गंगटोक में सिक्किम राज्य की पचासवीं वर्षगांठ पर भव्य समारोह
हजारों करोड़ रुपये से अधिक विकास परियोजनाओं का शुभारंभस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Tuesday 28 April 2026 04:56:35 PM
गंगटोक। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सिक्किम के राज्य बनने की 50वीं वर्षगांठ पर गंगटोक में आयोजित एक भव्य समारोह में हजारों करोड़ रुपये की 30 से अधिक विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने पालजोर स्टेडियम में विशाल जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहाकि अपनी शांति और उद्यमशीलता केलिए प्रसिद्ध सिक्किम राज्य ने तीव्र प्रगति देखी है। उन्होंने राज्य केप्रति अपने गहरे लगाव को व्यक्त किया। ऑर्किड उद्यानों की अपनी यात्रा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहाकि वे प्रकृति के जीवंत रंगों और उमंग से मंत्रमुग्ध हो गए। राज्य के प्राकृतिक खजानों पर उन्होंने कहाकि सिक्किम का पूर्वी स्वर्ग जिसे ऑर्किड उद्यान के नाम से जाना जाता है, अद्वितीय सुंदरता, शांति और आध्यात्मिक आनंद प्रदान करता है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि यह अनुभव केवल सौभाग्य से ही प्राप्त होता है और मेरा मन अभीभी उन रंगों और उनके उत्सव में डूबा हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहाकि सिक्किम की 50वीं वर्षगांठ पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियां, जनता का उत्साह और पहाड़ों व आकाश का सुंदर नजारा पालजोर स्टेडियम में एक जादुई माहौल जैसा मानो प्रकृति और संस्कृति एकसाथ जीवंत हो उठी हों, ये यादें मेरे दिल में हमेशा रहेंगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए अपनी पिछली यात्रा को याद किया, जब खराब मौसम के कारण वे गंगटोक नहीं पहुंच पाए थे और उन्हें बागडोगरा से ऑनलाइन जुड़ना पड़ा था। लोगों से व्यक्तिगत रूपसे न मिल पाने की निराशा उनके मन में बनी रही थी और वे इस अवसर का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने सिक्किम के लोगों से मिलने के अपने अनूठे अनुभव के बारेमें बताया, जिनकी सौम्यता, सादगी और मुस्कुराते चेहरे उन्हें हमेशा शांति प्रदान करते हैं। मुख्य कार्यक्रम से पहले उन्होंने सिक्किम के कई प्रतिभाशाली लोगों से मुलाकात की, जिनमें प्रख्यात नागरिक, पद्म पुरस्कार विजेता, कलाकार और फुटबॉलर शामिल थे और उनसे विभिन्न विषयों पर चर्चा की। बीती शाम रोड शो का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने इसे एक अविस्मरणीय अनुभव बताया, गंजू लामा से लोक भवन तक सिक्किम के लोगों ने भारी संख्या में अपना प्रेम बरसाया। नरेंद्र मोदी ने कहाकि यह दृश्य प्रकृति की गोद में खिलते विभिन्न रंगों जैसा था, लोगों के हाथों में हमारा प्रिय तिरंगा था, भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे गूंज रहे थे, पूरा वातावरण 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को प्रतिबिंबित कर रहा था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग नागरिकों की उपस्थिति पर ध्यान दिया और उल्लेख कियाकि पूरे रास्ते में सिक्किम की सड़कें बेहद साफ थीं, कहीं भी गंदगी नहीं दिख रही थी और हवा व सड़कें दोनों ही शुद्ध थीं। नरेंद्र मोदी ने प्रशंसा करते हुए कहाकि सिक्किमवासी प्रकृति के अडिग रक्षक और ब्रांड एंबेसडर हैं। प्रधानमंत्री ने इस यात्रा को आगे बढ़ाने में कई पीढ़ियों के प्रयासों को सराहा। उन्होंने कहाकि राज्य सरकार सिक्किम की विरासत को संरक्षित करने और विकास को गति देने केलिए पूरी ईमानदारी से काम कर रही है। उन्होंने कहाकि केंद्र सरकार केलिए सिक्किम और पूर्वोत्तर न केवल देश के महत्वपूर्ण हिस्से हैं, बल्कि