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'भारत में वैश्विक निवेशकों का मजबूत भरोसा'

मुंबई में सिटी इंडिया कॉंफ्रेंस में पीयूष गोयल का वर्चुअली संबोधन

भारतीय अर्थव्यवस्था 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण व निर्णायक

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Thursday 4 June 2026 04:45:41 PM

piyush goyal in citi india conference 2026

मुंबई। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई में सिटी इंडिया कॉंफ्रेंस-2026 को वर्चुअली संबोधित करते हुए भारत के विश्व के सबसे भरोसेमंद निवेश गंतव्य के रूपमें उभरने पर प्रकाश डाला और विनिर्माण, व्यापार में सुगमता, बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी अंगीकरण और वैश्विक व्यापार जुड़ाव को सुदृढ़ करने के भारत सरकार के प्रयासों की रूपरेखा प्रस्तुत की। पीयूष गोयल ने वैश्विक निवेशकों और व्यापारिक नेताओं से कहाकि भारत को विश्व की सबसे तेजीसे बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूपमें मान्यता प्राप्त है। उन्होंने विश्वास व्यक्त कियाकि देश आने वाले दो दशक से अधिक समय तक इस स्थिति को बनाए रखेगा। उन्होंने कहाकि भारत ने बदलती भू-राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप प्रक्रियाओं और व्यावसायिक रणनीतियों को पुनर्व्यवस्थित करके संकटों को अवसरों में परिवर्तित किया है और व्यापार, व्यवसाय, विनिर्माण और निवेश का एक आकर्षक गंतव्य बना हुआ है।
उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहाकि कनाडा और अमेरिका में निवेशकों व्यापारिक नेताओं केसाथ उनकी हालिया मुलाकातों से भारत की आर्थिक संभावनाओं में वैश्विक विश्वास स्पष्ट हुआ है। भारत से कनाडा जाने वाले अबतक के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल केसाथ अपनी कनाडा यात्रा का उल्‍लेख करते हुए उन्होंने प्रस्तावित भारत-कनाडा मुक्त व्यापार समझौते की सकारात्मक प्रतिक्रिया और पेंशन फंड, बीमा कंपनियों और अन्य संस्थागत निवेशकों की मजबूत रुचि को रेखांकित किया। उन्होंने कहाकि न्यूयॉर्क में अग्रणी निवेश फर्मों और लगभग 50 कंपनियों केसाथ हुई चर्चाओं ने भारत को एकमात्र विश्वसनीय वैकल्पिक विनिर्माण केंद्र, एक भरोसेमंद साझेदार और लोकतंत्र, विधि के शासन, निर्णायक नेतृत्व, प्रौद्योगिकीय क्षमताओं और 1.4 बिलियन लोगों के विशाल उपभोक्ता बाजार से समर्थित एक सुरक्षित निवेश गंतव्य के रूपमें स्थापित किया है। पीयूष गोयल ने कहाकि दीर्घकालिक वैश्विक पूंजी का रुझान भारत की ओर तेजीसे बढ़ रहा है। न्यूयॉर्क और टोरंटो के प्रमुख निवेशकों केसाथ हुई बातचीत पर उन्होंने कहाकि हर चर्चा से भारत की भावी विकास गति पर भरोसा और मजबूत हुआ। उन्होंने टिप्पणी कीकि निवेशकों केलिए सवाल यह नहीं हैकि वे भारत में निवेश करें या नहीं, बल्कि यह हैकि वे भारत की विकास गाथा को कितनी जल्दी पहचानते हैं और उसमें भाग लेते हैं।
भारत में सफल दीर्घकालिक निवेशों पर प्रकाश डालते हुए पीयूष गोयल ने 1999 में लगभग 200 मिलियन डॉलर के निवेश केसाथ हुंडई के भारत में प्रवेश का उल्लेख किया। उन्होंने कहाकि उस समय बुनियादी ढांचे की सीमाओं के बावजूद कंपनी ने भारत में विनिर्माण कार्यों के माध्यम से वर्षों में काफी मूल्य अर्जित किया और लाभांश, रॉयल्टी, पूंजी वृद्धि से महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त किया। उन्होंने भारत में जेसीबी के अनुभव का भी उल्‍लेख किया और बतायाकि कंपनी ने देश में तब प्रवेश किया, जब बुनियादी ढांचे का