प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति का संयुक्त वक्तव्य
भारत साइप्रस की मित्रता मजबूत भी है और फ्यूचरिस्टिक भी है!स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Friday 22 May 2026 04:46:46 PM
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत आए साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडोलिडेस और उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल का बड़ी गर्मजोशी से स्वागत किया। हैदराबाद हाउस दिल्ली में संयुक्त प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडोलिडेस ने दोनों देशों केबीच घनिष्ठ मित्रता और मजबूत लोकतांत्रिक संबंधों का उल्लेख किया। नरेंद्र मोदी ने याद कियाकि राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडोलिडेस ने पिछले वर्ष सायप्रस में उनका अत्यंत गर्मजोशी से स्वागत किया था, भारत केप्रति विशेष सम्मान दिखाते हुए उन्हें सायप्रस के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया था। उन्होंने कहाकि पूरे विज़िट के दौरान उनकी आत्मीयता, स्नेह और भारत केप्रति उनका विशेष जुड़ाव उन्होंने बहुत गहराई से महसूस किया और आज उनकी भारत यात्रा दोनों देशों की साझी यात्रा का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि भारत और साइप्रस की मित्रता मजबूत भी है और फ्यूचरिस्टिक भी है, लोकतंत्र और कानून के शासन जैसे मूल्यों में साझा विश्वास हमारी साझेदारी के आधार हैं। उन्होंने कहाकि भारत सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है, भारत इन सिद्धांतों केप्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहाकि आज जब भारत और यूरोप अपने संबंधों में एक नए स्वर्णिम युग में प्रवेश कर रहें हैं तो साइप्रस इस समय न केवल यूरोपियन यूनियन काउंसिल की अध्यक्षता कर रहा है, बल्कि भारत और यूरोप केबीच एक महत्वपूर्ण इन्वेस्टमेंट गेटवे के रूपमें उभर रहा है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि साइप्रस भारत के टॉप 10 निवेशकों में से एक है, पिछले एक दशक में साइप्रस से भारत में निवेश लगभग डबल हुआ है, दोनों देशों के बीच ट्रस्ट बढ़ा है। उन्होंने कहाकि भारत-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड ऐग्रीमेंट से तमाम नई संभावनाएं बनी है, इसका लाभ उठाते हुए हम अगले पांच वर्ष में इस इंवेस्टमेंट को फिरसे डबल करने का लक्ष्य रख रहे हैं और इस संकल्प को साकार करने केलिए आज हमने अपने विश्वसनीय संबंधों को एक स्ट्रटीजिक साझेदारी के रूपमें ऊपर उठा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि भारत और साइप्रस केबीच यह स्ट्रटीजिक साझेदारी दोनों देशों के फाइनैन्शल और सर्विसेज़ हब्स को जोड़कर कॉमर्स केलिए कैपिटल अन्लॉक करेगी। उन्होंने कहाकि यह साइप्रस के इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और ऐग्रीकल्चर सेक्टर में भारतीय कम्पनीस केलिए नए अवसर प्रदान करेगी और भारत के तेजी से बढ़ रहे शिपिंग और मैरीटाइम क्षेत्रों में नया निवेश लेकर आएगी। नरेंद्र मोदी ने कहाकि हम साइप्रस केसाथ मिलकर गिफ़्ट सिटी को एक ग्लोबल फाइनैन्शल और सर्विसेज़ हब बनाने के विज़न को गति देंगे और दोनों देशों के इनोवेशन और स्टार्टअप एकोसिस्टम केबीच कनेक्ट बढ़ाएंगे। नरेंद्र मोदी ने कहाकि रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी हमारे संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तम्भ है, हमें बहुत खुशी हैकि बीते कुछ वर्ष में दोनों देशों केबीच मिलिटरी एक्सचेंज और ट्रैनिंग सहयोग बढ़े हैं, आज हमने साइबर सिक्युरिटी, मैरीटाइम सिक्युरिटी और काउंटर टेररिज़्म सहयोग को भी और मजबूत करने का निर्णय लिया। नरेंद्र मोदी ने कहाकि हम इंडो-पेसिफिक महासागर इनिशिएटिव और इंडिया-मिडल ईस्ट यूरोप इकनॉमिक कॉरिडर जैसे महत्वपूर्ण पहलों से कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने केलिए भी साथ मिलकर काम करेंगे।
नरेंद्र मोदी ने कहाकि साइप्रस में रह रहे भारतीय पेशेवर और छात्र हमारे लोगों केबीच संबंधों को और सशक्त बना रहे हैं, इनको और सुदृढ़ करने केलिए हमने जल्दही एक व्यापक माइग्रैशन एंड मोबिलिटी साझेदारी और सोशल सिक्युरिटी एग्रीमेंट करने पर सहमति बनाई हैं। उन्होंने कहाकि हम कल्चर और उच्च शिक्षा पर भी एग्रीमेंट्स कर रहें हैं, जिससे दोनों देशों केबीच कल्चरल एक्सचेंज और रिसर्च सहयोग प्रगाढ़ होंगे। नरेंद्र मोदी ने कहाकि हमने ग्लोबल समस्याओं पर भी बात की, यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया हम संघर्ष की शीघ्र समाप्ति और शांति के प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे। उन्होंने कहाकि हम इस बातपर भी एकमत हैंकि बढ़ती ग्लोबल चुनौतियों के समाधान केलिए वैश्विक संस्थाओं में सुधार ज़रूरी और महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहाकि भारत और साइप्रस का नाता समय की कसौटी पर बार-बार खरा उतरा है और आज भारत-साइप्रस स्ट्रटीजिक साझेदारी के गठन से हम अपने संबंधों को नई ऐम्बिशन और नई स्पीड देने जा रहे हैं। उन्होंने कहाकि हम मिलकर अपने संबंधों को सहयोग से सह निर्माण तक और साझेदारी से साझा समृद्धि तक लेकर जाएंगे एवं एक सुरक्षित, समृद्ध और बेहतर भविष्य का निर्माण करेंगे।