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'भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक संबंध निरंतर समृद्ध'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री का संयुक्त वक्तव्य

ऑस्ट्रेलिया के निवेशक भारत में निवेश अवसरों का लाभ उठाएं-मोदी

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Thursday 9 July 2026 12:57:10 PM

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मेलबर्न/ नई दिल्ली। भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को नई ऊंचाई और व्यापकता देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने आज मेलबर्न में संयुक्त रूपसे ऑस्ट्रेलिया-भारत सीईओ फोरम और इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहाकि बीते दशक में हमने दोनों देशों की क्षमताओं केसाथ आर्थिक साझेदारी का एक मजबूत ढांचा तैयार किया है। उन्होंने उल्लेख कियाकि साल 2022 में रिकॉर्ड समय में किए गए एकता समझौते से हमारी आर्थिक साझेदारी और मजबूती हुई है, इसके लागू होने केबाद भारत से ऑस्ट्रेलिया को एक्सपोर्ट दोगुना हुआ है और दोनों देशों के बिजनेस का लाभ मिला है। दोनों राजनेताओं ने कहाकि हम यहीं नहीं रुक रहे हैं, अब हम व्यापक सीका समझौता करने की तरफ आगे बढ़ रहे हैं, इन प्रयासों से दोनों देशों की सरकारों ने एक नया रनवे कर दिया है। इन दोनों कार्यक्रमों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख सीईओ, बिजनेस लीडर्स, ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख सुपरएनुएशन फंड, संस्थागत निवेशकों के प्रतिनिधियों और ऑस्ट्रेलिया के अग्रणी विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि भारत की सुदृढ़ आर्थिक वृद्धि, नीतिगत सुधार, डिजिटल परिवर्तन और इनोवेशन का बढ़ता इकोसिस्टम ऑस्ट्रेलियाई भागीदारों केलिए नए व्यावसायिक अवसर पैदा कर रहे हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्थाओं केबीच आपसी तालमेल पर नरेंद्र मोदी ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग, स्वच्छ ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स, माइनिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास, एविएशन, लॉजिस्टिक्स, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक, फ़ूड प्रोसेसिंग और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध व्यापक अवसरों को रेखांकित किया। उन्होंने कहाकि भारत का बड़े पैमाने पर कार्य करने का सामर्थ्य और ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता मिलकर दोनों देशों केलिए एक परस्पर लाभकारी स्थिति का निर्माण करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों को भारत में दीर्घकालिक निवेश के अवसरों का लाभ उठाने केलिए आमंत्रित किया। उन्होंने भारत में ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों की बढ़ती उपस्थिति का स्वागत किया और इस बात पर विशेष बल दियाकि उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास में गहरा सहयोग न केवल दोनों देशों की प्रतिभाओं को भविष्य केलिए तैयार करेगा, बल्कि उन्हें वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने में भी मदद करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस कार्यक्रम को भी संबोधित किया, जिसमें दोनों पक्षों के 200 से अधिक सीईओ और बिजनेस लीडर्स का एक बड़ा समूह शामिल था। भारत और ऑस्ट्रेलिया केबीच स्वाभाविक तालमेल के बारेमें उन्होंने कहाकि साझा लोकतांत्रिक मूल्य, हिंद-प्रशांत क्षेत्र केलिए एक समान दृष्टिकोण, लोगों केबीच मजबूत संबंध और मजबूत राजनीतिक समझ ने दोनों देशों केबीच व्यापारिक साझेदारी को एकसाथ बढ़ने और समृद्ध होने केलिए एक अच्छा माहौल तैयार किया है। वर्ष 2022 के आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट-ईसीटीए पर आधारित व्यापार और निवेश संबंधों की वृद्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने प्रस्तावित व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का आह्वान किया, ताकि व्यावसायिक संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाया जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिजनेस लीडर्स से दोनों पक्षों की विशिष्टताओं का लाभ उठाने और ग्लोबल समाधान तलाशने का आग्रह किया, विशेष रूपसे रेयर अर्थ्स, लिथियम, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर्स, एआई और डिफेंस सप्लाई चेन के क्षेत्रों में। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी सुझाव दियाकि द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने केलिए यह महत्वपूर्ण हैकि भारत के राज्य और ऑस्ट्रेलिया के प्रांत अपनी मूल क्षमताओं के आधार पर मजबूत आर्थिक साझेदारी स्थापित करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों मंचों पर हुई चर्चाओं से उत्पन्न आशावाद और सार्थक विचारों को रेखांकित करते हुए विश्वास व्यक्त कियाकि भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक संबंध निरंतर समृद्ध होते रहेंगे।

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