकों को चुनौतियों का सामना करते और नवाचार को बढ़ावा देते हुए परिवर्तन का सूत्रधार बनने केलिए प्रोत्साहित किया।
रेल मंत्रालय के अधीन केंद्रीय विश्वविद्यालय गतिशक्ति विश्वविद्यालय की स्थापना संसद के अधिनियम केतहत 6 दिसंबर 2022 में की गई थी। रेल, सूचना एवं प्रसारण और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव इसके कुलाधिपति और अध्यक्ष हैं। वर्तमान में यह विश्वविद्यालय रेल अभियांत्रिकी, विमानन अभियांत्रिकी एवं संचालन, समुद्री अभियांत्रिकी, रसद एवं आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, मेट्रो रेल प्रबंधन, बंदरगाह एवं जहाजरानी रसद एवं सड़क एवं राजमार्ग अभियांत्रिकी क्षेत्रों में स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट स्तर के कार्यक्रम प्रदान कर रहा है, जो संपूर्ण परिवहन अवसंरचना और रसद क्षेत्र को कवर करते हैं। जीएसवी रेल (परिवीक्षाधीन और सेवारत अधिकारी दोनों), रक्षा बलों (सेना, वायुसेना, नौसेना) और सिविल सेवाओं के अधिकारियों को उनकी विशेषज्ञता के क्षेत्रों में कार्यकारी प्रशिक्षण प्रदान करने पर विशेष ध्यान देता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप जीएसवी मांग आधारित पाठ्यक्रम का अनुसरण करता है, इसका उद्देश्य देश के विकास केलिए उत्कृष्ट मानव संसाधन और अनुसंधान तैयार करने हेतु एक उद्योग संचालित और नवाचार आधारित विश्वविद्यालय बनना है।
जीएसवी के कुलपति प्रोफेसर मनोज चौधरी ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। जीएसवी ने संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र का केंद्र बिंदु बनने के मिशन केसाथ उद्योग उन्मुख पाठ्यक्रम, अनुभवात्मक शिक्षा, ज्ञान साझाकरण और इंटर्नशिप केलिए विश्वभर के अग्रणी संस्थानों और उद्योगों केसाथ सहयोग किया है। इससे रोज़गार केलिए स्नातकों को तैयार करने में मदद मिलती है। विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान केलिए क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण हेतु एक केंद्रीय नोडल एजेंसी के रूपमें कार्य कर रहा है और अपने विशेष पाठ्यक्रम से पहले ही 24 लाख से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित कर चुका है। इस अवसर पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय में सचिव समीर कुमार सिन्हा और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के सीईओ एवं निदेशक सुकरण सिंह भी उपस्थित थे।

हिन्दी या अंग्रेजी [भाषा बदलने के लिए प्रेस F12]