भारत व इंडोनेशिया की सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक
विश्व धरोहर स्थलों के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार में भारत भी बड़ा भागीदारस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Wednesday 8 July 2026 04:40:24 PM
जकार्ता/ नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इंडोनेशिया के योग्याकार्ता में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सूची में अंकित ऐतिहासिक प्रंबानन मंदिर परिसर में दर्शन किए। एक विशेष पहल केतहत इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी प्रधानमंत्री केसाथ मंदिर दर्शन केलिए उपस्थित थे। दोनों राजनेताओं ने मंदिर परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की संरक्षण और जीर्णोद्धार परियोजना की शुभारंभ पट्टिका का अनावरण किया। करीब 9वीं शताब्दी में निर्मित प्रंबानन मंदिर परिसर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा मंदिर परिसर है, यह भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर परिसर भारत और इंडोनेशिया केबीच साझा सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत का स्थायी प्रतीक है।
गौरतलब हैकि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की वर्ष 2025 में भारत की राजकीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में एक संरक्षण परियोजना समझौते में प्रंबानन परिसर के मंदिरों के जीर्णोद्धार केलिए भारत की सहायता की संभावनाओं का पता लगाने की बात कही गई थी। इससे पूर्व भी दक्षिण-पूर्व एशिया में कई विश्व धरोहर स्थलों के संरक्षण और जीर्णोद्धार में भारत का सफल इतिहास है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण इससे पहले इंडोनेशिया के बोरोबुदुर मंदिर परिसर का व्यापक तौरपर दस्तावेजीकरण कर चुका है। प्रंबानन मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार और संरक्षण केलिए भारत का समर्थन साझा सभ्यतागत विरासत को संरक्षित करने केप्रति उसके अटूट संकल्प को दर्शाता है।