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'अटलजी राजनीति के सबसे चमकते सितारे'

सुशासन लोगों का प्रशासन में विश्वास बढ़ाता है-उपराष्ट्रपति

संसद और विधानमंडलों में निरंतर व्यवधान पर चिंता जताई

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 25 December 2021 05:36:40 PM

atal bihari vajpayee on his jayanti

चेन्नई। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने आज भारतरत्न और देश के प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी की 97वीं जयंती, जिसे सुशासन दिवस के रूपमें मनाया जाता है पर चेन्नई के राजभवन में कार्यक्रम में उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहाकि अटलजी अबतक के सबसे महान भारतीय नेताओं और भारत के राजनीतिक जगत के सबसे चमकते सितारों मेंसे एक थे। उन्होंने स्मरण कियाकि अटलजी लोगों को विकास के एजेंडे के केंद्र में रखने में विश्वास करते थे और यह प्रदर्शित करते थेकि लोककेंद्रित तरीके से सुशासन के माध्यम से लोकतंत्र को मजबूत किया जा सकता है। यह देखते हुएकि सुशासन लोगों का प्रशासन में विश्वास बढ़ाता है और आर्थिक विकास को उत्प्रेरित करता है वेंकैया नायडू ने चिंता व्यक्त कीकि राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों के स्तर पर सेवाओं की प्रदायगी में शासन का अभाव है।
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहाकि इस तरह की कमी से समय और लागत बढ़ जाती है, सामाजिक एवं आर्थिक उन्नति का लक्ष्य जोखिम में पड़ जाता है और यह लोगों को सहभागी शासन से अलग कर देता है। उन्होंने आग्रह कियाकि इसपर प्राथमिकता देकर ध्यान देने की आवश्यकता है। उपराष्ट्रपति ने कहाकि लोगों केप्रति कार्यपालिका की जवाबदेही सुनिश्चित करने केलिए सुशासन को अच्छे विधानमंडलों की आवश्यकता है। उन्होंने कहाकि विभिन्न माध्यमों जैसे प्रश्नकाल, कम अवधि की चर्चाएं, विधेयकों पर बहसों आदि का उपयोग करके निर्वाचित प्रतिनिधि सरकार से नीतियों के कार्यांवयन, विभिन्न कल्याण और विकास परियोजनाओं के निष्पादन केबारे में प्रश्न कर सकते हैं। वेंकैया नायडू ने कहाकि इसके लिए अच्छे विधायकों की आवश्यकता है, जो लोगों द्वारा उनमें जताए गए भरोसे केसाथ न्याय करने केलिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देते हैं। उपराष्ट्रपति ने चिंता जताई कीकि निरंतर व्यवधानों और जबरन स्थगन के कारण विधायिकाओं की निगरानी और जवाबदेही के कार्य अपेक्षाओं से कम हो रहे हैं। उन्होंने कहाकि अकार्यात्मक विधानमंडल समझौतापूर्ण शासन की ओर ले जाते हैं, क्योंकि विधानमंडलों में कार्यपालिका से प्रश्न किए जाने का कोई डर नहीं रह जाएगा।
उपराष्ट्रपति ने कहाकि हाल ही में समाप्त हुए शीतकालीन सत्र के दौरान व्यवधानों के कारण राज्यसभा ने कुल प्रश्नकाल का लगभग 61 प्रतिशत समय गवां दिया है, यह सदन के महत्वपूर्ण निरीक्षण कार्य का गंभीर परित्याग है। उपराष्ट्रपति ने कहाकि अपने कार्यों का निर्वहन नहीं करने वाले सांसद या विधायक विभिन्न स्तरों पर कार्यपालिका से प्रश्न करने का नैतिक अधिकार गवां देते हैं। उपराष्ट्रपति ने शासन में सुधार केलिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण लागू करने, वित्तीय समावेशन केलिए बैंक खाते खोलने और निर्णय निर्माण में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक भागीदारी में सुधार लाने केलिए प्रौद्योगिकी को अपनाने जैसी विभिन्न पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने शासन की दूसरी और तीसरी श्रेणियों में इस तरह की पहलों को अपनाने की अपील की। वेंकैया नायडू ने शासन की गुणवत्ता में सुधार केलिए सेवाओं के वितरण की समय-सीमा निर्धारित करनेवाले नागरिक चार्टर के बेहतर उपयोग का भी सुझाव दिया। इस अवसर पर तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने भी अटल बिहारी वाजपेयी को पुष्पांजलि अर्पित की।

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