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सरकारी सेवाओं में नवनियुक्तों का स्वागत!

'विश्व भारत की युवा आबादी और तकनीकी प्रगति से उत्साहित'

प्रधानमंत्री ने ऑनलाइन रोज़गार मेले में नियुक्ति पत्र वितरित किए

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 23 May 2026 06:02:19 PM

the prime minister distributed over 51,000 appointment letters

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉंफ्रेंसिंग से 19वें रोज़गार मेले में विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में 51000 से अधिक नवनियुक्तों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उन्होंने इस अवसर को देशभर के हजारों युवाओं केलिए अत्यंत महत्वपूर्ण दिन बताया। प्रधानमंत्री ने नवनियुक्तों को याद दिलायाकि किसीभी संस्था की असली ताकत उसके कर्मचारियों में निहित होती है और जिस व्यवस्था में वे शामिल हो रहे हैं, वह करोड़ों नागरिकों के जीवन से सीधे और गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहाकि सरकारी नौकरी सबसे पहले लोगों के जीवन को आसान बनाने का एक माध्यम है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि आप जिसभी विभाग में सेवा करें, आपका व्यवहार, सहानुभूति और कार्यशैली अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। प्रधानमंत्री ने नवनियुक्तों पर राष्ट्र के भरोसे को दोहराते हुए प्रत्येक युवा कर्मयोगी से अपने पद को एक जीवंत जिम्मेदारी के रूपमें देखने, जनमानस की बढ़ती आकांक्षाओं को समझने और उसीके अनुरूप अपना काम करने का आह्वान किया। नरेंद्र मोदी ने कर्मचारियों से आजीवन सीखने, नई तकनीकों, प्रणालियों व बदलती अवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर ढलने का आग्रह करते हुए आई गॉट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म और कर्मयोगी प्रारंभ मॉड्यूल की सराहना की और इन्हें उनके दायित्वों को आत्मविश्वास से समझने और निभाने में सहायक शक्तिशाली माध्यम बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी सेवा में नए प्रवेशकों का स्वागत करते हुए रेलवे, बैंकिंग, रक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत के विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान पर बल दिया। नरेंद्र मोदी ने कहाकि आनेवाले वर्ष में वे विकसित भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रधानमंत्री ने नवनियुक्तों के समर्पण और अथक परिश्रम की सराहना करते हुए प्रत्येक नियुक्त व्यक्ति को हार्दिक बधाई दी। यह मानते हुएकि कोईभी व्यक्तिगत उपलब्धि अपने आपमें पूर्ण नहीं होती, उन्होंने उन परिवारों और अभिभावकों को भी शुभकामनाएं दीं, जिनका सहयोग इस पूरी यात्रा में अपरिहार्य रहा। प्रधानमंत्री ने हालही में संपन्न अपनी पांच देशों की राजनयिक यात्रा को साझा करते हुए बतायाकि दर्जनों देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले वैश्विक नेताओं ने भारत के युवाओं और तकनीकी प्रगति केप्रति भारी उत्साह दिखाया है। उन्होंने भारत के उत्थान में भागीदार बनने केलिए विश्व में उत्सुकता का उल्लेख किया। नरेंद्र मोदी ने कहाकि विश्व भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनना चाहता है। प्रधानमंत्री ने प्रत्येक देश केसाथ हुए क्षेत्र विशिष्ट समझौतों और वार्ताओं का उल्लेख किया, इनमें नीदरलैंड केसाथ सेमीकंडक्टर, जल, कृषि और उन्नत विनिर्माण पर चर्चा, स्वीडन केसाथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में सहयोग पर बातचीत, नॉर्वे केसाथ हरित प्रौद्योगिकी और समुद्री सहयोग पर चर्चा, संयुक्त अरब अमीरात के साथ रणनीतिक ऊर्जा और प्रौद्योगिकी साझेदारी पर समझौते ज्ञापन और इटली केसाथ रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर समझौते शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कियाकि भारत की अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियां विशेष रूपसे युवाओं के हित में की गई हैं, इनका उद्देश्य भारत के युवाओं को रोज़गार और वैश्विक अनुभव प्रदान करना है। प्रधानमंत्री ने कहाकि प्रत्येक निवेश, प्रत्येक तकनीकी साझेदारी और प्रत्येक औद्योगिक सहयोग से अंततः भारत के युवाओं केलिए नए अवसर उत्पन्न होंगे। उन्होंने इनके दीर्घकालिक महत्व के बारेमें भी बतायाकि ये वे क्षेत्र हैं, जो अगले 25 वर्ष में वैश्विक विकास को परिभाषित करने वाले उद्योगों को आकार देंगे। प्रधानमंत्री ने एएसएमएल-टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स समझौते को भारत की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक विश्वसनीय भागीदार के रूपमें बढ़ती प्रतिष्ठा का ठोस उदाहरण बताते हुए कहाकि डच सेमीकंडक्टर कंपनी एएसएमएल ने जिन चुनिंदा देशों के साथ समझौता किया है, उनमें भारत भी शामिल है। उन्होंने कहाकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर स्वीडन केसाथ साझेदारी और सुपरकंप्यूटिंग पर यूएई केसाथ सहयोग से भी भारत की तकनीकी क्षमताओं को मजबूती मिलेगी। नरेंद्र मोदी ने कहाकि यह अकेला एएसएमएल-टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स समझौता ही भारत में हजारों नए रोज़गार के अवसर पैदा करेगा।
