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भारतीय और जर्मन महिला शोधार्थियों का सम्मान

विज्ञान प्रौद्योगिकी इंजीनियरिंग गणित में महिला शोधकर्ता बहुत कम

विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान में महिला भागीदारी कार्यक्रम

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Wednesday 19 October 2022 03:13:06 PM

indian and german women researchers honored

नई दिल्ली। नई दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम में भारत और भूटान में जर्मनी के राजदूत एचई डॉ फिलिप एकरमैन और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुडी पंडित ने विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान में महिलाओं की भागीदारी-वाईजर कार्यक्रम केतहत चयनित 11 महिला शोधकर्ताओं को सम्मानित किया है। विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान में महिलाओं की भागीदारी-वाईजर कार्यक्रम के अंतर्गत अकादमिक, शोध संस्थानों या उद्योग में नियमित या दीर्घकालिक अनुसंधान पदों पर नियुक्त और चयनित भारत की दस महिला शोधकर्ताओं और जर्मनी की एक महिला शोधकर्ता को अनुसंधान एवं विकास तथा उद्योग परियोजनाओं में भाग लेने और सहयोग करने केलिए वित्तीय सहायता प्राप्त होगी। उन्हें भागीदार देशोंमें नए परियोजना अनुदान केलिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।
जर्मन राजदूत एचई डॉ फिलिप एकरमैन ने विशिष्ट विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में महिला शोधकर्ताओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहाकि उनके योगदान से विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भारत-जर्मनी सहयोग और भी मजबूत होगा। जेएनयू की कुलपति प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुडी पंडित ने कहाकि वाईजर जैसे कार्यक्रम से महिला शोधकर्ताओं को विज्ञान और प्रौद्योगिकी में उत्कृष्टता प्राप्त करने और नेतृत्व की स्थिति लेने केलिए प्रेरणा मिलेगी। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग में सलाहकार और प्रमुख, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारत-जर्मनी सहयोग के शासीनिकाय के सहअध्यक्ष एसके वार्ष्णेय ने कहाकि इससे लैंगिक समानता बढ़ाने और विज्ञान और प्रौद्योगिकी में उत्कृष्टता को मजबूत करने में मदद मिलेगी। गौरतलब हैकि तीन वर्ष की अवधि केसाथ या परियोजना के पूरा होनेतक यह कार्यक्रम विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग तथा गणित के सभी क्षेत्रों केलिए खुला है और शोधकर्ताओं को भारतमें रहनेके दौरान अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं पर काम करनेकी अनुमति देता है, इसमें 1 महीने तकके छोटे प्रवास केलिए प्रतिवर्ष एक यात्रा शामिल होगी।
विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित में महिला शोधकर्ताओं का अभीभी प्रतिनिधित्व कम है, पिछले कुछ वर्ष में स्थिति में कुछ सीमातक सुधार हुआ है, लेकिन एक असंतुलन अभीभी बना हुआ है। भारत सरकार का विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग एवं जर्मनी सरकार के संघीय शिक्षा और अनुसंधान मंत्रालय की एक द्विपक्षीय संस्था-विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारत-जर्मनी सहयोग अब विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग को बढ़ावा देने केलिए इस असंतुलन को दूर करने का प्रयास कर रही है। विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान में महिलाओं की भागीदारी-वाईजर कार्यक्रम विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और अनुसंधान साझेदारी में पूरक विशेषज्ञता का उपयोग करके भारत-जर्मनी में महिला शोधकर्ताओं की वैज्ञानिक क्षमता विकसित करने और उसे बढ़ावा देने केलिए प्रतिबद्ध है।

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