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प्रकाश जावड़ेकर ने लांच किया 'स्‍पार्क' वेबपोर्टल

एचआरडी की 'अकादमिक अनुसंधान सहयोग संवर्धन योजना'

उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों में बेहतर अनुसंधान के लिए कोशिश

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 26 October 2018 01:15:25 PM

prakash javadekar launching the web 'portals impress and sparc

नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने नई दिल्‍ली में ‘अकादमिक और अनुसंधान सहयोग संवर्धन योजना यानी स्‍पार्क’ का वेबपोर्टल लांच किया। उन्होंने कहा कि ‘स्‍पार्क’ का लक्ष्‍य भारतीय संस्‍थानों और विश्‍व के सर्वोत्‍तम संस्‍थानों के बीच अकादमिक एवं अनुसंधान सहयोग को सुगम बनाकर भारत के उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों में अनुसंधान परिदृश्‍य को बेहतर बनाना है। उन्‍होंने बताया कि इस योजना के तहत 600 संयुक्‍त शोध प्रस्‍ताव दो वर्ष के लिए दिए जाएंगे, ताकि कक्षा संकाय में सर्वोत्तम माने जाने वाले भारतीय अनुसंधान समूहों और विश्‍व के प्रमुख विश्‍वविद्यालयों के प्रख्‍यात अनुसंधान समूहों के बीच उन क्षेत्रों में शोध संबंधी सुदृढ़ सहयोग संभव हो सके, जो विज्ञान की दृष्टि से अत्‍याधुनिक माने जाते हैं और विशेषकर भारत के संदर्भ में जिनकी सीधी सामाजिक प्रासंगिकता है।
‘स्‍पार्क’ की मुख्‍य बातें इस प्रकार हैं-इस योजना से भारत के उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों में अनुसंधान परिदृश्‍य बेहतर होगा, जो भारतीय संस्‍थानों कुल शीर्ष-100 अथवा एनआईआरएफ में श्रेणीवार शीर्ष-100 ऐसे निजी संस्‍थानों सहित जिन्‍हें यूजीसी अधिनियम की धारा 12बी के तहत मान्‍यता प्राप्‍त है और 28 चयनित देशों के सर्वोत्‍तम संस्‍थानों कुल मिलाकर शीर्ष-500 और क्‍यूएस वर्ल्‍ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में शीर्ष-200 विषयवार संस्‍थानों के बीच अकादमिक एवं अनुसंधान सहयोग से संभव होगा, जिसके तहत राष्‍ट्रीय एवं अंतरराष्‍ट्रीय प्रासंगिकता वाली समस्‍याओं को संयुक्‍त रूपसे सुलझाने के प्रयास किए जाएंगे। चयनित देशों में ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, ब्राजील, कनाडा, चीन, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, हांगकांग, इजरायल, इटली, जापान, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, नॉर्वे, पुर्तगाल, रूस, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, ताइवान, यूनाइटेड किंगडम (यूके), संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) शामिल हैं।
स्‍पार्क के पैमाने के अनुसार 254 शीर्ष भारतीय संस्‍थानों और 478 शीर्ष वैश्विक संस्‍थानों को इसके लिए पहले ही चिन्हित किया जा चुका है। देश के लिए उभरती प्रासंगिकता और अहमियत के आधार पर ‘स्‍पार्क’ के तहत सहयोग के लिए पांच महत्‍वपूर्ण क्षेत्रों मौलिक शोध, प्रभाव से जुड़े उभरते क्षेत्र, सामंजस्‍य, अमल-उन्मुख अनुसंधान और नवाचार प्रेरित के साथ-साथ प्रत्‍येक महत्‍वपूर्ण क्षेत्र के अंतर्गत उप-विषय क्षेत्रों की भी पहचान की गई है। श्रीप्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि सरकार ने अगस्‍त 2018 में 418 करोड़ रुपये की कुल लागत से 31 मार्च 2020 तक कार्यांवयन के लिए स्‍पार्क को मंजूरी दी थी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान खड़गपुर स्‍पार्क के कार्यांवयन के लिए राष्‍ट्रीय समन्‍वयकारी संस्‍थान है। इसका विवरण www.sparc.iitkgp.ac.in पर उपलब्‍ध है।

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