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मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में 'आज़ादी महोत्सव'

'अगस्त क्रांति मैदान-ए-जोश के साथ भारतीयों के संघर्ष की गवाह है'

केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकारें भी मना रहीं 'आज़ादी महोत्सव'

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 13 March 2021 03:12:12 PM

'azadi festival' at mumbai's august kranti maidan

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ का शुभारम्भ किया। भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मनाने केलिए भारत सरकार के साथ राज्य सरकारें भी आज़ादी का अमृत महोत्सव का आयोजन कर रही हैं। इस अवसर पर देशभर में स्वतंत्रता सेनानियों, बहादुर सैन्यबलों, प्रतिष्ठित युवाओं का अभिनंदन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, हेरिटेज वॉक, प्रतियोगिताओं, साइकिल रैलियों और आयोजनों की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कार्यक्रम की शुरुआत में स्वाधीनता सेनानियों की याद करते हुए अगस्त क्रांति स्मारक पर पुष्प अर्पित किए। उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह स्वतंत्रता हमें अपने पूर्वजों से विरासत में मिली है, हालांकि अब इसकी सुरक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जाति, धर्म आदि से ऊपर उठकर अपने देश के प्रति हमारी भावनाएं समान हैं, हमें न सिर्फ उन शहीदों को याद करना चाहिए, जिन्होंने देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया, बल्कि हमें ऐसे राष्ट्र का निर्माण करना चाहिए, जो उनके बलिदान के योग्य हो।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमने अब स्वराज्य हासिल कर लिया है और स्वराज्य के 75 साल के बाद हमें इस बातपर विचार करना चाहिए कि क्या हमने सुराज्य हासिल कर लिया है। उन्होंने सभी से उन मूल्यों को बढ़ावा देने और आत्मसात करने की अपील की, जो हमने स्वराज्य के साथ-साथ सुशासन हासिल करने के लिए हमारे स्वाधीनता संग्राम से सीखे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम खुशकिस्मत हैं कि उनमें से कुछ लोग अभी भी जीवित हैं, जिन्होंने वास्तव में स्वाधीनता संग्राम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर स्वाधीनता सेनानी सत्यबोध नारायण सिंगित भी मौजूद थे, जिन्हें 1941 में अंग्रेजों ने जेल में डाल दिया था, उस समय उनकी उम्र महज 19 साल थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अगस्त क्रांति मैदान-ए-जोश के साथ भारतीयों के संघर्ष की गवाह है। उन्होंने कहा कि जब 8 अगस्त को अंग्रेजों ने स्वाधीनता संग्राम के समूचे नेतृत्व को जेल में डाल दिया था, तब यह अरुणा आसफ अली ही थीं, जिन्होंने 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान गोवालिया टैंक मैदान बॉम्बे में भारत का राष्ट्रीय ध्वज लहराया था, इससे स्वाधीनता सेनानियों की हिम्मत का पता चलता है, जो अपने नेताओं के जेल में जाने के बावजूद कम नहीं हुई थी।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका इस मैदान के नवीकरण पर लगभग 2 करोड़ रुपये खर्च करेगी और हमें यह सुनिश्चित करना है कि पीढ़ियां इस बात को याद रखें कि यह मैदान हमारे स्वाधीनता संग्राम की रणभूमि रहा है। महाराष्ट्र के संस्कृति मंत्री अमित देशमुख ने कहा कि आज हम कोरोना के खिलाफ स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं और यह गर्व की बात है कि महाराष्ट्र कोरोना के खिलाफ वैक्सीन हासिल करने वाला पहला राज्य था। उन्होंने कहा कि यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि कोरोना वैक्सीन देश और दुनिया के लिए महाराष्ट्र की ओर से उपहार है। उन्होंने कहा कि यह महात्मा गांधी, भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के आगे सिर झुकाने का पल है और महाराष्ट्र सरकार स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव को मनाने के लिए वर्ष भर कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। समारोह में शौर्यचक्र विजेता हवलदार मधुसूदन नारायण सुर्वे, स्क्वाड्रन लीडर मनोहर राणे (शरीद) की पत्नी माधवी मनोहर राणे और प्रधानमंत्री बाल शक्ति पुरस्कार विजेता काव्या कार्तिकेयन का अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान एक साइकिल रैली को भी हरी झंडी दिखाई। समारोह में महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट और महाराष्ट्र के वस्त्र, मत्स्यपालन और बंदरगाह विकास मंत्री असलम शेख भी उपस्थित थे।

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