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'पश्चिम बंगाल भारत के समुद्री भविष्य का केंद्र'

वर्ष 2031 तक 19209 करोड़ की समुद्री विकास योजनाएं प्रस्तावित

जलमार्ग मंत्री सर्बानंद और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की मुलाकात

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 5 June 2026 01:58:11 PM

waterways minister sarbananda and cm suvendu adhikari

कोलकाता। पत्तन पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कोलकाता में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से वर्ष 2031 तक प्रस्तावित 19209 करोड़ रुपये के समुद्री निवेश केसाथ पश्चिम बंगाल को पूर्वी भारत का प्रमुख समुद्री केंद्र बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। इन परियोजनाओं से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूपसे 62500 से अधिक रोज़गार अवसर पैदा होने की उम्मीद है, साथही पूर्वी भारत केलिए पश्चिम बंगाल एक प्रमुख समुद्री और रसद केंद्र के रूपमें स्थापित होगा। सर्बानंद सोनोवाल और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने निवेश योजना की समीक्षा की और राज्य में बंदरगाहों, अंतर्देशीय जलमार्गों, जहाज निर्माण, रसद और बंदरगाह आधारित औद्योगीकरण के भविष्य के विकास पर चर्चा की। समुद्री अमृतकाल विजन 2047 केतहत प्रस्तावित निवेशों में बालागढ़ मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब का विकास, कोलकाता हल्दिया डॉक का विस्तार और मशीनीकरण, अंतर्देशीय जलमार्गों का सुदृढ़ीकरण, विश्वस्तरीय जहाज निर्माण और मरम्मत सुविधाओं का विकास, क्रूज पर्यटन ढांचा, नदी तट का पुनर्विकास और बंदरगाह आधारित औद्योगिक क्लस्टर शामिल हैं।
जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहाकि पश्चिम बंगाल भारत के समुद्री भविष्य का केंद्र है और निवेश कार्यक्रम का मकसद निजी पूंजी को आकर्षित करना, बड़े पैमाने पर रोज़गार सृजित करना और पश्चिम बंगाल को समुद्री और लॉजिस्टिक्स निवेश केलिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूपमें स्थापित करना है। जलमार्ग मंत्री ने कहाकि 19209 करोड़ रुपये के निवेश केसाथ हमारा लक्ष्य बंगाल के समुद्री केंद्रों कोलकाता और हल्दिया को पूर्वी भारत के प्रमुख समुद्री प्रवेश द्वार में बदलना है और 62500 से अधिक रोज़गार पैदा करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहाकि डबल इंजन सरकार मॉडल इन परियोजनाओं को साकार करेगा और व्यापार उद्योग पर्यटन केलिए अभूतपूर्व अवसर खोलेगा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने समुद्री ढ़ांचे, जलमार्ग विकास, ड्रेजिंग, नदी तट परियोजनाओं और संपर्क स्थापित करने से जुड़ी पहलों पर केंद्र और राज्य केबीच निरंतर सहयोग का स्वागत किया और राज्य में आर्थिक गतिविधि व्यापार को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं को लेकर समर्थन मांगा। बैठक में पश्चिम बंगाल की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, व्यापक नदी नेटवर्क और औद्योगिक आधार का लाभ उठाते हुए राज्य को भारत के एक प्रमुख समुद्री निवेश गंतव्य और विकास इंजन में बदलने के केंद्र के दृष्टिकोण पर ज़ोर दिया गया।
सुवेंदु अधिकारी ने कहाकि सागरमाला 2.0, हुगली नदी पर प्रस्तावित सुरंग, जेटी अवसंरचना का विकास, राष्ट्रीय जलमार्ग-1 की ड्रेजिंग, हुगली तटबंध का संरक्षण और भूमि तथा सिंचाई अवसंरचना से जुड़े मुद्दों सहित कई प्राथमिकता वाली समुद्री और संपर्क परियोजनाओं पर हमारी सार्थक चर्चा हुई है। उन्होंने कहाकि ये पहलें पश्चिम बंगाल के समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बेहद अहम हैं। उन्होंने कहाकि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य के विकास केलिए निरंतर सहयोग की आशा करते हैं। बैठक में पत्तन पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में राज्यमंत्री शांतनु ठाकुर, मंत्रालय के सचिव, पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। राज्य की बढ़ती समुद्री क्षमता पर रोशनी डालते हुए सर्बानंद सोनोवाल ने कहाकि प्रस्तावित निवेश से रसद दक्षता में सुधार होगा, परिवहन लागत कम होगी, निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और समुद्री संपर्क पर निर्भर उद्योगों केलिए अनुकूल वातावरण बनेगा। उन्होंने कहाकि बंदरगाहों, जलमार्गों, रसद पार्कों और समुद्री विनिर्माण सुविधाओं के एकीकृत विकास से पश्चिम बंगाल और पूर्वी तथा उत्तरपूर्वी क्षेत्रमें आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

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