भारत की 'अष्टलक्ष्मी' का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसीलिए 'एक्ट ईस्ट' नीति पर काम करते हुए हमने पूर्वोत्तर केलिए 'एक्ट फास्ट' का संकल्प भी लिया है। प्रधानमंत्री ने कहाकि आज सड़क, बिजली, पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों को कवर करते हुए हजारों करोड़ रुपये की 30 से अधिक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया, वर्ष 2023 केबाद उत्तरी सिक्किम क्षेत्रों में उत्पन्न चुनौतियों विशेष रूपसे प्रभावित संपर्क को बहाल करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। पर्यटन अर्थव्यवस्था को सिक्किम की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहाकि भारत के भौगोलिक क्षेत्रफल के एक प्रतिशत से भी कम होने के बावजूद सिक्किम में देश की 25 प्रतिशत से अधिक वनस्पति विविधता, लगभग 500 पक्षी प्रजातियां, लगभग 700 तितली प्रजातियां, सुंदर वन क्षेत्र और भव्य कंचनजंगा पर्वतमाला मौजूद हैं।
प्रधानमंत्री ने कहाकि सिक्किम में पर्यटन से बड़ी संख्या में लोगों को आय प्राप्त होती है और पर्यटन तभी फलता-फूलता है, जब किसी राज्य में उत्कृष्ट बुनियादी ढांचा हो। उन्होंने कहाकि हाल के वर्षों में सैकड़ों किलोमीटर राजमार्गों का निर्माण किया गया है और हर गांव तक सड़क पहुंचाने का काम तेजीसे चल रहा है, आधुनिक बुनियादी ढांचा, जो कभी अकल्पनीय था, अब वास्तविकता बन रहा है। नरेंद्र मोदी ने बागडोगरा-गंगटोक एक्सप्रेसवे और सेवक-रंगपो रेल लाइन का उल्लेख सिक्किम को पूरे देश से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ियों के रूपमें किया। उन्होंने कहाकि गंगटोक जैसे शहरों में रिंग रोड जैसी आवश्यक भावी परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं। नरेंद्र मोदी ने कहाकि पहलीबार सिक्किम में रेल पहुंच रही है, भलेधुंगा, येन-येंग और पेलिंग में रोपवे के निर्माण, भलेधुंगा में बन रहे स्काईवॉक और सिंगशोर ब्रिज पर ग्लास डेक स्काईवॉक की तैयारियों को नवोन्मेषी सोच के उदाहरण के रूपमें प्रस्तुत किया। नाथुला और नमली जैसे स्थानों पर सीमावर्ती क्षेत्रों के अनुभव को बेहतर बनाने केलिए भी काम चल रहा है। नरेंद्र मोदी ने आश्वासन दियाकि इन प्रयासों से जीवन आसान होगा, पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, आय में वृद्धि होगी और यहां पर रोज़गार के अधिक अवसर पैदा होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम में पर्यावरण अनुकूल पर्यटन की अपार संभावनाओं का उल्लेख किया, जिसे सरकार सक्रिय रूपसे बढ़ावा दे रही है। उन्होंने बतायाकि स्थानीय लोगों केलिए पर्यटन से अधिकतम आय सुनिश्चित करने केलिए 1000 होमस्टे बनाए जा रहे हैं और साहसिक पर्यटन केलिए बुनियादी ढांचे को सहायता प्रदान की जा रही है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि हम स्थानीय समुदायों को पर्यटन से प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त करने के अवसर प्रदान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने फुटबॉल, मुक्केबाजी और तीरंदाजी जैसे प्रमुख मंचों पर अपनी क्षमता और प्रतिभा साबित करने वाले युवाओं की प्रशंसा की, जिन्होंने राज्य और राष्ट्र दोनों का नाम रोशन किया है। नरेंद्र मोदी ने सिक्किम की असाधारण खेल प्रतिभाओं को पोषित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने 'खेलो इंडिया' और 'फिट इंडिया' अभियानों से सरकार के बहुआयामी दृष्टिकोण को रेखांकित किया। उन्होंने कहाकि राज्य खेल अकादमी के पुनरुद्धार और सिक्किम प्रीमियर लीग जैसे आयोजनों को बढ़ावा देने केसाथ-साथ आगामी परियोजनाओं, जिनमें जस लाल प्रधान के नामपर एक अत्याधुनिक मुक्केबाजी अकादमी और एकीकृत खेल