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मध्य प्रदेश में सिंचाई के लिए कर्ज़ समझौता

एमपी का सिंचाई विस्तार व आधुनिकीकरण कार्यक्रम

एशियाई विकास बैंक देगा 375 मिलियन डॉलर कर्ज़

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 31 August 2018 11:44:03 AM

agreement on government of india and adb for irrigation in madhya pradesh

भोपाल/ नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में सिंचाई की कार्यदक्षता सुधारने के लिए भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक के बीच 375 मिलियन डॉलर के कर्ज के समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं, ताकि सिंचाई के नेटवर्क का विस्तारकर और कार्यकुशलता बढ़ाकर कृषि आय को दोगुना किया जा सके। जानकारी दी गई है कि मध्य प्रदेश सिंचाई कार्यदक्षता सुधार परियोजना 125,000 हेक्टेयर भूमि के लिए नए, बेहद कार्यकुशल और जलवायु परिवर्तन से अप्रभावित रहने वाले सिंचाई नेटवर्क का विस्तारकर और 400 गावों में जल के प्रयोग के तरीके को सुधारकर मध्य प्रदेश के 8 लाख से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाएगी।
भारत सरकार की तरफ से वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामले विभाग के बैंक कोष एवं एडीबी के संयुक्त सचिव सुनील कुमार खरे ने और इंडिया रेजीडेंट मिशन एडीबी के राष्ट्रीय उपनिदेशक सब्यसाची मित्रा ने एशियाई विकास बैंक की तरफ से समझौते पर हस्ताक्षर किए, जबकि मध्य प्रदेश की तरफ से परियोजना निदेशक एके उपमन्यु ने एक अलग समझौते पर हस्ताक्षर किए। सुनील कुमार खरे ने इस अवसर पर कहा कि यह परियोजना सिंचाई की कार्यदक्षता और जल की उत्पादकता को अधिकतम संभव सीमा तक बेहतर बनाकर मध्यप्रदेश सरकार के सिंचाई के विस्तार और आधुनिकीकरण कार्यक्रम की मदद करेगी और दूसरी तरफ से सब्यसाची मित्रा ने कहा कि एडीबी से मिलने वाली धनराशि का प्रयोग सिंचाई की कार्यदक्षता बढ़ाने के लिए एक विशालकाय दाब पर आधारित और स्वचलित सिंचाई प्रणाली के विकास के लिए किया जाएगा।
सब्यसाची मित्रा ने बताया कि यह परियोजना डिजायन-बिल्ड-ऑपरेट आधार पर संस्थागत नवाचार को प्रोत्साहित करेगी। मध्यप्रदेश सिंचाई कार्यदक्षता सुधार परियोजना दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करेगी। इनमें से पहले कुंडलिया सिंचाई परियोजना में यह 125,000 हेक्टेयर भूमि के लिए नई एवं अत्यधिक कार्यकुशल और जलवायु परिवर्तन से अप्रभावित रहने वाली सिंचाई प्रणाली का विकास करेगी। इसमें दो बड़े पंपिंग स्टेशनों का निर्माण शामिल है, जोकि जलापूर्ति कक्षों में पानी की आपूर्ति करेंगे, जहां से भूमिगत पाइपों के नेटवर्क के जरिए जल की आपूर्ति खेतों में की जाएगी। यह परियोजना किसानों को नकदी फसलों की सिंचाई के लिए सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को अपनाने में भी मदद करेगी। दूसरी बड़ी सिंचाई प्रणाली मौजूदा संजय सरोवर सिंचाई परियोजना को एक बेहतर डिजायन वाली परियोजना में विकसित करने के लिए एक व्यापक आधुनिकीकरण संभावना अध्ययन रिपोर्ट तैयार करेगी।
एशियाई विकास बैंक एक समृद्ध, समावेशी, टिकाऊ और स्थायी एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र के विकास के साथ-साथ घोर निर्धनता के उन्मूलन के अपने प्रयासों को जारी रखने के लिये प्रतिबद्ध है। वर्ष 1966 में स्थापित इस संस्था का स्वामित्व 67 सदस्यों के पास है, जिसमें से 48 इस क्षेत्र से ही हैं। वर्ष 2017 में एशियाई विकास बैंक का सकल कामकाज 32.2 अरब डॉलर रहा था, जिसमें से साझेदारी के जरिए उपलब्ध कराई गई 11.9 अरब डॉलर की धनराशि भी शामिल थी।

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