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लोकसभा में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन बिल पास

आंध्र प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि-राज्यमंत्री डॉ पेम्मासानी

अमरावती को एकमात्र राजधानी के रूप में कानूनी मान्यता प्रदान

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Wednesday 1 April 2026 05:04:39 PM

andhra pradesh reorganisation bill passed in lok sabha

नई दिल्ली। संचार और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री डॉ पेम्मासानी चंद्रशेखर ने आज लोकसभा में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक-2026 पास होने को आंध्र प्रदेश केलिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। डॉ पेम्मासानी चंद्रशेखर ने कहाकि अमरावती को राजधानी बनाकर आंध्र प्रदेश शासन, वाणिज्य और नवाचार के एक गतिशील केंद्र के रूपमें उभरने केलिए तैयार है। डॉ पेम्मासानी चंद्रशेखर ने राष्ट्रीय और राज्य नेतृत्व की भूमिका को स्वीकार करते हुए कहाकि यह ऐतिहासिक कानून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की दूरदर्शी योजना के महत्वपूर्ण समर्थन को दर्शाता है। उन्होंने कहाकि यह विधेयक एक नीतिगत निर्णय से कहीं अधिक एक निर्णायक बदलाव है, जो आंध्र प्रदेश के विकास पथ को पुनर्परिभाषित करेगा। उन्होंने कहाकि यह संशोधन प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित करके, निवेशकों का विश्वास बहाल करके और राज्य की जनता के बलिदानों का सम्मान करके, अमरावती को आकांक्षा, लचीलेपन और समावेशी विकास के स्थायी प्रतीक के रूपमें स्थापित करता है।
डॉ पेम्मासानी चंद्रशेखर ने कहाकि यह विधेयक अमरावती को एकमात्र राजधानी के रूपमें कानूनी मान्यता प्रदान करके लंबे समय से शासन, निवेश और विकास को प्रभावित करने वाली संरचनात्मक अनिश्चितता को दूर करता है। उन्होंने कहाकि कई वर्ष से स्पष्ट रूपसे निर्धारित राजधानी के अभाव से प्रशासनिक अस्पष्टता, बुनियादी ढांचे के निर्माण में देरी और निवेशकों का विश्वास कम हुआ है, यह संशोधन एक स्पष्ट, स्थिर और दूरदर्शी ढांचे केतहत राज्य के पुनर्गठन की मूल भावना के अनुरूप एक विश्वस्तरीय राजधानी की परिकल्पना की पुष्टि करता है। डॉ पेम्मासानी चंद्रशेखर ने अमरावती आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले किसानों और महिलाओं के असाधारण बलिदानों का उल्लेख करते हुए कहाकि 29000 से अधिक किसानों ने स्वेच्छा से अपनी 34000 एकड़ से अधिक पुश्तैनी भूमि राज्य को सौंप दी और नीतिगत बदलाव के कारण लंबे समय तक अनिश्चितता का सामना किया।
डॉ पेम्मासानी चंद्रशेखर ने कहाकि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वाली महिलाओं और स्थानीय समुदायों को काफी कठिनाइयों और परेशानियों का सामना करना पड़ा, फिरभी 1600 दिन से अधिक समय तक यह आंदोलन दृढ़, अनुशासित और अहिंसक बना रहा और लोकतंत्र के शक्तिशाली प्रतीक के रूपमें उभरा। डॉ पेम्मासानी चंद्रशेखर ने कहाकि यह विधेयक केवल एक कानूनी सुधार नहीं है, बल्कि एक नैतिक पुनर्पुष्टि है, यह राज्य के भविष्य केलिए अद्वितीय बलिदान देने वाले लोगों केबीच गरिमा, न्याय और विश्वास को बहाल करता है। डॉ पेम्मासानी चंद्रशेखर ने अमरावती केलिए अपने परिवर्तनकारी दृष्टिकोण को दोहराते हुए कहाकि राजधानी को वैश्विक स्तर के शहर और आंध्र प्रदेश के प्रमुख विकास इंजन के रूपमें परिकल्पित किया गया है। उन्होंने बतायाकि 56000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 91 प्रमुख अवसंरचना परियोजनाएं पहले से ही चल रही हैं, जिन्हें प्रमुख राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों का समर्थन प्राप्त है।
डॉ पेम्मासानी चंद्रशेखर ने कहाकि अमरावती को औपचारिक मान्यता मिलने से निवेश में तेजी आने, बड़े पैमाने पर रोज़गार सृजन और राज्य की आर्थिक प्रगति में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। डॉ पेम्मासानी चंद्रशेखर ने कहाकि स्वैच्छिक भूमि साझेदारी पर आधारित अमरावती मॉडल सहभागी और समावेशी विकास का एक अग्रणी उदाहरण है, जहां किसान राज्य के शहरी भविष्य में हितधारक बन गए हैं और इस अभिनव दृष्टिकोण ने समान विकास केलिए एक अनुकरणीय ढांचे की ओर राष्ट्र का ध्यान आकर्षित किया है। डॉ पेम्मासानी चंद्रशेखर ने आर्थिक प्रदर्शन को गति देने में राजधानियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला और कहाकि प्रमुख शहर अपने-अपने राज्य की अर्थव्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

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