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देश में नई ड्रोन नीति जल्‍द ही लागू-गृहमंत्री

दिल्ली में रक्षा और आंतरिक सुरक्षा प्रदर्शनी एवं सम्मेलन

इजराइली राजदूत भी भारतीय सुरक्षा रणनीति में शामिल

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 7 September 2018 02:11:41 PM

defence & security expo and conference 2018 in new delhi

नई दिल्ली। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कानून लागू करने वाली एजेंसियों का आह्वान किया है कि वे आतंकवाद और आंतरिक सुरक्षा के लिए उभरने वाली चुनौतियों का मुकाबला करने के संबंध में नवीनतम प्रौद्योगिकियां अपनाएं, ताकि उनकी क्षमता बढ़ सके। गृहमंत्री ने दिल्ली में इजराइल की राजदूत माया कदोश की मौजूदगी में तीन दिवसीय रक्षा और आंतरिक सुरक्षा प्रदर्शनी एवं सम्मेलन-2018 का उद्घाटन किया, जिसका आयोजन सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम मंत्रालय के सहयोग से पीएचडी वाणिज्‍य एवं उद्योग मंडल ने किया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार हाल में घोषित नई ड्रोन नीति को जल्‍द ही लागू करने जा रही है, ड्रोन के इस्‍तेमाल के संबंध में समग्र नियम बनाए गए हैं। सम्मलेन में इजराइली राजदूत की मौजूदगी यह संकेत देती है कि भारतीय सुरक्षा रणनीति में अपनी उच्च तकनीक के साथ इजराइल भी पूरे तौरपर शामिल है।
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सुरक्षा प्रतिष्‍ठान ड्रोन का व्‍यापक इस्‍तेमाल कर रहे हैं, ल‌ेकिन अभी तक ड्रोन का इस्‍तेमाल उन संवेदनशील क्षेत्रों तथा वामपंथी उग्रवाद से पीड़ित क्षेत्रों की निगरानी के लिए ही किया जाता है, जहां निगरानी दल की तैनाती करना कठिन है। गृहमंत्री ने कहा कि खासतौर से जम्‍मू-कश्‍मीर, गुजरात और असम में आतंकवाद संबंधी गतिविधियों की रोकथाम और निगरानी के लिए प्रौद्योगिकी के उन्‍नयन और आधुनिकीकरण करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जम्‍मू क्षेत्र में नई प्रौद्योगिकी सुविधा जल्‍द शुरू की जाएगी। गृहमंत्री ने कहा कि सुरक्षा बल दुनिया के सबसे लंबे सीमा क्षेत्र की सुरक्षा में तैनात हैं, जिनकी लंबाई 7,500 किलोमीटर से अधिक है, इनमें से लगभग 900 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में बाड़ लगाना संभव नहीं है, इतने लंबे सीमा क्षेत्र की सुरक्षा और निगरानी के लिए हमें लेजर, रडार और अन्‍य आधुनिक तकनीकों की आवश्‍यकता है।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि साइबर अपराध आज दुनिया के सामने सबसे बड़ा खतरा है औैर इसका मुकाबला करने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकियों का इस्‍तेमाल करना ही होगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए गृह मंत्रालय ने एक विशेष प्रकोष्‍ठ बनाया है। सीआरपीएफ के निदेशक राजीव राय भटनागर ने राष्‍ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में तैनात अर्द्धसैनिक बलों के विषय में एक प्रस्‍तुतिकरण दिया। उन्‍होंने भावी आवश्‍यकताओं का खाका भी पेश किया। यह सुरक्षा सम्मेलन भारत में सुरक्षा की नई रणनीतियों के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पता चलता है कि भारत में आतंकवाद और आंतरिक सुरक्षा को खतरे में डालने वालों के विरुद्ध रणनीतिक कार्रवाई सुनिश्चित कर ली गई है। इस अवसर पर वरिष्‍ठ सरकारी और पुलिस अधिकारी, इजराइल की राजदूत माया कदोश, पीएचडी मंडल के अध्‍यक्ष अनिल खेतान, पीएचडी मंडल के वरिष्‍ठ उपाध्‍यक्ष राजीव तलवार और डीके अग्रवाल, रक्षा एवं आंतरिक सुरक्षा समिति के अध्‍यक्ष राजीव भटनागर भी उपस्थित थे।

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