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राष्ट्रपति पंजाब में गंभीर ड्रग एडिक्शन पर चिंतित!

'विश्वविद्यालय युवाओं को सही मार्गदर्शन केलिए हर संभव प्रयास करें'

गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत पर स्नातकों को दीं उपाधियां

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Thursday 15 January 2026 04:48:26 PM

president droupadi murmu in guru nanak dev university convocation

अमृतसर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज अमृतसर में गुरुनानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में स्नातक छात्र-छात्राओं को पदक और उपाधियां प्रदान कीं। राष्ट्रपति ने समारोह को संबोधित करते हुए चिंता व्यक्त कीकि हाल के वर्षों में पंजाब में मादक द्रव्यों के सेवन की समस्या एक गंभीर चुनौती बनी हुई है, जिससे सबसे अधिक प्रभावित युवा हैं, यह समस्या न केवल स्वास्थ्य, बल्कि समाज के सामाजिक, आर्थिक और नैतिक ताने-बाने को भी प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहाकि एक स्वस्थ समाज केलिए इस समस्या का स्थायी समाधान बहुत जरूरी है। उन्होंने कहाकि इस संदर्भ में गुरुनानक देव विश्वविद्यालय जैसे शिक्षण संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है और विश्वविद्यालय के हितधारकों को युवाओं को सही दिशा में मार्गदर्शन करने केलिए हर संभव प्रयास करने चाहिएं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहाकि औपचारिक शिक्षा पूरी करने केबाद स्नातक छात्र-छात्राएं अलग-अलग दिशाओं में अपना सफर शुरू करेंगे, कुछ सरकारी या निजी क्षेत्र में सेवा करेंगे, कुछ उच्च शिक्षा या अनुसंधान करेंगे, जबकि कई अपना खुदका व्यवसाय स्थापित करेंगे या शिक्षण में अपना करियर बनाएंगे। उन्होंने कहाकि हालांकि प्रत्येक क्षेत्र में अलग-अलग योग्यताओं और कौशलों की आवश्यकता होती है, लेकिन कुछ गुण हर क्षेत्रमें प्रगति केलिए समान रूपसे आवश्यक और सहायक होते हैं, ये गुण हैं-सीखने की निरंतर इच्छा और लगन, प्रतिकूल और कठिन परिस्थितियों में भी नैतिक मूल्यों, सत्यनिष्ठा और ईमानदारी का दृढ़ पालन, परिवर्तन को अपनाने का साहस, असफलताओं से सीखने और आगे बढ़ने का दृढ़ संकल्प, टीम वर्क और सहयोग की भावना, समय और संसाधनों का अनुशासित उपयोग और ज्ञान और क्षमताओं का उपयोग व्यक्तिगत लाभ केलिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के व्यापक हित केलिए करना।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहाकि ये गुण न केवल उन्हें एक अच्छा पेशेवर बनाएंगे, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक भी बनाएंगे। राष्ट्रपति ने छात्रों को याद दिलायाकि शिक्षा केवल जीविका का साधन नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का भी साधन है। उन्होंने कहाकि जिस समाज ने उन्हें शिक्षा प्रदान की है, उसके प्रति वे ऋणी हैं और विकास की राह में पिछड़ चुके लोगों के उत्थान के प्रयास करना इस ऋण को चुकाने का एक तरीका हो सकता है। राष्ट्रपति ने कहाकि पिछले दशक में भारत ने प्रौद्योगिकी विकास और उद्यमिता संस्कृति के क्षेत्रमें उल्लेखनीय प्रगति की है एवं आज कृषि से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रक्षा से लेकर अंतरिक्ष तक युवाओं केलिए अनेक उद्यमशीलता के अवसर उपलब्ध हैं। राष्ट्रपति ने कहाकि हमारे उच्च शिक्षा संस्थान अनुसंधान को बढ़ावा देकर, उद्योग अकादमिक सहयोग को मजबूत करके और सामाजिक रूपसे प्रासंगिक नवाचारों को प्रोत्साहित करके इस प्रगति को और गति प्रदान कर सकते हैं।
राष्ट्रपति ने कहाकि 'विकसित भारत' के निर्माण में अगले दो दशक अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और भारत का भविष्य उन युवाओं पर निर्भर करता है, जो वैज्ञानिक सोच रखते हैं, जिम्मेदारी से कार्य करते हैं और नि:स्वार्थ भाव से सेवा करते हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों से अपने छात्रों में इन मूल्यों को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने युवा छात्रों से यहभी सुनिश्चित करने का आग्रह कियाकि वे जोभी पेशा चुनें, उनका योगदान राष्ट्र को मजबूत करने और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने में सहायक हो। उन्होंने कहाकि गुरुनानक देव विश्वविद्यालय की स्थापना श्रीगुरु नानक देवजी की 500वीं जयंती पर हुई थी और उनके उपदेश एवं मूल्य विश्वविद्यालय के मार्गदर्शक सिद्धांत हैं। उन्होंने कहाकि श्रीगुरु नानक देवजी के उपदेश हमारी साझा विरासत हैं और उनके विचार एवं आदर्श समस्त मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं, उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करके हम समाज में व्याप्त अनेक समस्याओं का समाधान पा सकते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहाकि श्रीगुरु नानक देवजी ने हमें सिखाया हैकि समाज में महिलाओं को समान अधिकार मिलने चाहिएं। द्रौपदी मुर्मू ने खुशी व्यक्त कीकि गुरुनानक देव विश्वविद्यालय श्रीगुरु नानक देवजी की शिक्षाओं के अनुरूप महिला सशक्तिकरण केलिए प्रयासरत है, जो दीक्षांत समारोह में डिग्री और पदक प्राप्त करने वाली छात्राओं की अधिकता से स्पष्ट है। उन्होंने कहाकि समाज और राष्ट्र के हित में हैकि महिलाओं को पूर्ण आत्मविश्वास केसाथ आगे बढ़ने के अवसर मिलें और सभीको इसके लिए प्रयास करने चाहिएं।

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