भारतीय रेलवे के समग्र प्रदर्शन में योगदान एवं उपलब्धियों को मान्यता
रेल मंत्री ने रेल कर्मचारियों को भारतीय रेलवे का नायक और रीढ़ बतायास्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Saturday 10 January 2026 01:25:34 PM
नई दिल्ली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी केंद्र (यशोभूमि) दिल्ली में समारोहपूर्वक रेल अधिकारियों को 70वां अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार और विभिन्न श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 26 ज़ोन को शील्ड प्रदान की है। अश्विनी वैष्णव ने इस अवसर पर कहाकि वर्ष 2047 तक विकसित भारत, विकसित रेलवे के सपने को साकार करने केलिए भारतीय रेलवे को नए स्तरपर पहुंचना होगा। रेल कर्मचारियों के समर्पण की सराहना करते हुए उन्होंने कहाकि उनके सामूहिक प्रयासों से ही भारतीय रेलवे ने लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों पर काबू पाया है, क्षमताओं का विस्तार, दक्षता में सुधार किया है और बुनियादी एवं परिचालन संबंधी कई अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। समारोह में रेल राज्यमंत्री वी सोमन्ना, रेल बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार, रेल बोर्ड के सदस्य और विभिन्न रेलवे ज़ोन एवं उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधक भी उपस्थित थे।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहाकि बड़े स्तरपर रेलवे ट्रैक निर्माण से रेलवे क्षमताओं में काफी वृद्धि हुई है। उन्होंने बतायाकि दीवाली, छठ, क्रिसमस और गर्मी के मौसम जैसे व्यस्त मौसमों में विशेष ट्रेनों से यात्रियों को सफर में आसानी हुई और एक नया मानदंड स्थापित किया गया। रेल मंत्री ने कहाकि भारतीय रेलवे ने 2026 केलिए ‘52 सप्ताह, 52 सुधार’ नामक महत्वाकांक्षी सुधार योजना शुरू की है, जिसके तहत ग्राहक सेवा, रखरखाव, उत्पादन, गुणवत्ता प्रबंधन, स्वास्थ्य प्रणाली और संचालन जैसे प्रमुख कार्यात्मक क्षेत्रों में हर सप्ताह एक बड़ा सुधार लागू किया जाएगा। उन्होंने कहाकि मानकों को पुनर्परिभाषित करने, बाधाओं की पहचान करने और स्पष्ट, समयबद्ध कार्य योजनाएं तय करने केलिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी केसाथ कार्यशालाओं की एक श्रृंखला आयोजित की जा रही है। उन्होंने भारतीय रेलवे का मार्गदर्शन करने वाले छह प्रमुख संकल्पों की रूपरेखा प्रस्तुत की, पहला-जवाबदेही और क्रियांवयन से संचालित ग्राहक सेवा, रखरखाव, उत्पादन, गुणवत्ता और स्वास्थ्य प्रणालियों में समयबद्ध बदलावों केसाथ प्रणालीगत सुधारों केलिए निर्णायक प्रयास।
भारतीय रेलवे का मार्गदर्शन करने वाला दूसरा संकल्प है-विश्वसनीयता और उत्पादकता में सुधार केलिए नई पीढ़ी के रोलिंग स्टॉक, उन्नत ट्रैक सिस्टम, आधुनिक सिग्नलिंग और स्मार्ट रखरखाव प्रथाओं सहित प्रौद्योगिकी, नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता को व्यापक रूप से अपनाना। तीसरा-रखरखाव के मानकों का मूलभूत उन्नयन यह मानते हुएकि पुरानी प्रथाओं से दूर जाना अल्पकालिक असुविधा का कारण बन सकता है, लेकिन दीर्घकालिक सुरक्षा और प्रदर्शन केलिए यह ज़रूरी है। चौथा-सुरक्षा पर सीधा और केंद्रित फोकस, जिसका मकसद बेहतर प्रशिक्षण, प्रौद्योगिकी तैनाती, अनुशासित संचालन और नेतृत्व के सभी स्तरों पर दैनिक निगरानी के ज़रिए गंभीर दुर्घटनाओं को कम करना है। पांचवां-प्रशिक्षण और प्रतिभा विकास में परिवर्तन, निरंतर कौशल के उन्नयन को अनिवार्य बनाना, प्रशिक्षण को कैरियर प्रगति से जोड़ना और उच्च दक्षता वाले कार्यबल के निर्माण केलिए सिमुलेटर और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग करना। छठा-औपनिवेशिक मानसिकता का पूर्ण उन्मूलन, अधिकारियों को नए विचारों केप्रति खुलापन अपनाने, युवा अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को सशक्त बनाने, भारतीय समाधानों को बढ़ावा देने और वैश्विक स्तरपर स्वीकार की जा रही मेड इन इंडिया उपलब्धियों पर गर्व करने केलिए प्रोत्साहित करना।
