स्वतंत्र आवाज़
word map

'यूपी में दक्ष न्यायप्रिय पुलिस और कानून का राज'

मुख्यमंत्री और पुलिस अधिकारियों में कानून व्यवस्था पर पुलिस मंथन

देश के कई राज्य अपना रहे यूपी पूलिस की कार्यशैली-सीएम योगी

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Wednesday 31 December 2025 02:45:35 PM

chief minister and police officers held a brainstorming session on law and order

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया हैकि विगत 8 वर्ष में उत्तर प्रदेश में सुदृढ़ कानून व्यवस्था के परिणामस्वरूप प्रदेश के बारेमें लोगों की नकारात्मक धारणाएं बदली हैं। उन्होंने कहा हैकि प्रदेश में दक्ष, न्यायप्रिय, पारदर्शी, जवाबदेह, जनसेवा केप्रति संवेदनशील पुलिसबल और कानून का राज है, जनता के मन में पुलिस पर विश्वास है। योगी आदित्यनाथ ने कहाकि हमने आउट ऑफ बॉक्स सोचा और प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा का एहसास कराया है। उन्होंने कहाकि देश के अनेक राज्य इस कार्यशैली का अनुसरण कर रहे हैं और मीडिया भी इसे यूपी पुलिस मॉडल कहता है। मुख्यमंत्री पुलिस मुख्यालय लखनऊ में ‘पुलिस मंथन’ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन-2025 के समापन कार्यक्रम में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने ‘पुलिस मंथन’ पर पुलिस महानिदेशक और उनकी पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहाकि ‘पुलिस मंथन’ सम्मेलन नीति निर्माण और क्रियांवयन का आधार है।
योगी आदित्यनाथ ने कहाकि दो दिवसीय पुलिस मंथन कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न-2047 के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के अनुरूप स्मार्ट पुलिसिंग के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु रोडमैप तैयार करने में सहायक साबित होगा। उन्होंने कहाकि सम्मेलन में 11 सत्रों में की गई चर्चा हमारी भावी कार्ययोजना और रणनीति के परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहाकि प्रधानमंत्री की डीजी और आईजीपी केसाथ हुई कॉन्फ्रेंस इस पुलिस मंथन कार्यक्रम की प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहाकि पुलिस कार्मिकों केलिए विगत वर्षों में हमने क्या किया और आगे क्या करना चाहिए इसपर विचार किया गया, मानव संसाधन के विकास व उनके कल्याण केलिए कार्ययोजना बनाने हेतु रणनीति तय की गई। सम्मेलन में पुलिस बिहेवियर, ट्रेनिंग, प्रॉसीक्यूशन, कारागार, सीसीटीएनएस तथा फॉरेन्सिक साइंस पर आधारित सत्र संचालित किए गए। मुख्यमंत्री ने कहाकि यदि प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण नहीं होता, तो यहां का विकास और कानून व्यवस्था का इतना मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं बन पाता।
योगी आदित्यनाथ ने कहाकि देश के 55 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश में हैं, यहां देश का सबसे बड़ा एयर कनेक्टिविटी नेटवर्क है। प्रदेश में देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट का शुभारम्भ अगले महीने होने जा रहा है। प्रदेश में 16000 किलोमीटर रेल नेटवर्क है, जो देश में सर्वाधिक है। यहां सबसे ज्यादा शहरों में मेट्रो ट्रेनों का संचालन हो रहा है। प्रदेश में देश की पहली रैपिड रेल और पहले वॉटर-वे का संचालन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहाकि प्रदेश में सुरक्षा के वातावरण तथा रूल ऑफ लॉ के परिणामस्वरूप यहां देश-विदेश का प्रत्येक व्यक्ति निवेश करने को तैयार है, ऐसा इसलिए सम्भव हो सका, क्योंकि निवेशकों को विश्वास हैकि उनके साथ यहां किसी स्तरपर धोखा नहीं होगा। योगी आदित्यनाथ ने कहाकि प्रदेश में आ रहा निवेश रोज़गार का माध्यम बन रहा है, प्रदेश सरकार यहां के प्रत्येक व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव के कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान कर रही है, यदि किसी ने कानून से खिलवाड़ करने की कोशिश की तो उसे उसी की भाषा में जवाब दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहाकि यह पुलिस मंथन हमारे लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बनने जा रहा है और प्रत्येक पुलिस अधिकारी एवं कार्मिक को इन्हें अपने जीवन का मंत्र बनाना चाहिए। योगी आदित्यनाथ ने कहाकि प्रधानमंत्री ने कहा थाकि स्मार्ट अर्थात स्ट्रिक्ट एंड सेंस्टिव, मॉडर्न एंड मोबाइल, अलर्ट एंड अकाउंटेबल, रिलायबल एंड रिस्पांसिव, टेक्नोसेवी एंड ट्रेंड। योगी आदित्यनाथ ने कहाकि यह सूत्र हमें कानून प्रवर्तन केलिए निरंतर और स्पष्ट मार्गदर्शन प्रदान करता है, भविष्य की चुनौतियों केलिए तैयार करता है, हमें इन सभी बातों को अपने जीवन का हिस्सा बनाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहाकि थाना प्रबंधन से जुड़े सत्र में कॉमनमैन के प्रति हमारे व्यवहार पर प्रकाश डाला गया। अच्छा व्यवहार केवल हमारी संवेदनशीलता को ही प्रदर्शित नहीं करता, बल्कि ह्यूमन इन्टेलिजेंस का भी माध्यम बनता है। मुख्यमंत्री कार्यालय में प्राप्त जनसामान्य की सूचनाओं से ह्यूमन इंटेलिजेंस से जमीनी सच की जानकारी प्राप्त होती है। जनता दर्शन कार्यक्रम में जनसामान्य का प्रार्थना पत्र देख व उसकी पीड़ा को समझकर जमीनी धरातल की हकीकत के बारेमें जानकारी मिलती है। ह्यूमन इन्टेलिजेंस आज का सबसे बड़ा हथियार है, इसका हमें बेहतर तरीके से उपयोग करना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने कहाकि थाना अध्यक्ष, हल्के का दरोगा, सर्किल इंचार्ज, पुलिस अधीक्षक, रेंज और जोन के अधिकारियों के स्तर पर अलग-अलग वर्ग के लोगों के साथ बेहतर संवाद बनाना आवश्यक है। जनप्रतिनिधि लोकतांत्रिक व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। अधिकारियों को महीने में कम से कम एकबार जनप्रतिनिधियों केसाथ बैठकर संवाद बनाना चाहिए। जनप्रतिनिधियों के फोन कॉल को रिसीव करना चाहिए। उन्हें वास्तविक तथ्यों से अवगत कराना चाहिए। हमें समाज के अलग-अलग पृष्ठभूमि से जुडे़ इंटेलेक्चुअल लोगों जैसे धर्माचार्यों, उद्यमियों तथा व्यापारियों केसाथ संवाद करते हुए बेहतर समन्वय बनाना होगा। मुख्यमंत्री ने कहाकि केवल मुख्यालय पर बैठकर पुलिसिंग नहीं की जा सकती। थाना, सर्किल और पुलिस लाइन में बेहतर समन्वय आवश्यक है। इन तीनों में बेहतर समन्वय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में बहुत बड़ा योगदान दे सकता है। मुख्यमंत्री ने कहाकि पुलिस बल का दोस्ताना व्यवहार व संवेदना एक कॉमन मैन की समस्या का समाधान तो करता ही है, साथही उसके मन में पुलिस केप्रति एक बेहतर धारणा भी बनती है।
मुख्यमंत्री ने कहाकि विगत 9 वर्ष में न्यूनतम इन्टरफेरेंस के साथ पुलिस को कार्य करने की स्वतंत्रता दी गई है, किसी जिले की सामाजिक और भौगोलिक स्थिति की पर्याप्त जानकारी केलिए टेन्योर में स्थिरता आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहाकि पुलिस को प्रत्येक परिस्थिति व चुनौती से जूझने केलिए तैयार होना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहाकि पुलिस मंथन में प्राप्त प्रत्येक सुझाव का फॉलोअप व चुनौतियों पर रणनीति बनाते हुये और प्रत्येक निर्णय का मूल्यांकन किया जाना चाहिए। योगी आदित्यनाथ ने कहाकि इस सम्मेलन को प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाना चाहिए। आनेवाली चुनौतियां कानून व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा, साइबर अपराध और सामाजिक स्थिरता से जुड़ी होंगी, ऐसे में समय तकनीक और रणनीति तीनों पर समान ध्यान देना होगा। सम्मेलन के द्वितीय दिवस पर आपदा प्रबंधन, सिविल डिफेंस एवं होमगार्ड्स, क्राउड मैनेजमेंट, इंटेलिजेंस और उसकी चुनौतियां, सोशल मीडिया व एनजीओ की भूमिका, आतंकवाद, मादक द्रव्य, गौतस्करी और संगठित अपराध पर सत्र हुए। पुलिस मंथन में प्रत्येक वक्ता ने प्रेजेंटेशन में टाइम और स्पेस का ध्यान रखा। बीट पुलिसिंग इस प्रस्तुतीकरण का आधार था। वर्ष 2020 में प्रारम्भ हुए मिशन शक्ति अभियान के 5वें संस्करण की सफलताओं पर प्रकाश डाला गया।
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य हेतु ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस अलंकरण’ से सम्मानित किया। वर्ष 2022 केलिए डीआईजी अलीगढ़ परिक्षेत्र प्रभाकर चौधरी, अपर पुलिस अधीक्षक अभिसूचना मुख्यालय उत्तर प्रदेश विनय चंद्र, निरीक्षक मुरादाबाद रविंद्र प्रताप सिंह, निरीक्षक अभिसूचना विभाग दिनेश कुमार डांडियाल, निरीक्षक यूपीपीसीएल गाजियाबाद मनु चौधरी, वर्ष 2023 केलिए डीआईजी आगरा परिक्षेत्र शैलेश कुमार पांडेय, अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ विशाल विक्रम सिंह, निरीक्षक सीतापुर विशाल संगारी, मुख्य आरक्षी गौतमबुद्धनगर मनोज चिकारा, महिला आरक्षी शैलेष कुंतल, वर्ष 2024 केलिए एसएसपी बरेली अनुराग आर्य, पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ विमल कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी एसटीएफ अरुण कुमार, वर्ष 2025 केलिए पुलिस अधीक्षक सम्भल कृष्ण कुमार, पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ प्रेम शुक्ला, महिला आरक्षी कमिश्नरेट आगरा प्रियांशी प्रजापति सम्मानित किए गए। इस मौके पर प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, निदेशक एसपीजी आलोक शर्मा, पुलिस महानिदेशक कारागार पीसी मीणा और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

हिन्दी या अंग्रेजी [भाषा बदलने के लिए प्रेस F12]