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राष्ट्रपति की चिली में शिष्टमंडल स्तर की वार्ता

भारत-चिली में खनन संस्कृति व विकलांगता क्षेत्र में करार

चिली ने भारतीयों के लिए वीज़ामुक्त यात्रा की घोषणा की

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Tuesday 2 April 2019 05:14:45 PM

delegation level talks between india and republic of chile

सैंटियागो/ नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में चिली की राजधानी सैंटियागो में पाब्लो नेरुदा संग्रहालय का दौरा किया। उन्होंने एक विशेष पेन इस संग्रहालय को दान में दिया, जिसे महात्मा गांधी ने भारत में पहला स्वदेशी फाउंटेन पेन विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया था। राष्ट्रपति ने चिली में भारत की राजदूत अनीता नायर के स्वागत समारोह में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि विकास और प्रगति की हमारी खोज में विदेशी भारतीय समुदाय एक अमूल्य भागीदार है। राष्ट्रपति ने मोनुमेंटो अल लिबर्टाडोर जनरल बर्नार्डो ओ हिगिंस के प्रति सम्मान व्यक्त किया। वे ला मोनेदा राष्ट्रपति महल पहुंचे, जहां चिली के राष्ट्रपति सेबेस्टियन पिनेरा ने उनका जोरदार स्वागत किया। राष्ट्रपति ने दोनों पक्षों के बीच शिष्टमंडल स्तर की वार्ता का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि भारत और चिली के बीच व्यापार संबंध बहुत अच्छे हैं, लेकिन दोनों देश इस दिशा में बहुत कुछ कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि चिली लैटिन अमेरिकी क्षेत्र में भारत का पांचवा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, चिली से आयात में तांबे का 85 प्रतिशत से अधिक योगदान है। द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए चिली ने घोषणा की है कि वह वैध अमेरिकी वीजा रखने वाले भारतीय नागरिकों को वीजा मुक्त प्रवेश की अनुमति देगा।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने चिली के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा। राष्ट्रपति ने हाल ही में भारत के जम्मू-कश्मीर राज्य के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करने के लिए चिली को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देश सभी प्रकार के आतंकवाद को परास्त करने और उसे नष्ट करने के लिए वैश्विक प्रतिक्रिया को मजबूत बनाने के लिये मिलकर काम करने के लिये सहमत हुए। उन्होंने कहा कि भारत ने अपने प्रमुख रक्षा संस्थानों में चिली के सशस्त्र बलों को प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव किया है,जिसमें युद्ध और शांति स्थापना के पाठ्यक्रम भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत संयुक्त रूपसे रक्षा उपकरण बनाने सहित रक्षा क्षेत्र में अन्य सहयोग के अवसरों का पता लगाने के बारे में सहमति व्यक्त की। दोनों देशों के बीच शिष्टमंडल स्तर की वार्ता के दौरान खनन, संस्कृति और विकलांगता के क्षेत्र में तीन समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। राष्ट्रपति ने सैंटियागो में इंडिया-चिली बिजनेस राउंडटेबल को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और भारतीय व्यापार के लिए चिली सिर्फ एक बाज़ार ही नहीं है, बल्कि यह भारत काएक बहुत ही महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक भागीदार देश है, चिली भारत के लिए लैटिन अमेरिका और प्रशांत गठबंधन का एक प्रमुख देश हैं।
रामनाथ कोविंद ने कहा कि दोनों देश अपने व्यापार क्षेत्र का विस्तार करने और आर्थिक जुड़ाव के लिए नए रास्ते तलाशने के लिए मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हम समुद्री अनुसंधान और अन्य वैज्ञानिक अन्वेषण जैसे क्षेत्रों में सहयोग कर सकते हैं, भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में चिली के साथ अपने सहयोग को मजबूत करने के लिए उत्सुक है। राष्ट्रपति ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2017-18 मेंभारत ने लगभग 62 बिलियन अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश अर्जित किया और इसे दुनिया के सबसे लोकप्रिय निवेश स्थलों में से एक माना गया। उन्होंने कहा कि इस सदी की शुरुआत से चिली की कंपनियों ने भारत में सिर्फ 150 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है, इसमें सुधार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चिली के दो सॉवरिन वेल्थ फंड्स की बड़े निवेश निर्णयों में प्रतिष्ठा है, भारतीय बुनियादी ढांचे क्षेत्र में इनके लिए निवेश अवसर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम मिलकर चिली के आर्थिक और सामाजिक स्थिरीकरण कोष के साथ-साथ उसके पेंशन रिजर्व फंड के लिए भी निवेश उत्पादों को तैयार कर सकते हैं। राष्ट्रपति ने चिली के राष्ट्रपति से कहा कि हमारा द्विपक्षीय एजेंडा बहुत व्यापक है, ऊर्जा से सुरक्षा तक और योग से लेकर बाह्य अंतरिक्ष तक हमें साथ-साथ मिलकर बहुत काम करना है। उन्होंने यह कामना की कि हमारे दोनों देशों के आपसी लाभकारी मैत्रिकपूर्ण संबंधों में मजबूती आए और दोनोंदेशों की जनता की प्रगति हो। राष्ट्रपति ने गांधी फॉर द यंग विषय पर चिली विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों को संबोधित किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि महात्मा गांधी सभी संस्कृतियों से जुड़े थे और उन्होंने सभी धर्मों से कुछ न कुछ ग्रहण किया, हिंदू धर्म में उनकी गहरी आस्था थी, लेकिन वे ईसाई धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और इस्लाम के साथ-साथ टॉल्स्टॉय, रस्किन और थोरो जैसे विचारकों से भी प्रभावित थे। राष्ट्रपति ने कहा कि महात्मा गांधी ने प्रकृति के साथ सद्भाव से रहने के लिए वैश्विक प्रेम की अपनी अवधारणा को आगे बढ़ाया, उन्होंने ऐसी अवधारणाओं को भी बढ़ावा दिया, जो अब संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों में निहित हैं। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी एक विशिष्ट व्यक्ति थे, उन्होंने पूर्व और पश्चिम दोनों को प्रेरित किया, उन्होंने मानवीय प्रयास के नए रास्ते बनाए और साथ-साथ ही परम्परा और आध्यात्मिक जड़ों की शक्ति और पवित्रता को भी बरकरार रखा। उन्होंने कहा कि जो लोग संदेह और अविश्वास के समुद्र में डूबे हुए हैं, उनके लिए गांधीजी का जीवन, उनके विचार और दर्शन उन्हें आंतरिक शक्ति और विश्वास हासिल करने में प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी एक मनुष्य ही नहीं थे, बल्कि एक विचारधारा, एक संस्थान थे, जो विकसित होने के बाद 100 साल से अधिक समय से अब तक भी प्रतिध्वनित हो रही है।

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