अश्विनी वैष्णव ने स्टार्टअप्स और नवप्रवर्तकों को शामिल करने, रेलवे कर्मचारियों को सुधार संबंधी सुझाव देने केलिए प्रोत्साहित करने और सफल नवाचारों को पूरे नेटवर्क में लागू करने के महत्व पर भी बल दिया। उन्होंने कहाकि भारतीय रेलवे को भी परिवर्तन के प्रति ऐसा ही साहस और आत्मविश्वास दिखाना चाहिए। उन्होंने कहाकि युवा कार्यबल, पारदर्शी प्रणालियों और सुधार आधारित मानसिकता के साथ, भारतीय रेलवे वैश्विक स्तरपर एक मिसाल बनने और 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में एक ज़रूरी स्तंभ बनने केलिए बेहतर स्थिति में है। भारतीय रेलवे में विद्युतीकरण के 100 वर्ष पूरे होने पर एक स्मारक सिक्का भी जारी किया गया। राज्यमंत्री वी सोमन्ना ने भारतीय रेलवे को दुनिया के सबसे बड़े सेवा संगठनों में से एक बताते हुए रेल परिवार को प्रतिदिन लाखों लोगों केलिए सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने का श्रेय दिया। उन्होंने बतायाकि वर्तमान में रेल सुविधाएं जम्मू कश्मीर और उत्तर पूर्वी जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित हो चुकी हैं। उन्होंने बेहतर संपर्क केलिए अमृत भारत और नमो भारत ट्रेनों का भी ज़िक्र किया और कहाकि आगामी वंदे भारत स्लीपर लंबी दूरी की यात्रा को सुगम बनाएगी।
रेलवे के विद्युतीकरण और पर्यावरण स्थिरता में हुई प्रगति पर अश्विनी वैष्णव ने कहाकि भारतीय रेलवे पर्यावरण अनुकूल संचालन की ओर अग्रसर है। उन्होंने सभी स्तरों पर रेलवे कर्मचारियों के समर्पण और प्रतिबद्धता की प्रशंसा की और उन्हें संगठन की रीढ़ बताया। सतीश कुमार ने कहाकि भारतीय रेलवे में तेज़ीसे बदलाव आए हैं और यह एक आधुनिक, सुरक्षित और यात्री केंद्रित संगठन के रूपमें उभरा है। उन्होंने आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, मानवरहित लेवल क्रॉसिंग को खत्म करने, ट्रैक की बेहतर निगरानी और संबंधित सुरक्षा उपायों के ज़रिए निरंतर जारी सुधारों के बारेमें जानकारी दी। उन्होंने कहाकि भारतीय रेलवे डोर-टू-डोर और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स के ज़रिए नए मानक स्थापित कर रहा है और राष्ट्र की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने रेल विद्युतीकरण की शताब्दी को भारतीय रेलवे की यात्रा में एक गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया, जिसे विशेष पहलों के ज़रिए मनाया जा रहा है। रेल कर्मचारियों को असली नायक मानते हुए उन्होंने उनके अनुशासन, समर्पण और सेवा को इन बदलावों की रीढ़ बताया।
गौरतलब हैकि भारतीय रेलवे प्रतिवर्ष अपने कर्मचारियों को अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार प्रदान करता है। ये पुरस्कार दो श्रेणियों में दिए जाते हैं-व्यक्तिगत पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले रेलवे जोन को दिए जाने वाले शील्ड पुरस्कार। व्यक्तिगत पुरस्कार रेलवे कर्मियों के समर्पण, कड़ी मेहनत और भारतीय रेलवे को अधिक कुशल, सुरक्षित और यात्री-अनुकूल संगठन बनाने में उनके असाधारण योगदान को मान्यता देने और सम्मानित करने का एक मंच प्रदान करते हैं। विभिन्न श्रेणियों में शील्ड पुरस्कार भारतीय रेलवे के समग्र प्रदर्शन में उनके उत्कृष्ट योगदान और उपलब्धियों को मान्यता देते हुए प्रदान किए जाते हैं।