एवं सांस्कृतिक गांव शामिल हैं के माध्यम से राज्य विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना प्रदान करने केलिए तैयार है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि ये सिक्किम के युवाओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेंगे और उन्हें खेलों में और भी अधिक चमकने में मदद करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि ड्रेजोंग नामग्याल सोवा रिग्पा अस्पताल के उद्घाटन से सिक्किम की स्वास्थ्य प्रणाली को और मजबूती मिलेगी। किफायती इलाज और स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे को उपलब्ध कराने केप्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने विभिन्न पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने जिक्र कियाकि शुरुआत में गरीबों को मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड दिए गए थे और अब यह सुविधा 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों तक बढ़ा दी गई है, जबकि जन औषधि केंद्रों पर दवाएं बेहद किफायती दरों पर उपलब्ध हैं। नरेंद्र मोदी ने कहाकि इन प्रयासों से न केवल आपका जीवन आसान हुआ है, बल्कि आपके चिकित्सा खर्च में भी कमी आई है। प्रधानमंत्री ने कहाकि आर्थिक प्रगति और संसाधनों को लेकर विश्व का नजरिया तेजीसे बदल रहा है और अब वैश्विक ध्यान सतत जीवनशैली, स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खाद्य पदार्थों पर केंद्रित है। उन्होंने खुशी जताईकि पूर्वोत्तर और सिक्किम इस भावी विकास के प्रमुख केंद्र हैं, सिक्किम ने पूरे देश को दिशा दिखाई है, सिक्किम ने 2016 में खुदको पूरी तरह से जैविक राज्य घोषित कर दिया था, जो पूरे देश केलिए एक मिसाल है। प्रधानमंत्री ने कहाकि देमाजोंग अब न केवल चावल उत्पादन, बल्कि जैविक चावल केलिए भी जाना जाता है, बड़ी इलायची, अदरक, हल्दी, एवोकैडो, कीवी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में पहुंच रहे हैं, जबकि सैकड़ों प्रकार के औषधीय पौधे स्थानीय लोगों केलिए आय का स्रोत बन रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बतायाकि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को सीधे बाजार तक पहुंच प्रदान करने केलिए एक जैविक प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया गया है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि सिक्किम का जैविक और प्राकृतिक खेती मॉडल पूरे देश केलिए प्रेरणा है। सिक्किम की आर्थिक प्रगति में स्वयं सहायता समूहों और महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकारते हुए प्रधानमंत्री ने कहाकि डिजिटल इंडिया उनके उत्पादों को व्यापक बाजारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, 'स्वयं सिक्किम' जैसे प्लेटफॉर्म आज इन महिलाओं को सशक्त बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने सिक्किम की स्वच्छ ऊर्जा की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया, जिनका उपयोग पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। उन्होंने स्वीकार कियाकि पर्यावरण संरक्षण सिक्किम के लोगों के स्वभाव में निहित है और 'एक पेड़ मां के नाम' पहल और स्थानीय स्तरपर चलाई जा रही 'मेरो रुख मेरो संतति' पहल में उनकी भागीदारी की सराहना की, जिसके तहत प्रत्येक बच्चे के जन्म पर 108 पेड़ लगाए जाते हैं। प्रधानमंत्री ने सभीसे पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को उसी समर्पण केसाथ जारी रखने का आह्वान करते हुए इसे एक ऐसी विरासत बताया, जिसे आनेवाली पीढ़ियों केलिए संरक्षित किया जाना चाहिए। नरेंद्र मोदी ने संदेश दियाकि यह हमारी धरोहर है, जिसे हमें भावी पीढ़ियों केलिए सुरक्षित रखना चाहिए।