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भारत और ऑस्ट्रिया भरोसेमंद साझेदार-प्रधानमंत्री

चार दशक बाद भारत आए ऑस्ट्रिया के चांसलर का जोरदार स्वागत!

'भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी को इनोवेशन केंद्रित व फ्यूचर रेडी बनाएंगे'

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Thursday 16 April 2026 03:12:02 PM

chancellor of austria and pm narendra modi

नई दिल्ली। ऑस्ट्रिया से चार दशक केबाद और पहलीबार भारत आए ऑस्ट्रिया के चांसलर डॉ क्रिश्चियन स्टॉकर का आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस नई दिल्ली में बड़ी गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चांसलर डॉ क्रिश्चियन स्टॉकर की यूरोप के बाहर अपनी पहली यात्रा पर भारत आने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहाकि यह उनके विज़न और भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों केप्रति चांसलर डॉ क्रिश्चियन स्टॉकर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि ऑस्ट्रिया के चांसलर की भारत यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है, वर्ष 2026 के ऐतिहासिक भारत-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट केबाद भारत और यूरोपियन यूनियन केबीच संबंधों में एक नए सुनहरे अध्याय की शुरुआत हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि चांसलर डॉ क्रिश्चियन स्टॉकर की इस यात्रा से हम भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को भी एक नए कालखंड में ले जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहाकि इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और सस्टेनिबिलिटी में भारत और ऑस्ट्रिया भरोसेमंद साझेदार हैं, दिल्ली मेट्रो हो या हिमालय पर दस हजार फीट की ऊंचाई पर बना अटल टनल ऑस्ट्रिया की टनलिंग एक्स्पर्टीज़ ने अपनी मजबूत छाप छोड़ी है। प्रधानमंत्री ने कहाकि इतना ही नहीं रेलवे प्रोजेक्ट्स से गुजरात के गिरनार रोपवे तक, क्लीन एनर्जी से लेकर अर्बन डेवलपमेंट तक भारत के कई इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में ऑस्ट्रियन कंपनियां सक्रिय भागीदार रही हैं। उन्होंने कहाकि चांसलर डॉ क्रिश्चियन स्टॉकर की यह यात्रा ट्रेड और इनवेस्टमेंट में नई ऊर्जा लाएगी और खुशी हैकि वे एक बड़े विजन और बड़े बिजनस प्रतिनिधिमंडन केसाथ भारत आए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि हम ऑस्ट्रिया की एक्स्पर्टीज़ और भारत की स्पीड एवं स्केल को जोड़कर विश्व केलिए भरोसेमंद टेक्नॉलजी और आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करेंगे, हम डिफेंस, सेमीकंडक्टर, क्वांटम और बयो-टेक्नॉलाजी में भी अपनी पार्ट्नर्शिप को सुदृढ़ करेंगे। नरेंद्र मोदी ने कहाकि हम इंजीनियरिंग और टेक्निकल एजुकेशन सहयोग को भी और मजबूत करेंगे, आईआईटी दिल्ली और ऑस्ट्रिया की मोंटान यूनिवर्सिटी केबीच साइन एमओयू इस ज्ञान माप का एक उज्ज्वल उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने कहाकि भारत का टैलेंट ऑस्ट्रिया की नवाचार और उत्पादकता को बढ़ाने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहाकि 2023 में हमने ऑस्ट्रिया केसाथ एक व्यापक माइग्रेशन एंड मोबिलिटी एग्रीमेंट किया, अब इसके अंतर्गत हम नर्सिंग सेक्टर में भी मोबिलिटी को आगे बढ़ाएंगे, हम जॉइंट रिसर्च और स्टार्टअप सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। उन्होंने कहाकि यूथ एक्सचेंज को प्रमोट करने केलिए हम भारत-ऑस्ट्रिया वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम भी लॉंच कर रहें हैं।
प्रधानमंत्री ने कहाकि विश्व एक बहुतही गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है और इसका प्रभाव हम सभीपर पड़ रहा है, ऐसे तनावपूर्ण वैश्विक माहौल में भारत और ऑस्ट्रिया एकमत हैंकि मिलिटरी कॉन्फ्लिक्ट से समस्याओं का समाधान नहीं निकल सकता, यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया हम एक स्टेबल, सस्टेनबल और स्थायी शांति का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहाकि हम इस बातपर भी एकमत हैंकि बढ़ते ग्लोबल चैलेंजेस के समाधान केलिए वैश्विक संस्थाओं का रिफॉर्म अनिवार्य है और आतंकवाद को जड़ से मिटाना हमारी साझी प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहाकि हम भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी को इनोवेशन केंद्रित और फ्यूचर रेडी बनाएंगे।

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