म्यांमार, भारत के सुरक्षा हितों के विरुद्ध नहीं जाएगा-राष्ट्रपति
बोधगया से म्यांमार के राष्ट्रपति की भारत यात्रा की शुरूआतस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Tuesday 2 June 2026 11:33:20 AM
नई दिल्ली। म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने म्यांमार के आश्वासन को दोहराया हैकि उसके क्षेत्र का उपयोग भारत के सुरक्षा हितों के विरुद्ध नहीं होने दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी म्यांमार की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता केलिए भारत के समर्थन की पुष्टि की और कहाकि भारत म्यांमार के एक दृढ़ और विश्वसनीय सहयोगी के रूपमें दोनों देशों केबीच सुरक्षा सहयोग को और गहरा करने केलिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 मई से 3 जून 2026 तक भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर आए हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति ने 1 जून 2026 को वार्ता में पारस्परिक हित के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों की समीक्षा की और भविष्य के संबंधों केलिए रणनीति तैयार की। राष्ट्रपति केसाथ राष्ट्रपति कार्यालय, विदेश मंत्रालय, वित्त एवं राजस्व मंत्रालय, कृषि, पशुधन एवं सिंचाई मंत्रालय, उद्योग एवं लघु मध्यम उद्यम विकास मंत्रालय के मंत्री और म्यांमार के केंद्रीय बैंक के गवर्नर भी हैं। कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, ऊर्जा, बैंकिंग, निर्माण, आईटी, संचार, व्यापार और रसद सहित विभिन्न क्षेत्रों के व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल केसाथ म्यांमार-भारत मैत्री संघ के सदस्य भी म्यांमार प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के राष्ट्रपति के सम्मान में दोपहर के भोजन का आयोजन किया। इससे पहले भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की म्यांमार के राष्ट्रपति से अलग-अलग मुलाकातें हुईं। म्यांमार के राष्ट्रपति ने भारत यात्रा की शुरुआत बोधगया से की, यहां उन्होंने महाबोधि मंदिर, महाबोधि ध्यान केंद्र और सुजाता मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने इन पवित्र स्थलों के भ्रमण पर दोनों देशों केबीच अटूट आध्यात्मिक और बौद्ध संबंधों केसाथ-साथ जन-जन संबंधों को भी रेखांकित किया। राष्ट्रपति ने 31 मई को नई दिल्ली में यूएमएफसीसीआई और सीसीआई के संयुक्त भारत-म्यांमार व्यापार सम्मेलन में मुख्य भाषण दिया था, जहां दोनों पक्षों के व्यापार प्रमुखों ने द्विपक्षीय व्यापार, वाणिज्यिक अवसरों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। राष्ट्रपति ने ग्रेटर नोएडा में एनटीपीसी ऊर्जा प्रौद्योगिकी अनुसंधान गठबंधन परिसर देखा और स्वच्छ ऊर्जा नवाचार, ऊर्जा दक्षता, नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण और ग्रिड सुदृढ़ीकरण सहित उन्नत अनुसंधान एवं विकास कार्यों का जायजा लिया।
हैदराबाद हाउस दिल्ली में म्यांमार के राष्ट्रपति से बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहाकि म्यांमार भारत की नेबरहुड फर्स्ट, एक्ट ईस्ट और 'महासागर' यानी क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास केलिए पारस्परिक और समग्र उन्नति नीतियों का मिलन स्थल है। चर्चा में व्यापार और आर्थिक संबंधों, रक्षा और सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, विकास सहायता और सांस्कृतिक आदान प्रदान सहित द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के महत्व पर बल दिया गया। दोनों पक्षों ने विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों का उल्लेख किया और उनके शीघ्र निष्कर्ष की आशा व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दियाकि बेहतर संपर्क व्यवस्था से क्षेत्रमें पारस्परिक लाभकारी आर्थिक संबंध और साझा समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा। दोनों पक्षों ने कलादान मल्टीमोडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट परियोजना और भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग को पूरा करने की दिशा में मिलकर काम करने के महत्व को साझा किया। प्रधानमंत्री ने बतायाकि म्यांमार के छात्रों केलिए मेकांग गंगा आईसीसीआर छात्रवृत्ति की संख्या 2026 से 36 से बढ़ाकर 100 कर दी जाएगी।
भारत और म्यांमार रुपये-क्यात भुगतान प्रणाली सहित द्विपक्षीय व्यापार को सुगम बनाने व बढ़ाने पर सहमत हुए और मई 2024 में इसके संचालन केबाद से दर्ज किए गए लेनदेन की मात्रा में निरंतर वृद्धि की सराहना की। दोनों पक्षों ने अपने-अपने राष्ट्रीय कानूनों और विनियमों के अनुसार कृषि-प्रसंस्करण, पेट्रोलियम, ऊर्जा, खनन क्षेत्रों जैसे पारस्परिक हित के क्षेत्रोंमें घनिष्ठ व्यापार और निवेश सहयोग केलिए भी समर्थन व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने शांति, स्थिरता, राष्ट्रीय सुलह और सामाजिक व आर्थिक विकास की दिशा में म्यांमार के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों केप्रति समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने दोनों देशों केबीच आपसी सम्मान और मैत्रीपूर्ण संबंधों के आधार पर निरंतर सहायता व सहयोग की भी पेशकश की। राष्ट्रपति ने भारत के रचनात्मक समर्थन और सहयोग की सराहना की। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त कियाकि महाराष्ट्र के राज्यपाल और मुख्यमंत्री केसाथ राष्ट्रपति की बैठकें, साथही 2-3 जून 2026 को मुंबई की उनकी आगामी यात्रा उनके व्यापारिक कार्यक्रम मौजूदा द्विपक्षीय सहयोग और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेंगे।
राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की इस यात्रा ने म्यांमार और भारत केबीच दीर्घकालिक मित्रता और घनिष्ठ साझेदारी की पुष्टि की और दोनों देशों के पारस्परिक लाभ केलिए सहयोग को और मजबूत करने की दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाया। दोनों पक्ष सभी स्तरों पर घनिष्ठ सहयोग जारी रखने पर सहमत हुए। राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने भारत में अपने और अपने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों केप्रति दिखाए गए सौहार्दपूर्ण आतिथ्य सत्कार केलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केप्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आपसी सहमति से तय की गई तिथियों पर म्यांमार आने का निमंत्रण भी दिया।