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देश में पहली टू-टियर मेट्रो की स्थापना

नागपुर में हो रहा कई विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम

सीताबर्दी-जीरो मिल-कस्तूरचंद पार्क रूट का उद्घाटन

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 21 August 2021 01:32:41 PM

sitabardi-zero mill-kasturchand park route inaugurated

नागपुर। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने विश्वास व्यक्त किया है कि महामेट्रो द्वारा नागपुर में सीताबर्दी-जीरो मिल-कस्तूरचंद पार्क कॉरिडोर और फ्रीडम पार्क की स्थापना से नागपुर की शान में और बढ़ोतरी होगी। नागपुर के 1.6 किलोमीटर लंबे सीताबर्दी-जीरो मिल-कस्तूरचंद पार्क रूट के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नागपुर में कई विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में पहली टू-टियर मेट्रो की स्थापना की गई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जीरो मिल प्वाइंट पर रूट का शुभारंभ किया था। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्रियों के साथ वर्चुअल माध्यम से इस रूट पर पहली मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।
सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बिना ट्रैफिक सिगनल की किसी बाधा के कॉटन मार्केट से जीरो मिल स्टेशन पहुंचने को एक अंडरपास केलिए सेंट्रल रोड फंड्स से कोष देने का वादा किया। उन्होंने कहा कि महामेट्रो ने नागपुर शहर में तेलंगखेड़ी लेक और फ्लाईओर के सौंदर्यीकरण में काफी सहायता की है। उन्होंने बताया कि मेट्रो फेज 2 के प्रस्ताव को स्वीकृति केलिए केंद्रीय मंत्रिमंडल को भेज दिया गया है और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम के साथ नागपुर-मुंबई समृद्धि राजमार्ग का काम शुरु कर दिया है एवं राज्य सरकार केलिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। नितिन गडकरी ने मुंबई में प्रस्तावित बैठक में मुंबई-ठाणे शहरों के विकास केलिए अतिरिक्त 1 लाख करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का भी वादा किया है। गौरतलब है कि नागपुर मेट्रो रेल परियोजना को 21 अगस्त 2014 को स्वीकृति दी गई थी और उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका शिलान्यास किया था।
नागपुर में माई मेट्रो एक ग्रीन मेट्रो है, इसकी कुल ऊर्जा जरूरत में 65 प्रतिशत सौर ऊर्जा से मिलती है, यह अपने द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 100 प्रतिशत पानी रिसाइकिल करती है और यह बारिश के जल का संचयन भी करती है। सभी स्टेशनों पर बायो डायजेस्टर लगे हुए हैं। मेट्रो को अपना 60 प्रतिशत से ज्यादा राजस्व नॉन-फेयर-बॉक्स से मिलता है। केंद्रीय शहरी विकास और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस अवसर पर कहा कि यह एक स्वच्छ और टिकाऊ परियोजना बनने में सक्षम है, क्योंकि नागपुर मेट्रो हरित ऊर्जा का उपयोग करती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नागपुर मेट्रो परियोजना दिसंबर 2021 तक पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि कस्तूरचंद पार्क के डिजाइन में पारम्परिक राजपूत शैली की वास्तुकला का उपयोग किया गया है, कस्तूरचंद पार्क मेट्रो स्टेशन का द्वार और उसका वास्तु इसी तर्ज पर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि मेट्रो स्टेशन पर छतरियां, आर्क्स, राजपूत जालियां, नक्काशीदार स्तंभ जैसे राजपूत वास्तुकला के प्रतीकात्मक अंग दिखाए गए हैं, इससे शहर में अद्वितीय ढांचे तैयार हुए हैं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि विकास कार्य कहीं भी बाधित नहीं होंगे, मेट्रो परियोजना के एलीवेटेड रूट के निर्माण के दौरान इस रूट के अंतर्गत सौंदर्यीकरण पर ध्यान देने के साथ ही नागरिकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि विकास होना चाहिए, लेकिन हमें सुनिश्चित करना चाहिए कि उनमें कोई खामी नहीं रहे। उन्होंने कहा कि हम स्वतंत्रता के 75वें साल में जनता केलिए इतना अच्छा काम करेंगे कि वह अगले 75 साल तक बना रहेगा।
नागपुर के संरक्षक और ऊर्जा मंत्री डॉ नितिन राउत ने कहा कि यह मेट्रो सेवा यातायात के साथ ही छात्रों को परिवहन सुविधाएं उपबल्ध कराने के लिहाज से भी फायदेमंद होगी। महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि नागपुर की जीरो मिल एक ऐतिहासिक स्थल है और अंग्रेजों ने ग्रेट त्रिग्नोमेट्री सर्वे की शुरुआत वर्ष 1907 में जीरो मिल नागपुर से ही की थी। सीताबर्दी-कस्तूरचंद पार्क लाइन पर परिचालन शुरु हो गया है, इससे सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में सुधार होगा और सबसे ज्यादा व्यस्त क्षेत्रों तक पहुंच में सुधार होगा। यह सड़क नागपुर में विधानभवन, भारतीय रिज़र्व बैंक, केंद्रीय संग्रहालय, संविधान चौक और मॉरिस कॉलेज को जोड़ती है। नागपुर में वास्तुकला का एक नमूना जीरो मिल फ्रीडम पार्क मेट्रो स्टेशन देश में अपनी तरह का अनूठा 20 मंजिला इमारत का आलीशान हिस्सा होगा, जिसमें चौथी मंजिल पर मेट्रो ट्रेन का परिवहन होगा। यहां पब्लिक प्लाजा और हिस्ट्री वाल की तरह विशेष परिकल्पनाएं हैं, यहां देखने केलिए युद्ध में इस्तेमाल टी-55 टैंक भी रखा गया है। फ्रीडम पार्क के भीतर बायीं तरफ एक एम्फीथिएटर है, हिस्ट्री वाल यहां शहीद स्मारक तक फैली हुई है।

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