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'मोदी युग जनजातीय गौरव का स्वर्णिम काल'

यूसीसी की कोई पाबंदी आदिवासी समाज पर नहीं लगेगी-अमित शाह

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर 'जनजाति सांस्कृतिक समागम'

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Monday 25 May 2026 01:18:21 PM

birth anniversary of lord birsa munda

नई दिल्ली। गृहमंत्री अमित शाह ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर दिल्ली में आयोजित ‘जनजाति सांस्कृतिक समागम’ में कहाकि नरेंद्र मोदी युग जनजातीय गौरव का स्वर्णिम काल है और यह समागम जनजातियों के महाकुंभ के रूपमें आनेवाले अनेक वर्ष तक जाना जाएगा। अमित शाह ने कहाकि वनवासियों का यह आंदोलन आने वाले दिनों में हमें बचाकर भी रखेगा, हमारी धरती, संस्कृति और धर्म से भी जोड़कर रखेगा। उन्होंने कहाकि ‘तू और मैं एक रक्त हैं’ मंत्र केसाथ वनवासी कल्याण आश्रम ने मूक सेवक बनकर जनजातीय सेवा का अखंड यज्ञ चलाया है। अमित शाह ने कहाकि हमारी संस्कृति, हमारी भूमि, हमारे धर्म को सुरक्षित करने केलिए यह महाकुंभ बहुत बड़ा काम करेगा। उन्होंने कहाकि यह भगवान बिरसा मुंडा केबाद सबसे पहला यह जनजातीय आंदोलन है, जो देश को एक करता है।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि यह वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का वर्ष है, बिरसा मुंडा ने उलगुलान आंदोलन ने अंग्रेज़ों को धूल चटाने का काम किया था और उस वक्त संचार की सुविधा न होने के बावजूद झारखंड से गुजरात तक पूरे भारत में जनजातियों को यह संदेश पहुंचाया थाकि हमारा धर्म ही सच्चा धर्म है और हमारे जंगल पर किसी का कब्ज़ा नहीं हो सकता, जल, जंगल, पहाड़ हमारे वनवासी भाइयों केलिए आस्था का केंद्र, आजीविका का साधन और उनकी अस्मिता और संस्कृति का संरक्षण करने वाला अभेद्य किला है। गृहमंत्री ने कहाकि आज सबसे बड़ा सस्टेनेबल मॉडल जनजातियों का बनाया गया मॉडल है, जनजातियों ने किसी लिखित नियम के बिना विविधता में एकता और एकता में विविधता के मंत्र को चरितार्थ किया है। गृहमंत्री ने कहाकि हमारे संविधान निर्माताओं ने हर व्यक्ति को अपने मूल धर्म में सम्मान केसाथ जीने का अधिकार दिया है, लोभ, लालच और जबरदस्ती कोई किसी का धर्म परिवर्तन नहीं करा सकता। उन्होंने कहाकि वनवासी अगर ठान लेंकि धर्म की रक्षा करने का संकल्प आज यहां लेना है तो यही संकल्प हमें हमारी संस्कृति और देश से जोड़कर रखेगा।
अमित शाह ने कहाकि हमारे बीच भेद पैदा करने वाले नहीं जानतेकि हज़ारों साल पहले भगवान श्रीराम ने शबरी के झूठे बेर खाकर हमें बताया थाकि हमसब एक हैं। उन्होंने कहाकि भेद पैदा करने वाले लोगों केलिए आजका यह सम्मेलन और लाखों की संख्या में उपस्थिति जनजातियां बहुत बड़ा संदेश है। गृहमंत्री ने उल्लेख कियाकि अब एक षड्यंत्र शुरू हुआ हैकि यूसीसी जनजातियों को अपनी संस्कृति, परंपरा, परंपरा से जीने के अधिकार से वंचित कर देगा। गृहमंत्री ने स्पष्ट कियाकि यूसीसी की कोई पाबंदी वनवासी समाज पर नहीं लगेगी और इससे किसी वनवासी के किसीभी अधिकार का अतिक्रमण नहीं होगा। अमित शाह ने कहाकि हमने गुजरात और उत्तराखंड में यूसीसी लागू किया है और विशेष प्रावधानकर यूसीसी से सारी जनजातियों को बाहर रखा है। उन्होंने कहाकि मैं भेद पैदा करने वालों को बताना चाहता हूंकि यूसीसी से किसीभी जनजाति की परंपरा से कोई खिलवाड़ नहीं होगा।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि हमारा देश नक्सल समस्या से पूर्णरूप से मुक्त हो गया है, अब समय है जनजातीय क्षेत्रों के पहाड़ों, जंगलों में विकास पहुंचाने का। उन्होंने जिक्र कियाकि अटल बिहारी वाजपेयी ने जनजाति कल्याण मंत्रालय बनाकर जनजातियों के विकास की शुरूआत की थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसे आगे बढ़ाया है। गृहमंत्री ने कहाकि हालही में हुए बंगाल के चुनाव में 16 ट्राइबल रिज़र्व सीटें भाजपा ने जीती हैं, मोदी सरकार जनजातियों के कल्याण केप्रति समर्पित सरकार है। गृहमंत्री ने कहाकि ग़रीब संथाल परिवार से द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाकर समग्र ट्राइबल समाज का कल्याण करने का काम किया गया है। उन्होंने कहाकि अटलजी के समय में झारखंड और छत्तीसगढ़ जनजाति बहुल राज्य बने और आज ओडिशा, छत्तीसगढ़ राज्यों में जनजाति का मुख्यमंत्री है।
गृहमंत्री ने इस अवसर पर यह भी बतायाकि पेसा कानून केलिए भारत सरकार ने एक पेसा सेल बनाया है, एक लाख से अधिक मास्टर ट्रेनर्स बनाए हैं, पैसा के नियमों का संथाली, गोंडी, भीली, मुंडारी ऐसी अनेक जनजाति भाषाओं में अनुवाद किया है। उन्होंने कहाकि पेसा ग्राम पंचायत विकास योजना पोर्टल बनाकर इसकी रियल टाइम मॉनिटरिंग करने का काम किया है। मध्य प्रदेश का पेसा कानून का मॉडल एक आदर्श मॉडल है और हमारी सरकारें इसको आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं। अमित शाह ने कहाकि विकास केलिए अनेक बड़ी योजनाएं, 722 एकलव्य मॉडल स्कूल और हर जनजाति परिवार केलिए मकान, बिजली, नल से जल और 5 लाख रूपए तकका स्वास्थ्य बीमा, राशन देने का काम किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों को सावधान करते हुए यह भी कहाकि हम भ्रांतियों से बचें, भेदभाव करने वालों को पहचानें और एकजुट होकर 2047 में विकसित और समृद्ध भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ें।

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