पंजीकरण, संशोधन, स्वामित्व हस्तांतरण, वार्षिक विवरण दाखिल
डेढ़ लाख से अधिक पत्र पत्रिकाओं के रिकॉर्ड का डिजिटलीकरणस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Thursday 12 March 2026 02:59:15 PM
नई दिल्ली। प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से अब सभी प्रेस पंजीकरण सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं और अबतक 1.5 लाख से अधिक पत्रिकाओं के रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण किया जा चुका है। प्रेस सेवा पोर्टल में 780 जिले शामिल हुए। पांच करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया और 88,315 प्रकाशन रद्द किए गए। गौरतलब हैकि प्रेस एवं पत्रिका पंजीकरण (पीआरपी) अधिनियम-2023 के अनुसार पत्रिकाओं के पंजीकरण के सभी आवेदन प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से संसाधित किए जाते हैं, जिसके अनुसार प्रेस एवं पुस्तक पंजीकरण (पीआरबी) अधिनियम-1867 जो अब निरस्त है, के अंतर्गत पंजीकृत समाचार पत्रों के सभी भौतिक अभिलेखों (1.5 लाख से अधिक) को डिजिटाइज़ करके प्रेस सेवा पोर्टल का हिस्सा बना दिया गया है। सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्यमंत्री डॉ एल मुरुगन ने यह जानकारी लोकसभा में दामोदर अग्रवाल के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी है।
वर्तमान में नई पत्रिकाओं का पंजीकरण, मौजूदा पत्रिकाओं के पंजीकरण का संशोधन, पत्रिकाओं का स्वामित्व हस्तांतरण, वार्षिक विवरण दाखिल करना, ऑनलाइन जुर्माना भुगतान, पत्रिकाओं का प्रसार सत्यापन आदि जैसी सेवाएं प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से संसाधित की जा रही हैं। अधिनियम के कार्यान्वयन के अंतर्गत 780 जिलों के निर्दिष्ट प्राधिकरणों को प्रेस सेवा पोर्टल से जोड़ा गया है। एक मार्च 2024 से अब तक 11,081 आवेदनों पर कार्रवाई की जा चुकी है और संबंधित श्रेणियों के लिए प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से लगाए गए और भुगतान किए गए जुर्माने की विस्तृत सूची जारी कर दी गई है। रद्द किए गए ऐसे समाचार पत्रों की राज्यवार विस्तृत सूची जारी की गई है। सरकार अपनी विभिन्न पहलों और कार्यक्रमों के प्रभाव का निरंतर मूल्यांकन करती है। प्रेस रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (पीआरजीआई) पोर्टल के माध्यम से बेहतर सेवाएं प्रदान करने केलिए निरंतर प्रतिक्रिया प्राप्त करते हैं और कार्रवाई करते हैं। पंजीकृत समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं की सूची पीआरजीआई की वेबसाइट https://prgi.gov.in/ पर हमारी सेवाएं शीर्षक के अंतर्गत पंजीकृत शीर्षक टैब में उपलब्ध है।