प्रधानमंत्री ने स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों, हरित हाइड्रोजन और सतत विनिर्माण जैसे क्षेत्रोंमें अपार संभावनाओं के तेजीसे विकास का उल्लेख किया और कहाकि स्वीडन, नॉर्वे और इटली केसाथ बढ़ते सहयोग से भारत भविष्य के स्वच्छ विनिर्माण उद्योगों में मजबूत स्थिति में होगा, ये साझेदारियां एक नई अर्थव्यवस्था और नए अवसरों के द्वार खोल रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहाकि संयुक्त अरब अमीरात और नॉर्वे केसाथ साझेदारी से भारत के जहाज निर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, इससे देश के इंजीनियरों, तकनीशियनों और कुशल श्रमिकों को नए अवसर मिलेंगे। प्रधानमंत्री ने कहाकि विश्व उन देशों का सम्मान करता है, जो देश नवाचार करते हैं, निर्माण करते और बड़े पैमाने पर परिणाम देते हैं, भारत इन तीनों क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है और इस परिवर्तन के पीछे सबसे बड़ी शक्ति भारत के युवा हैं। प्रधानमंत्री ने 2047 तक एक विकसित भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प की बात की और कहाकि सरकार के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश से इस महत्वाकांक्षा के परिणामस्वरूप लाखों नए रोज़गार के अवसर सृजित हो रहे हैं। नरेंद्र मोदी ने भारत के उभरते सेमीकंडक्टर तंत्र का उल्लेख करते हुए घोषणा कीकि सेमीकंडक्टर निर्माण केलिए एक संपूर्ण घरेलू आपूर्ति श्रृंखला बनाई जा रही है और दस प्रमुख सेमीकंडक्टर इकाइयां जल्द ही वैश्विक स्तरपर अपनी पहचान बनाएंगी, इनमें बड़ी संख्या में युवा भारतीयों को पहले से ही रोज़गार मिल रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 75000 करोड़ रुपये के निवेश से भारत में जहाज निर्माण, जहाज की मरम्मत और नवीनीकरण तंत्र के विस्तार की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए रख-रखाव, जांच एवं मरम्मत की सुविधाओं के विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहाकि इससे विमानन क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएंगे। प्रधानमंत्री ने कहाकि सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्र मिलकर इन अनेक पहलों में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं, नवनियुक्त सरकारी कर्मचारियों से व्यापार और उद्यम को सुगम बनाने में अपनी भूमिका केप्रति सजग रहने का आह्वान किया। नरेंद्र मोदी ने कहाकि व्यापार में सुगमता देश की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहाकि राष्ट्रीय प्रगति का वास्तविक लाभ तभी मिलता है, जब गांवों, छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को विकास से जोड़ा जाता है। प्रधानमंत्री ने बारह वर्ष में निर्मित बुनियादी ढांचे-रेलवे, राजमार्ग, हवाई अड्डे, रसद, पत्तन और डिजिटल नेटवर्क की व्यापकता का उल्लेख करते हुए कहाकि संपर्क से किसानों, छोटे व्यापारियों और छात्रों केलिए समान रूपसे नए अवसर खुले हैं और यह परिवर्तन अब भारत के गांवों को भी स्पष्ट रूपसे नया रूप दे रहा है।
प्रधानमंत्री ने घोषणा कीकि विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप, डिजिटल सेवाएं, रेलवे, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में भारत के युवाओं केलिए उपलब्ध अवसर देश के इतिहास में अभूतपूर्व हैं। उन्होंने कहाकि सरकार यह सुनिश्चित करने केलिए प्रतिबद्ध हैकि अधिक से अधिक युवा इन अवसरों का लाभ उठा सकें और अपनी प्रतिभा का पूर्ण प्रदर्शन कर सकें। प्रधानमंत्री ने कहाकि कौशल विकास, उद्योग आधारित शिक्षा और भविष्य की प्रौद्योगिकी पर निरंतर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहाकि भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप तंत्र बन गया है, दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों के युवा बड़ी संख्या में स्टार्टअप और नवाचार की दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं और यह आंदोलन राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। उन्होंने इस उद्यमशीलता की लहर में भारत की महिलाओं की बढ़ती और निर्णायक भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहाकि आज गांवों और छोटे शहरों में पहले से कहीं अधिक महिलाएं पूरी तरह से अपने दम पर नए उद्यम शुरू कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने प्रेरणादायक आह्वान केसाथ विश्वास व्यक्त कियाकि आज नियुक्तिपत्र प्राप्त करने वालों में वही भावना और ऊर्जा समाहित है, जिसके साथ भारत के युवा विश्वभर में प्रत्येक क्षेत्रमें अपनी पहचान बना रहे हैं और यही भावना उनकी सार्वजनिक सेवा को प्रेरित करेगी।

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