'फ्रांस स्लोवाकिया दुनिया के साथ भारत की बढ़ती सहभागिता का हिस्सा'
'यूरोपीय संघ से भारत की रणनीतिक साझेदारी अब और अधिक मजबूत'स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Saturday 13 June 2026 05:28:24 PM
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा से पूर्व प्रस्थान वक्तव्य में कहा हैकि फ्रांस गणराज्य के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और स्लोवाक गणराज्य के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर वे 13 से 18 जून 2026 तक फ्रांस और स्लोवाक गणराज्य की यात्रा पर रहेंगे। उन्होंने साझा कियाकि भारत की सामरिक दृष्टि में फ्रांस का एक विशेष स्थान है, इसी वर्ष की शुरुआत में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान हमने अपने संबंधों को ‘विशेष वैश्विक सामरिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाया। नीस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से उनकी मुलाकात के दौरान वे दोनों फरवरी से अबतक हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे और सहयोग के अगले चरणों की योजना बनाएंगे। नरेंद्र मोदी ने कहाकि वे पारस्परिक हितों से जुड़े महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर इमैनुएल मैक्रों केसाथ विचार-विमर्श करने केलिए उत्सुक हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि नीस में वे 14 जून 2026 को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों केसाथ 'भारत इनोवेट्स' का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने कहाकि भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष की पृष्ठभूमि में होनेवाला यह ऐतिहासिक कार्यक्रम भारत के सबसे होनहार स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेश से जोड़ेगा और भारत के उच्चशिक्षा तंत्र से उभरने वाले नवाचारों के एक प्रमुख उत्प्रेरक के रूपमें कार्य करेगा। फिर वे 14-15 जून 2026 को स्लोवाकिया गणराज्य की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। नरेंद्र मोदी ने कहाकि 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता केबाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। उन्होंने कहाकि यह ऐतिहासिक यात्रा हमारे द्विपक्षीय संबंधों में मजबूत गति को और आगे बढ़ाएगी। वे ब्रातिस्लावा में राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको केसाथ चर्चा करने केलिए उत्सुक हैं। उन्हें स्लोवाकिया के व्यापारिक नेताओं केसाथ बातचीत करने का भी अवसर मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की गति को बढ़ाते हुए यह यात्रा यूरोपीय संघ केसाथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करेगी, जिसका स्लोवाकिया एक महत्वपूर्ण और सम्मानित सदस्य है। स्लोवाकिया से नरेंद्र मोदी एवियन जाएंगे, जहां वे 16 और 17 जून को जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। उन्होंने कहाकि जी-7 में भारत की उपस्थिति हमारे साझेदार देशों का हमपर व्यक्त किए गए विश्वास और वैश्विक स्तरपर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतीक है। उन्होंने कहाकि यह लगातार आठवां जी-7 शिखर सम्मेलन है, जिसमें भारत को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहाकि जी-7 में भारत न केवल अपने विचार रखेगा, बल्कि वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को भी सशक्त आवाज़ प्रदान करेगा। उन्होंने कहाकि वे 18 जून 2026 को पेरिस में अपनी फ्रांस यात्रा को पूर्ण करेंगे, जहां वे राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों केसाथ विवाटेक 2026 में भाग लेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बतायाकि विवाटेक यूरोप का प्रौद्योगिकी और नवाचार का सबसे बड़ा सम्मेलन है और इस संस्करण में भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय पवेलियन होगा, जो भारतीय और यूरोपीय नवाचार ईकोसिस्टम केबीच साझेदारी की अपार संभावनाओं का एक उपयुक्त प्रतीक है। वे पेरिस में जीवंत भारतीय समुदाय के सदस्यों से मिलने केलिए भी उत्सुक हैं, जो दोनों देशों केबीच एक जीवंत सेतु हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त कियाकि फ्रांस और स्लोवाक गणराज्य की उनकी यात्राएं यूरोप तथा जी-7 केसाथ भारत की गहन होती सहभागिता को नई गति प्रदान करेंगी और महाद्वीप के देशों तथा उससे परे अपने साझेदारों केसाथ सहयोग के क्षितिज का विस्तार करने केप्रति हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता को रेखांकित करेंगी।