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सैनिक कल्‍याण हमारा कर्तव्य है-रक्षामंत्री

देशभर में मनाया गया सशस्त्र बल भूतपूर्व सैनिक दिवस

देहरादून कैंट में सशस्त्र बलों को शौर्य स्थल समर्पित

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Sunday 15 January 2023 01:15:52 PM

defence minister dedicated 'shaurya sthal' and paid tributes to the fallen soldiers

देहरादून। देश के पूर्व सैनिकों के नि:स्वार्थ कर्तव्य और राष्ट्र केप्रति उनके बलिदान का सम्मान और उनके परिजनों केप्रति एकजुटता के प्रतीक के रूपमें देशभर में सातवां सशस्त्र बल भूतपूर्व सैनिक दिवस मनाया गया। देहरादून में मुख्य समारोह की अध्यक्षता रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की। रक्षामंत्री ने पूर्व सैनिकों की एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की, जिन्होंने अद्वितीय साहस और बलिदान से देश की संप्रभुता एकता और अखंडता की रक्षा की एवं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने अपने कर्तव्‍यों के निर्वाह केलिए अपने प्राणों को भी न्‍यौछावर कर दिया। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करनेवाले सशस्त्र बल के सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मियों की सराहना की। राजनाथ सिंह ने उत्तराखंड के स्वतंत्रता सेनानियों, सैनिकों और पूर्व सैनिकों का विशेष रूपसे उल्लेख किया, जिन्होंने राष्ट्रीय हितों की रक्षा केलिए अदम्य साहस और समर्पण का परिचय दिया। उन्‍होंने कहाकि आज का हर सैनिक कल का सम्मानित पूर्व सैनिक है और उनका कल्‍याण एवं संतुष्टि सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर उल्लेख कियाकि वीरचंद्र सिंह गढ़वाली ने स्वतंत्रता सेनानियों की सहायता की, वे उत्तराखंड के रहने वाले थे और कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के सैनिकों ने शत्रु के विरूद्ध मजबूती और अडिग होकर देश की रक्षा करने में अनुकरणीय भूमिका निभाई। रक्षामंत्री ने कहाकि सशस्त्र बलों के जवानों के कारण हमारे नागरिक सुरक्षित महसूस करते हैं और अपना सिर ऊंचा करके चलते हैं। उन्‍होंने कहाकि हमारे वीर सैनिकों ने विश्‍वभर में भारत की छवि को एक शक्तिशाली और सम्मानित राष्ट्र के रूपमें रूपांतरित करने में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने कहाकि हमारे वीर सैनिक हमारी एकता और अखंडता के रक्षक हैं, वे राष्ट्र की परिसंपत्ति हैं, हम शांति से सोते हैं, क्योंकि वे सीमा पर जाग रहे होते हैं। राजनाथ सिंह ने कहाकि पूर्व सैनिकों को दी जारही पेंशन, चिकित्सा और अन्य सुविधाएं उनके बलिदान और प्रतिबद्धता केप्रति उन्हें उनके कल्याण केलिए सरकार की पूरी सहायता का भरोसा दिलाता है। रक्षामंत्री ने पूर्व सैनिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान केलिए रक्षा पेंशन शिकायत निवारण पोर्टल, मां भारती के सपूत वेबसाइट का भी उल्‍लेख किया, जिसके जरिए नागरिक सशस्त्र सेना युद्ध हताहत कल्याण कोष में योगदान दे सकते हैं।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इसे पूर्व सैनिकों के कल्याणकारी प्रयासों से नागरिकों को जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने सभी भूतपूर्व सैनिकों और सशस्त्र सेना के सेवारत कर्मियों को उनके समर्पण और बहादुरी केलिए धन्यवाद दिया। पूर्व सैनिकों की रैली में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ जनरल अनिल चौहान भी सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मध्य कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, जीओसी उत्तर भारत क्षेत्र लेफ्टिनेंट जनरल जेपी मैथ्यू, जीओसी उत्तराखंड सब