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लक्ष्य, जो बदल रहा है दशा और दिशा!

बहुजन समाज की महिलाएं बदलाव केलिए आगे आएं

रमपुरवा गांव निस्फ में लक्ष्य की 'घर-घर भीम चर्चा'

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Monday 4 October 2021 03:37:16 PM

rampurwa gaanv nisph mein lakshy kee ghar-ghar bheem charcha

लखनऊ। भारतीय समन्वय संगठन 'लक्ष्य' की कमांडर और कार्यकर्ता समाज की शिक्षित महिलाएं गृहणियां और उनके मार्गदर्शक, वैचारिक प्रबुद्ध लोग अपने समाज के हताश निराश जनकल्याण एवं प्रेरणा के कार्यक्रम बहुजन समाज पर सकारात्मक असर दिखा रहे हैं। देखकर लगा कि जिसकी जितनी क्षमता है, वह समाज की भलाई में जुटा है। भारतीय समन्वय संगठन लक्ष्य की महिला टीम के 'घर-घर भीम चर्चा' अभियान के तहत एक और भीम चर्चा का लखनऊ के जानकीपुरम के गांव रमपुरवा निस्फ में लक्ष्य की कमांडर गुड़िया गौतम के निवास पर आयोजन हुआ, जिसमें गांव की बहुजन समाज की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
लक्ष्य कमांडरों ने महिलाओं के बीच बहुजन समाज के मसीहा और संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ भीमराव आंबेडकर के व्यक्तित्व एवं बहुजन समाज के लिए उनके प्रगतिशील कार्यक्रमों पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बहुजन समाज की गृहणियां, लड़कियां और समाज के लोग उपस्थित थे, जिन्होंने लक्ष्य की महिला कमांडरों को ध्यानपूर्वक सुना। लक्ष्य कमांडरों का कहना था कि बहुजन समाज में निरंतर सामाजिक चर्चाएं ही बहुजन विकास आंदोलन को जीवित रखती हैं और उसको विचारों एवं समृद्धि की ऊर्जा प्रदान करती हैं, समाज में फैली कुरीतियों को दूर करती हैं, भ्रम का निदान करती हैं, सामाजिक बीमारियों का इलाज करती हैं। उनका कहना था कि ऐसी सामाजिक चर्चाएं ही विकास का मार्ग दिखाती हैं, महापुरुषों की शिक्षाओं पर प्रकाश डालती हैं, भाईचारा मजबूत करती हैं तथा अंधविश्वास को दूरकर विज्ञान का मार्ग बताती हैं, इसीलिए लक्ष्य कमांडर घर-घर भीम चर्चाएं कर रही हैं।
लक्ष्य की महिला कमांडरों ने कहा कि बहुजन समाज में भीम चर्चाएं ही क्रांति कर सकती हैं और क्रांति ही बहुजन समाज की दशा को बदल सकती है, जिसमें महिलाएं एक अहम भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने बहुजन समाज की महिलाओं का आह्वान किया कि घूंघट से बाहर निकल कर ही सामाजिक विकास का मार्ग तय किया जा सकता है। उन्होंने प्रश्न करते हुए कहा कि हम लोग यानि बहुजन समाज की महिलाएं क्या किसी से कम हैं? इसलिए क्यों नहीं हम भी जीवन के हर क्षेत्र में आगे आ सकते? उनका कहना था कि समाज की महिलाएं अपनी शक्ति को जानें और समझें, वे सारी बेड़ियों को तोड़ दें, जो उनकी प्रगति में बाधा हैं और गुलामी की प्रतीक हैं। भीमचर्चा में लक्ष्य कमांडर रेखा आर्या, धम्मप्रिया गौतम, शांति कन्नौजिया, गुड़िया गौतम, लज्जावती गौतम, सावित्री गौतम, मुन्नी गौतम, लज्जा गौतम, फूलमती, कलावती, निर्मला गौतम, शीला गौतम, नीरा गौतम, जोगेश गौतम, दुर्गेश गौतम, मल्लू गौतम, हरी गौतम ने हिस्सा लिया।

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