विकास अभी शुरुआती चरण में था, आज यह कंपनी भारत में निर्मित उत्पादों का निर्यात लगभग 130 देशों को करती है, साथही बढ़ती घरेलू मांग को भी पूरा करती है। उन्होंने कहाकि ये उदाहरण घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों केलिए व्‍यापक स्‍तरपर विनिर्माण सेक्‍टर की सहायता करने की भारत की क्षमता को दर्शाते हैं। पीयूष गोयल ने विश्व केसाथ भारत के बढ़ते व्यापारिक संबंधों पर कहाकि भारत ने पिछले तीन से साढ़े तीन वर्ष में 38 विकसित अर्थव्यवस्थाओं केसाथ नौ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। उन्होंने कहाकि ये समझौते बाजार पहुंच बढ़ाकर, व्यापार को सुगम बनाकर, प्रतिभाओं के आवागमन को सक्षम बनाकर और निवेश आकर्षित करके, जिनमें भारत में वैश्विक क्षमता केंद्र स्थापित करना भी शामिल है, भारत के विकास में योगदान देते हैं।
उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहाकि भारत केवल एक विशाल और विकासशील बाजार ही नहीं, बल्कि नवाचार, डिजाइन और उन्नत विनिर्माण का आधार भी है। उन्होंने निवेशकों से आग्रह कियाकि वे भारत को नई प्रौद्योगिकियों और भविष्य के उद्योगों की ओर अग्रसर करने में सहयोग केलिए धैर्यपूर्वक और दीर्घकालिक पूंजी निवेश करें। पीयूष गोयल ने कहाकि ओमान मुक्त व्यापार समझौता 1 जून से प्रभावी हो गया है और संकेत दियाकि अगले छह महीने के भीतर कम से कम दो से तीन और महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौते प्रभावी होने की उम्मीद है। उन्होंने कहाकि भारत अगले वर्ष में तीन से चार और महत्वपूर्ण व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर करने और अगले नौ से दस महीनों में हाल ही में संपन्न हुए सभी नौ समझौतों को लागू करने की संभावना है। पीयूष गोयल ने अप्रैल में पारित जनविश्वास अधिनियम के दूसरे संस्करण का उल्लेख किया। उन्होंने कहाकि इस कानून केतहत कई केंद्रीय कानूनों के अंतर्गत आनेवाले लगभग एक हजार अपराध, जिनमें न तो धोखाधड़ी का इरादा था और न ही सार्वजनिक सुरक्षा या सार्वजनिक स्वास्थ्य को कोई खतरा को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहाकि यह सुधार व्यवसायों केप्रति सरकार के विश्वास आधारित दृष्टिकोण को दर्शाता है, साथही अनुपालन के बोझ को कम करता है और न्यायिक प्रणाली पर दबाव को भी कम करता है।
पीयूष गोयल ने हालही में घोषित भव्य स्‍कीम का भी उल्‍लेख किया, जिसके तहत देशभर में लगभग 3.5 बिलियन डॉलर के परिव्यय से 100 औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहाकि इसका उद्देश्य तैयार कारखानों, श्रमिकों के आवास, मनोरंजन सुविधाओं, पर्यावरण संबंधी स्वीकृतियों, सामान्य अपशिष्ट जल उपचार सुविधाओं, उपयोगिताओं, जल आपूर्ति, बिजली और डिजिटल बुनियादी ढांचे सहित सहज औद्योगिक अवसंरचना का निर्माण करना है। उन्होंने बतायाकि यह पहल सरकार को नियामक की बजाय सुविधादाता के रूपमें कार्य करने में सक्षम बनाकर लघु एवं मध्यम उद्यमों, निर्माताओं और व्यवसायों को सहयोग प्रदान करेगी। श्रम सुधारों का उल्‍लेख करते हुए उन्होंने कहाकि चार श्रम संहिताएं अब सक्रिय हो चुकी हैं और कई राज्यों ने अपने नियमों को अपनाना और उनमें संशोधन करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहाकि 29 श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में समेकित करने से अनुपालन और कार्यांवयन में अत्‍यधिक सरलता आई है। उन्‍होंने कहाकि पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों और खाड़ी क्षेत्र से ऊर्जा आपूर्ति में आई बाधाओं के बावजूद