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'भारत कोरिया में सदियों पुराने सभ्यतागत संबंध'

लोकसभा अध्यक्ष का कोरिया के प्रतिनिधिमंडल के साथ वृहद संवाद

कोरिया ने भारत की विकास पहलों में भाग लेने की दिखाई दिलचस्पी

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 20 June 2026 12:31:44 PM

lok sabha speaker's extensive dialogue with korean representatives

नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोरिया गणराज्य के आंतरिक एवं सुरक्षा मंत्री और कोरिया-भारत संसदीय मित्रता समूह के अध्यक्ष युन होजुंग के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहाकि भारत और कोरिया केबीच सदियों पुराने सभ्यतागत संबंध हैं। उन्होंने कहाकि दोनों देशों की बौद्ध विरासत अत्यंत समृद्ध है और दोनों केबीच घनिष्ठ जन संवाद हैं। उन्होंने बढ़ते द्विपक्षीय जुड़ाव से इन संबंधों को और गहरा करने केलिए भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहाकि कोरिया और भारत अग्रणी एशियाई अर्थव्यवस्थाओं एवं जीवंत लोकतंत्रों के रूपमें लोकतंत्र, कानून के शासन और मानवकेंद्रित विकास के साझा मूल्यों को साझा करते हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हरित ऊर्जा और सेमीकंडक्टर जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों पर दोनों देशों के मिलकर काम करने की विशाल संभावनाओं को रेखांकित किया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोरियाई निवेश केलिए भारत के बड़े बाजार और प्रतिभावान युवा कार्यबल को एक आकर्षक अवसर बताया। बुनियादी ढांचे और विनिर्माण अवसरों पर लोकसभा अध्यक्ष ने भारत की विकास पहलों में भाग लेने केलिए कोरिया की बढ़ती रुचि का स्वागत किया और कहाकि इन क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग दोनों केलिए फायदेमंद होगा। उन्होंने कहाकि कोरिया में योग, आयुर्वेद और भारतीय संस्कृति की बढ़ती लोकप्रियता दोनों देशों के लोगों केबीच गहरे होते संबंधों को दर्शाती है और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने का ठोस आधार प्रदान करती है। संसदीय कूटनीति पर ओम बिरला ने कहाकि जनप्रतिनिधियों केबीच नियमित आदान प्रदान द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने कहाकि संसदीय मित्रता समूह संवाद, अनुभवों के आदान प्रदान और सर्वोत्तम संसदीय तौर-तरीकों को साझा करने के प्रभावी मंच के रूपमें उभरे हैं।
कोरियाई मंत्री युन होजुंग ने ओम बिरला को भारत में उनके गर्मजोशीभरे आतिथ्य केलिए धन्यवाद दिया और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की संसद के अध्यक्ष के रूपमें उनकी भूमिका की भी सराहना की। युन होजुंग ने आईटी, एआई और ऑटोमोटिव जैसे विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों केबीच घनिष्ठ सहयोग को रेखांकित किया। भारत के बुनियादी ढांचा क्षेत्रमें आई तेजी का जिक्र करते हुए युन होजुंग ने कहाकि दोनों देश भारत में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण में सहयोग कर सकते हैं। प्रभावी आपदा प्रबंधन और सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने के विषय पर उन्होंने आपदारोधी बुनियादी ढांचे केलिए गठबंधन का हिस्सा बनने की भी इच्छा व्यक्त की।

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