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'एनएसजी देश की विश्वस्तरीय व जीरो एरर फोर्स'

गृहमंत्री ने एनएसजी की आईईडी डेटा प्रबंधन प्रणाली का उद्घाटन किया

आतंकवाद के विरुद्ध नेक्स्ट जेनरेशन सुरक्षा कवच बनेगा एनआईडीएमएस

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Friday 9 January 2026 04:58:30 PM

home minister amit shah

नई दिल्ली। गृहमंत्री अमित शाह ने आज वीडियो कॉंफ्रेंस से राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड की राष्ट्रीय आईईडी डेटा प्रबंधन प्रणाली का उद्घाटन किया और कहाकि यह देश में होनेवाली सभी प्रकार की आतंकवादी घटनाओं की जांच एवं उनके विभिन्न पहलुओं के विश्लेषण में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी और आतंकवाद के विरुद्ध नेक्स्ट जेनरेशन सुरक्षा कवच बनेगी। गृहमंत्री ने कहाकि इन 6 वर्ष में अनेक प्रकार का डेटा जनरेटकर उसे व्यवस्थित तरीके से एकत्रित करने का महत्वपूर्ण कार्य हुआ है, गृह मंत्रालय ने विभिन्न प्रकार के डेटा सृजित किए हैं, लेकिन अबतक वे साइलो में यानि अलग-अलग थे, अब हम इन सभी डेटा स्रोतों को एकदूसरे से जोड़ने और उनके विश्लेषण केलिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित उन्नत सॉफ्टवेयर विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहाकि एनआईडीएमएस की यह शुरुआत देश को आतंकवाद से सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगी।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि एनआईडीएमएस से एनआईए, देशभर की एटीएस, राज्यों की पुलिस और सभी सीएपीएफ को एक वृहद, एकीकृत और ऑनलाइन डेटा प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा, जो दो तरफा होगा। उन्होंने कहाकि किसीभी स्थान पर हुए विस्फोट या आईईडी संबंधी घटना का डेटा इस सिस्टम में शामिल किया जा सकेगा, इस डेटा का उपयोग करके हर राज्य में जांच के दौरान आवश्यक गाइडेंस प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहाकि एनआईडीएमएस आतंकी गतिविधियों की जांच, विस्फोटों के ट्रेंड समझने और उनके खिलाफ प्रभावी रणनीति बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। गृहमंत्री ने कहाकि एनएसजी केपास जो डेटाबेस उपलब्ध है, उसमें 1999 से लेकर अबतक सभी बम विस्फोटों से संबंधित डेटा संग्रहीत है। उन्होंने कहाकि एनआईडीएमएस से यह डेटा अब देशभर की पुलिस और संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध होगा, इससे घटनाओं की आपसी लिंकेज और सर्किट पद्धति के आधार पर तथा समग्र रुझान और अंतर्दृष्टि को समझने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी।
अमित शाह ने कहाकि एनआईडीएमएस एक सुरक्षित राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है, इससे हमारे देश के आंतरिक सुरक्षा तंत्र को प्रमुख तरीकों से लाभ हो सकेगा। गृहमंत्री ने कहाकि 'एक राष्ट्र, एक डेटा रिपॉजिटरी' से अलग-अलग विभागों में बिखरा डेटा अब एक राष्ट्रीय संपत्ति के रूपमें हर पुलिस इकाई को उपलब्ध होगा, इससे अभियोजन की गति और गुणवत्ता दोनों में बहुत अच्छा व सकारात्मक बदलाव आएगा और हम पैटर्न को भी आसानी से समझ पाएंगे। अमित शाह ने कहाकि एनएसजी हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ है, एनएसजी के जवानों की वीरता, अद्वितीय कौशल और अटूट समर्पण के कारण हमारे नागरिक चैन की नींद सो पाते हैं। उन्होंने कहाकि कहीं भी हमला हो, उसका सटीक और त्वरित जवाब देना हो, एंटी हाइजैक ऑपरेशन केलिए निरंतर तैयारी बनाए रखनी हो, बम डिस्पोजल के ऑपरेशन हों या कोई अन्य चुनौती हर क्षेत्र में एनएसजी ने न केवल उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, बल्कि हर बार सफल परिणाम भी दिए हैं।
गृहमंत्री ने कहाकि एनएसजी भारत की विश्वस्तरीय और जीरो एरर फोर्स है, इसकी स्थापना 1984 में हुई थी, तबसे अबतक चाहे कोईभी घटना हो, एनएसजी ने खुदको हर प्रकार की घटना से निपटने केलिए पूरी तरह तैयारकर रखा है। उन्होंने कहाकि आतंकवाद निरोधक गतिविधियां, विमान हाइजैक विरोधी अभियान, बम को निष्क्रिय करने की उन्नत प्रणाली और अब इसका डेटा सभी एजेंसियों केसाथ साझा करने का प्लेटफॉर्म तैयार करना, ये सभी महत्वपूर्ण कार्य एनएसजी कर रही है। गृहमंत्री ने कहाकि अपने पराक्रम केलिए हर स्तरपर एनएसजी के अधिकारियों और लड़ाकों को सम्मानित किया गया है, इसमें अशोक चक्र, कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र, पुलिस पदक और सेना पदक शामिल हैं। अमित शाह ने कहाकि इन चार दशक में बदलते परिदृश्य केसाथ एनएसजी ने खुदको बदलने की प्रक्रिया जारी रखी है, एनएसजी के क्षेत्रीय हब अब मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, अहमदाबाद में काम करेंगे।
अमित शाह ने कहाकि अयोध्या में भी एक नया एनएसजी हब बन रहा है, इससे किसीभी जगह तक पहुंचने में लगने वाले समय में काफी कमी आएगी। उन्होंने कहाकि ये सभी हब एक्टिव होने केबाद खासकर अयोध्या का हब एक्टिव होने केबाद देश के किसीभी कोने में आपात स्थिति में एनएसजी एक-डेढ़ घंटे में पहुंच सकेगी। गृहमंत्री ने कहाकि दिल्ली में स्पेशल एक्शन ग्रुप्स हैं, जो काउंटर टेररिज्म और एंटी हाइजैकिंग ग्रुप के रूपमें स्थापित किए गए हैं, एक प्रकार से एनएसजी 365 दिन, 24 घंटे एक्टिव रहेगा और निश्चित रूपसे इसका फायदा देश को मिला है। गृहमंत्री ने कहाकि एआई की मदद से एनआईडीएमएस अन्य डेटा केसाथ जुड़कर देश में एक मजबूत सुरक्षा ग्रिड तैयार करेगा। इस अवसर पर केंद्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, एनसीजी के महानिदेशक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशक और राज्यों के पुलिस महानिदेशक भी उपस्थित थे।

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