देश ने अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा संकट का सफलतापूर्वक सामना किया। उन्होंने कहाकि ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने के भारत के पूर्व प्रयासों ने पेट्रोल, डीजल, विमानन ईंधन, एलएनजी और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की, साथ ही कीमतें भी अपेक्षाकृत कम रहीं। उन्होंने कहाकि वैश्विक कीमतों में वृद्धि के बावजूद किसानों केलिए उर्वरक की कीमतें अपरिवर्तित रहीं, जिसका बोझ केंद्र सरकार ने उठाया।
पीयूष गोयल ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बारह वर्ष में किए गए मजबूत राजकोषीय प्रबंधन ने भारत को आर्थिक स्थिरता बनाए रखते हुए किसानों, लघु एवं मध्यम उद्यमों, व्यवसायों और समाज के कमजोर वर्गों की सहायता करने में सक्षम बनाया है। उन्‍होंने कहाकि भारत बंदरगाहों, राजमार्गों, सड़कों, ग्रामीण संपर्क और हवाई अड्डों में लगभग 130 बिलियन डॉलर का निवेश कर रहा है। उन्होंने बतायाकि एक दशक में देश की बंदरगाह और हवाई अड्डे की क्षमता दोगुनी हो गई है। उन्होंने जल जीवन मिशन, 500 गीगावाट संस्‍थापित क्षमता वाले राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड की स्थापना और 50 प्रतिशत से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा योगदान सहित प्रमुख उपयोगिता पहलों का भी उल्लेख किया। पीयूष गोयल ने बतायाकि भारत अगले पांच वर्ष में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को 250 गीगावाट से बढ़ाकर 500 गीगावाट करने की योजना बना रहा है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अन्य उन्नत प्रौद्योगिकियों केलिए कार्यबल को तैयार करने हेतु व्‍यापक स्‍तरपर कौशल विकास और पुनर्प्रशिक्षण पहलों से सेमीकंडक्टर और उभरती प्रौद्योगिकियों पर देश के फोकस पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने संतोष व्यक्त कियाकि टाटा और एएसएमएल मिलकर भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग केलिए पहला पूंजीगत उपकरण निर्माण संयंत्र स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहाकि भारत प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और आर्थिक विकास में अपनी स्थिति मजबूत करने केलिए सतत रणनीति अपना रहा है।
वाणिज्‍य मंत्री ने कहाकि जहां विश्व ने शुरुआत में भारतीय प्रतिभाओं में निवेश किया, वहीं अब वह भारत में पूंजी और प्रौद्योगिकी में अधिकाधिक निवेश कर रहा है। उन्होंने कहाकि भारत डिजाइन, अनुसंधान एवं विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुप्रयोगों और स्वदेशी प्रौद्योगिकीय क्षमताओं को बढ़ावा देकर विनिर्माण से आगे बढ़कर नवाचार विकास की ओर अग्रसर है। उन्होंने भारत के स्वदेशी 5जी स्‍टैक, देशव्यापी तीव्र 5जी कार्यांवयन, कम लागत पर डेटा की उपलब्धता, सुदृढ़ विद्युत अवसंरचना और डेटा केंद्रों केलिए सुरक्षित वातावरण का उल्लेख किया। उन्होंने कहाकि वैश्विक बाजारों को सेवाएं प्रदान करने वाले डेटा केंद्रों को 2047 तक आयकर से छूट मिलेगी, जिस वर्ष तक भारत का लक्ष्य विकसित भारत 2047 के विजन केतहत 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला एक विकसित राष्ट्र बनना है। उन्‍होंने विश्वास व्यक्त कियाकि 1.4 बिलियन भारतीयों और अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों के प्रयासों से समर्थित भारतीय अर्थव्यवस्था 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक विकास गाथा के रूपमें उभरेगी।

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