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स्लोवाकिया में नरेंद्र मोदी का गर्मजोशी से स्वागत

वर्ष 1993 के बाद स्लोवाकिया जाने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री

द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक साझेदारी स्तर तक ले जाने का स्वागत!

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Monday 15 June 2026 06:32:41 PM

warm welcome for narendra modi in slovakia

ब्रातिस्लावा। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहलीबार स्लोवाकिया पहुंचने पर आज स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको ने उनका पारंपरिक रूपसे बड़ी गर्मजोशी से स्वागत किया। गौरतलब हैकि वर्ष 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता केबाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है। इस अवसर पर दोनों राजनेताओं ने आमने-सामने और प्रतिनिधिमंडल स्तरपर बातचीत की। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किए जाने का स्वागत किया, जो द्विपक्षीय संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत होने केसाथ-साथ दोनों देशों के साझा मूल्यों और सदियों पुरानी मित्रता को दर्शाता है। दोनों प्रधानमंत्रियों ने व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, अंतरिक्ष, असैनिक परमाणु ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल नवाचार, अकादमिक, संस्कृति और प्रतिभा के आदान प्रदान सहित द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की। उन्होंने नई और उभरती प्रौद्योगिकियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता व सुपरकम्प्यूटर जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं की भी पड़ताल की।
भारत और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्रियों ने बैठकें और मुलाकातों के इतर संयुक्त प्रेस वक्तव्य भी दिया। नरेंद्र मोदी ने आत्मीयताभरे स्वागत केलिए प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको को हार्दिक आभार व्यक्त किया और कहाकि वे अनुभवी लीडर होने केसाथ-साथ भारत के सच्चे मित्र हैं। उन्होंने कहाकि भारत-स्लोवाकिया संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनकी मित्रता और अटूट प्रतिबद्धता का विशेष महत्व है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि उन्हें खुशी हैकि आज उनसे मिलकर उन्हें दोनों देशों केबीच संबंधों में एक ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने का सुअवसर मिला। उन्होंने जिक्र कियाकि उनकी यह यात्रा किसीभी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा है। उन्होंने कहाकि इस ऐतिहासिक अवसर पर हमने अपने संबंधों को व्यापक साझेदारी का दर्जा देने का निर्णय लिया है, यह हमारे साझा विश्वास, साझा प्राथमिकताओं और साझा भविष्य का प्रतीक है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और मैंने हमारे सहयोग को नई दिशा और नई ऊर्जा देने पर विस्तृत रूपसे चर्चा की है एवं हमारे द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग में हो रही प्रगति हमारे लिए संतोष का विषय है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि लेकिन हमारी क्षमताएं विशाल हैं, हमारी आकांक्षाएं उससे भी बड़ी हैं, ऑटोमोबाइल, रेलवे, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन टेक्नोलॉजी हमारे लिए विशेष रुचि के क्षेत्र हैं, इन सभी विषयों में आज हमने अपनी ताकतों को जोड़कर दोनों देशों के लोगों की भलाई केलिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। प्रधानमंत्री ने भारत-यूरोपीय संघ एफटीए को अंतिम रूप देने में स्लोवाकिया से मिले सहयोग केलिए प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहाकि हम इसके जल्द से जल्द कार्यांवयन केलिए काम करेंगे, ताकि दोनों देशों के उद्योग, स्टार्टअप्स और ट्रेडर्स इसका अधिकतम लाभ उठा सकें। नरेंद्र मोदी ने कहाकि तकनीक हमारी भावी साझेदारी का महत्वपूर्ण स्तंभ है, डिजिटल प्रौद्योगिकी पर आज किए गए एमओयू से डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग की नई संभावनाएं बनेंगी। उन्होंने कहाकि उन्हें खुशी हैकि स्लोवाकिया की एक यूनिवर्सिटी में एआई के विषय पर इंडिया चेयर स्थापित की जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि एआई मानवता की सेवा और प्रगति का सशक्त माध्यम बने यही हमारी साझा सोच है, हमारा मानना हैकि एआई का भविष्य केवल शोध से नहीं, बल्कि विश्वास, जिम्मेदारी और मानवीय गरिमा पर आधारित होना चाहिए। नरेंद्र मोदी ने कहाकि हमारे बीच स्पेस के क्षेत्रमें सहयोग बढ़ाने का बहुत बड़ा संभावना है, वर्ष 2017 में स्लोवाकिया का पहला उपग्रह भारत ने लॉंच किया था और आज भारत में स्पेस सेक्टर अभूतपूर्व गति से नई ऊंचाइयां छू रहा है। नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया की कंपनियों को इस विकास यात्रा में शामिल होने केलिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहाकि नागरिक परमाणु ऊर्जा भी दोनों देशों केलिए मुख्य प्राथमिकता का क्षेत्र है, हमने इस क्षेत्र में दोनों देशों की इंडस्ट्रीज़ और विशेषज्ञों केबीच सहयोग बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कहाकि रक्षा सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास और रणनीतिक अभिसरण का प्रमाण है। नरेंद्र मोदी ने खुशी जाहिर कीकि इस महत्वपूर्ण क्षेत्रमें आज दोनों देशों ने आशय पत्र पर हस्ताक्षर किया है, इससे संयुक्त विकास, संयुक्त उत्पादन और रक्षा उद्योग केबीच सहयोग को नई गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि वैश्विक मंच पर भी भारत और स्लोवाकिया करीबी सामंजस्य से आगे बढ़ रहे हैं और हम सहमत हैंकि सभी विवादों और तनावों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए, हम सभी पार्टनर्स केसाथ मिलकर इस दिशा में आगे बढ़ते रहेंगे। उन्होंने कहाकि हम इस बातपर भी सहमत हैंकि वैश्विक संस्थानों को इक्कीसवीं सदी की वास्तविकताओं और चुनौतियों के अनुरूप खुदको फिरसे परिभाषित करना होगा, इस विषय पर हम वैश्विक प्रयासों को सशक्त बनाने की दिशा में काम करेंगे। नरेंद्र मोदी ने कहाकि दोनों देशों केबीच गहरे सांस्कृतिक और लोगों केबीच आपसी संबंध हमारे संबंधों को मज़बूत आधार प्रदान करते हैं। उन्होंने कहाकि भारत के प्राचीन उपनिषदों का ‘स्लोवाक’ भाषा में अनुवाद किया जाना हमारी सांस्कृतिक निकटता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
नरेंद्र मोदी ने कहाकि स्लोवाकिया में रह रहे भारतीय मूल के लोग यहां की अर्थव्यवस्था और समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, दोनों देशों केबीच पेशेवर और कुशल कामगार की गतिशीलता बढ़ाने केलिए आज हमने मज़दूरों के पलायन पर एमओयू की घोषणा की है, हम शीघ्र ही सोशल सिक्योरिटी पर एमओयू को भी अंतिम स्वरूप देंगे। प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ भारतवासियों की तरफ से प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको को भारत आने का निमंत्रण दिया और जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूपसे स्वीकार भी कर लिया। नरेंद्र मोदी ने कहाकि हम आपका स्वागत करने केलिए बहुत उत्सुक हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त कियाकि भारत और स्लोवाकिया की व्यापक साझेदारी आने वाले वर्षों में नए अवसरों, साझा समृद्धि और हमारे लोगों के उज्ज्वल भविष्य का आधार बनेगी।

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