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त्रिपुरा उद्यमियों का सबसे अच्छा डेस्टिनेशन-सिंधिया

डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव-2026 में निवेशकों का किया आह्वान

'एक्ट ईस्ट नीति से पूर्वोत्तर के राज्य बने दक्षिण पूर्व एशिया के प्रवेश द्वार'

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 10 July 2026 03:44:07 PM

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अगरतला/ नई दिल्ली। केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास तथा संचारमंत्री ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया ने कहा हैकि त्रिपुरा उद्यमियों का सबसे अच्छा डेस्टिनेशन है। उन्होंने कहाकि पूर्वोत्तर क्षेत्र देश का ऐसा विकास इंजन है, जो विकसित भारत की विकास यात्रा में निर्णायक भूमिका निभाएगा। ज्योतिरादित्य सिंधिया नई दिल्ली से वर्चुअली 'डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव-2026' में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से त्रिपुरा की उल्लेखनीय विकास यात्रा का सहभागी बनने का आह्वान कर रहे थे। उन्होंने त्रिपुरा को पूर्वोत्तर के सबसे आशाजनक निवेश स्‍थलों में से एक बताया। उन्होंने निवेशकों से यहां की व्यापक विकास संभावनाओं का लाभ उठाने को कहा। उन्होंने कहाकि एक्ट ईस्ट नीति ने पूर्वोत्तर क्षेत्र को भारत की सीमांत पहचान से आगे बढ़ाकर दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार बनाया है, जिससे व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय संपर्क के अभूतपूर्व अवसरों के द्वार खुले हैं।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहाकि डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव-2026 ऐसे राज्य की झलक प्रस्तुत करता है, जो दीर्घकालिक निवेश अवसरों की तलाश कर रहे निवेशकों केलिए एक पसंदीदा निवेश गंतव्य बनने को पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहाकि त्रिपुरा दक्षिण-पूर्व एशिया केलिए एक रणनीतिक प्रवेश द्वार के रूपमें उभर रहा है, जो 67 करोड़ से अधिक आबादी वाले आसियान तथा विश्व के सबसे बड़े आर्थिक समूहों में से एक व्यापारिक संपर्क बढ़ा रहा है। उन्होंने त्रिपुरा की विशिष्ट खूबियां गिनाईं कि यहां प्राकृतिक गैस, बांस, अगरवुड, प्राकृतिक रबर, चाय, मसालों, बागवानी उत्पादों के पर्याप्‍त भंडारों केसाथ उच्च शिक्षित कार्यबल, निवेशक अनुकूल नीतियां, तेजीसे विकसित बुनियादी ढांचा और भारत के तीसरे अंतर्राष्ट्रीय इंटरनेट गेटवे जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहाकि त्रिपुरा सबसे बड़ा बांस उत्पादक राज्य तथा प्राकृतिक रबर का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है, यहां विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, लॉजिस्टिक्स, निर्यात और प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों केलिए अपार संभावनाएं हैं।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहाकि ‘निवेश का आधार विश्वास है, विश्वास का आधार बुनियादी ढांचा है और बुनियादी ढांचे का आधार दूरदृष्टि है’ जिसपर सरकार ने इस एक दशक में बेहतर संपर्क, आधुनिक अवसंरचना और मजबूत संस्थागत सहयोग से पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास परिदृश्य में उल्लेखनीय परिवर्तन किया है। उन्होंने भारत म्यांमार थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग, कलादान बहुमाध्यम पारगमन परिवहन परियोजना, सबरूम विशेष आर्थिक क्षेत्र, मैत्री सेतु और एकीकृत जांच चौकी जैसी प्रमुख पहलों का जिक्र करते हुए कहाकि इन परियोजनाओं से त्रिपुरा दक्षिण-पूर्व एशिया केलिए निर्यात के महत्वपूर्ण प्रस्थान केंद्र उभर रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहाकि त्रिपुरा बंगाल की खाड़ी के प्रवेश द्वार के रूपमें पूर्वोत्तर क्षेत्र में हो रहे बड़े बदलावों का प्रतीक है। उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र केप्रति केंद्र सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहाकि अष्टलक्ष्मी राज्य भारत की आर्थिक विकास यात्रा के अगले चरण का नेतृत्व करने केलिए पूरी तरह तैयार हैं।

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