राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मुख्य अतिथि के रूपमें वायुशक्ति की शोभा बढ़ाई
पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में एकीकृत वायुरक्षा व हवाई लैंडिंग अभियानस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Saturday 28 February 2026 12:43:36 PM
जैसलमेर। भारतीय वायुसेना ने जैसलमेर में पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में ‘वायुशक्ति 26’ अभ्यास के दौरान अचूक अभेद्य और सटीक निशाने लगाएं, जिसे देखकर वहां उपस्थित एवं दूर-दराज बैठे देशवासी गदगद हो गए। वायु सैनिकों ने हवाई अभियानों के संपूर्ण क्रियाकलापों में अपनी दुर्जेय युद्ध तत्परता, उत्कृष्ट परिचालन समन्वय और अत्याधुनिक तकनीकी दक्षता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मुख्य अतिथि के रूपमें अभ्यास प्रदर्शन समारोह की शोभा बढ़ाई। इस अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसानराव बागडे, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जीएस शेखावत, मुख्य सूचना आयुक्त राज कुमार गोयल, कैबिनेट सचिव डॉ टीवी सोमनाथन, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, भारतीय वायुसेना व भारतीय नौसेना के कमांडर इन चीफ, तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्र तथा राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, रक्षा सहायक अधिकारी, पूर्व वायुसेना प्रमुख, सम्मानित पूर्व सैनिक, मित्र देशोंके रक्षा अटैचेस, भारतीय व अंतर्राष्ट्रीय मीडिया प्रतिनिधि और स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
वायुशक्ति अभ्यास में भारतीय वायुवीरों ने गतिशील एवं वास्तविक युद्धक्षेत्र के वातावरण में जटिल और एकीकृत हवाई अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम देने की अपनी सशक्त क्षमता का प्रदर्शन किया। इससे पूर्व दिन के समय राष्ट्रपति ने स्वदेशी रूपसे विकसित एलसीएच प्रचंड में उड़ान भरी, जो आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के अनुरूप रक्षा विनिर्माण के क्षेत्रमें भारत की निरंतर बढ़ती आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक है। पहलीबार वायुशक्ति अभ्यास का संचालन एक सुविचारित एवं पूर्वनिर्धारित परिचालन रणनीति के अंतर्गत किया गया, जिससे यह वास्तविक युद्धक्षेत्र के यथार्थ अनुकरण में परिवर्तित हो गया। अभ्यास के दौरान आक्रामक हवाई हमलों, वायु रक्षा गतिविधियों, विशेष बलों के अभियानों और मानवीय सहायता कार्यों को निर्बाध रूपसे एकीकृत किया गया, जिसने बहुक्षेत्रीय, एकीकृत बल तथा राष्ट्र के प्रथम उत्तरदाता के रूपमें भारतीय वायुसेना की सशक्त भूमिका को स्पष्ट रूपसे प्रदर्शित किया। अभ्यास का शुभारंभ राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत केसाथ हुआ, इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज, वायुसेना ध्वज तथा ऑपरेशन सिंदूर ध्वज को धारण किए चेतक हेलीकॉप्टरों ने औपचारिक फ्लाई-पास्ट किया। राफेल लड़ाकू विमान सटीक समय पर ध्वनि विस्फोट उच्च तीव्रता वाले युद्ध अभियानों केलिए एक सशक्त और प्रभावशाली मंच का निर्माण करते हुए प्रतीत दिखे।
भारतीय वायुसेना के दिनरात संचालित इस अभ्यास में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर, हॉक, एमआई-17, सी-130जे, सी-295, सी-17, स्वदेशी उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर (एएलएच) ‘ध्रुव’ तथा हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच) ‘प्रचंड’ सहित 130 से अधिक विमानों ने सहभागिता की। लड़ाकू विमानों ने उन्नत वायु से भूमि हथियारों का प्रयोग करते हुए कृत्रिम शत्रु ठिकानों पर अत्यंत सटीक प्रहार किए, जिससे भारतीय वायुसेना की उच्चस्तरीय सटीक मारक क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ और इनमें सटीक निर्देशित आयुध एवं लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता शामिल थी। हवाई रक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन आकाश एवं स्पाइडर मिसाइल प्रणालियों जैसे हवाई प्लेटफार्मों तथा जमीनी प्रणालियों के समन्वित संचालन के माध्यम से किया गया, जिन्हें सेना की वायुरक्षा परिसंपत्तियों, जैसे एल-70 और एम-777 का प्रभावी सहयोग प्राप्त था। यह अभ्यास वायु एवं थल बलों केबीच निर्बाध व सुदृढ़ समन्वय का सशक्त प्रमाण प्रस्तुत करता है। विशेष अभियान और मानवीय सहायता मिशन इस अभ्यास के प्रमुख घटक रहे। शाम होते ही गरुड़ स्पेशल फोर्सेज को पैरा सेफ्टी टुकड़ियों केसाथ एमआई-17 हेलीकॉप्टरों द्वारा उतारा गया, ताकि शहरी क्षेत्र में घुसपैठ एवं बंधक बचाव अभियान का अभ्यास किया जा सके।
एडवांस लैंडिंग ग्राउंड से सी-130 और सी-295 विमानों से हमले के पश्चात लैंडिंग तथा बचाव अभियान संचालित किया गया, जिससे त्वरित प्रतिक्रिया व घायलों की सुरक्षित निकासी में भारतीय वायुसेना की निर्णायक भूमिका उजागर हुई। अभ्यास के रात्रि चरण में एकीकृत वायुरक्षा तथा हवाई लैंडिंग अभियानों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया, जिसके उपरांत अनेक लड़ाकू विमानों ने अत्यंत सटीक रात्रिकालीन प्रहार किए, इससे भारतीय वायुसेना की चौबीस घंटे युद्धक्षेत्र में प्रभुत्व स्थापित करने की सुदृढ़ क्षमता स्पष्ट रूपसे परिलक्षित हुई। अभ्यास का समापन सी-17 विमान के प्रतीकात्मक ‘युद्धविराम उड़ान’ केसाथ हुआ, जिसके पश्चात भारतीय वायुसेना की गौरवशाली विरासत एवं उल्लेखनीय उपलब्धियों के उत्सवस्वरूप एक भव्य ड्रोन प्रदर्शन आयोजित किया गया। अचूक, अभेद्य एवं सटीक के अपने मूल मूल्यों से प्रेरित वायुशक्ति–26 अभ्यास ने भारतीय वायुसेना के परिचालन सिद्धांतों, संयुक्त एकीकरण और अत्याधुनिक तकनीकी क्षमताओं को सुदृढ़ रूप से प्रमाणित किया। अभ्यास के जरिए भारत की व्यापक राष्ट्रीय शक्ति एवं रणनीतिक प्रतिरोध के एक प्रमुख स्तंभ के रूपमें भारतीय वायुसेना की भूमिका की पुनः पुष्टि हुई।