एरिया मेजर जनरल संजीव खत्री, अध्यक्ष उत्तराखंड पूर्व सैनिक लीग मेजर जनरल मोहनलाल असवाल (सेवानिवृत्त), उत्तराखंड सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी और कई पूर्व सैनिक भी उपस्थित थे। इससे पूर्व पुष्पांजलि समारोह में रक्षामंत्री ने देहरादून छावनी में सशस्त्र बलों को शौर्य स्थल समर्पित किया। रक्षामंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने केलिए सोल ऑफ स्टील अल्पाइन चैलेंज को लॉंच किया। उन्होंने भारतीय सेना और पूर्व सैनिकों के संगठन के क्‍लॉ ग्लोबल की संयुक्त पहल तहत विभिन्न रोमांचक कार्यकलापों केलिए इसपर हस्‍ताक्षर करने केलिए स्वयंसेवकों केलिए एक वेबसाइट लॉंच की।
भारतीय सेना और क्‍लॉ के संयुक्त अभियान दल के हिस्‍से के रूपमें राजनाथ सिंह ने 460 किलोमीटर लंबी कार रैली 'रोड टू द एंड' कोभी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली अगले तीन दिन में चमोली जिले के नीती गांव के पास गढ़वाल हिमालय में अपने गंतव्य स्‍थल तक पहुंचेगी। चेन्नई में पूर्व सैनिक दिवस कार्यक्रम की अध्यक्षता रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने की। उन्होंने कई पूर्व सैनिकों केसाथ परस्‍पर बातचीत भी की। नई दिल्ली में समारोह में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी, नौसेनाध्यक्ष एडमिरल आर हरिकुमार, चीफ ऑफ आर्मी स्‍टाफ जनरल मनोज पांडे, सचिव (पूर्व सैनिक कल्याण) विजय कुमार सिंह और चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के अध्यक्ष, चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी एयर मार्शल बीआर कृष्णा उपस्थित थे। समारोह में सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी, उनके निकट संबंधी, भूतपूर्व सैनिक और विभिन्न पूर्व सैनिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। तीनों सेना प्रमुखों ने सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों से संबंधित विभागों के महत्वपूर्ण कल्याणकारी उपायों को रेखांकित किया। कार्यक्रम में सम्मान पत्रिका का विमोचन किया गया, जो भारतीय सेना के पूर्व सैनिक निदेशालय से प्रकाशित एक वार्षिक पत्रिका है, जिसमें सूचनात्मक लेख और पूर्व सैनिक समुदाय केलिए रुचि के विभिन्न विषय शामिल हैं। भारतीय वायुसेना ने वायु समवेदना पत्रिका का भी अनावरण किया।
प्रात:काल समारोह में नई दिल्ली में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, तीनों सेना प्रमुखों, सीआईएससी और कुछ पूर्व सैनिकों ने पुष्पांजलि अर्पित करके शहीदों को श्रद्धांजलि दी। सेना मुख्यालयों झुंझुनू, जालंधर, चंडीगढ़, पानागढ़, भुवनेश्वर और मुंबई पर समारोह आयोजित किएगए, इस दौरान पूर्व सैनिकों को राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान केलिए सम्मानित किया गया। पूर्व सैनिकों के शौर्य और बलिदान को याद करने केलिए उनके सम्मान में ‘वी फॉर वेटरंस’ राष्‍ट्रगान भी बजाया गया। ज्ञातव्य हैकि सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस प्रतिवर्ष 14 जनवरी को मनाया जाता है, क्योंकि 1953 में इसी दिन भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर इन चीफ फील्ड मार्शल केएम करियप्पा औपचारिक रूपसे सेना से सेवानिवृत्त हुए थे और 1947 के युद्ध में भारतीय सेना को जीत दिलाई थी। यह दिन देश के सम्मानित पूर्व सैनिकों को समर्पित है। पूर्व सैनिक दिवस का आयोजन 2017 से ही सेवानिवृत्त, सेवारत और राष्ट्र केबीच परस्‍पर सौहार्द की पुष्टि करने और सर्वोच्च बलिदान देने वाले तथा नि:स्वार्थ रूपसे देश की सेवा करनेवाले नायकों का स्‍मरण और उनका सम्मान करने केलिए किया जाता है।

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