लोक संगीत भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग
यूट्यूब पर भारतीय पारंपरिक लोक संगीत का व्यापक प्रचार प्रसारस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Thursday 26 March 2026 01:06:02 PM
नई दिल्ली। भारत के पारंपरिक और आदिवासी लोक संगीत को वैश्विक मंच पर बढ़ावा देने और व्यापक प्रचार प्रसार के उद्देश्य से केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और यूट्यूब केबीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इस दौरान दिल्ली में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल और यूट्यूब की भारत में प्रबंध निदेशक गुंजन सोनी उपस्थित थीं। संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहाकि भारत की विविध लोक परंपराओं का संरक्षण और संवर्धन संस्कृति मंत्रालय का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहाकि यूट्यूब केसाथ यह साझेदारी भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को पोषित करने और आदिवासी लोक कलाकारों को अवसर एवं मंच प्रदानकर सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहाकि हमारा लक्ष्य लोक संगीतकारों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तरपर अधिक पहचान, स्थिरता और मान्यता प्राप्त करने केलिए आवश्यक उपकरण और मंच उपलब्ध कराना है। संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने कहाकि लोक कलाकारों तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाना है, ताकि देश के कोने-कोने के लोक कलाकार गर्व से अपनी संस्कृति, परंपराओं को कायम रख सकें और स्वतंत्र रचनात्मक उद्यमी बन सकें। विवेक अग्रवाल ने कहाकि यूट्यूब की वैश्विक पहुंच को मंत्रालय के व्यापक बुनियादी ढांचे केसाथ एकीकृत करके मंत्रालय न केवल एक मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि लाखों लोक कलाकारों को आत्मनिर्भर बनने और सफल उद्यम चलाने केलिए आधार तैयार करने में मदद कर रहा है। यूट्यूब की भारत की प्रबंध निदेशक गुंजन सोनी ने कहाकि यूट्यूब का उद्देश्य भारत के कोने-कोने से कलाकारों और रचनाकारों को अपनी प्रतिभा को दुनिया के साथ साझा करने में मदद करना है। उन्होंने कहाकि लोक संगीत भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न अंग है और संस्कृति मंत्रालय केसाथ यह साझेदारी इन महत्वपूर्ण परंपराओं को संरक्षित और बढ़ावा देने का एक बड़ा अवसर है।
गुंजन सोनी ने कहाकि यूट्यूब संस्कृति मंत्रालय की गहरी सांस्कृतिक भागीदारी और आईएमओसी के बुनियादी ढांचे को वैश्विक मंच पर कलाकारों को समर्थन और प्रदर्शन देने की अपनी अनूठी क्षमता केसाथ जोड़कर दुनियाभर के रचनाकारों केलिए पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने हेतु उत्साहित है। उन्होंने कहाकि लक्ष्य इन प्रतिभाशाली कलाकारों को न केवल डिजिटल कौशल से सशक्त बनाना है, बल्कि उन्हें दुनियाभर में नए दर्शकों से जुड़ने, ऑनलाइन सफल करियर बनाने और यह सुनिश्चित करने केलिए स्थायी मार्ग प्रदान करना हैकि उनकी अमूल्य कला आने वाली पीढ़ियों तक गूंजती रहे। उन्होंने कहाकि हम देश के समृद्ध पारंपरिक और लोक संगीतकार समुदाय को डिजिटल उपकरणों, ज्ञान प्रणालियों और व्यापक दर्शकों तक पहुंच प्रदान करके सशक्त बनाएंगे। उन्होंने कहाकि डिजिटल कौशल, बौद्धिक संपदा अधिकारों केप्रति जागरुकता, सहयोग के बेहतर अवसर और कलाकारों केलिए स्थायी करियर विकल्प से भारतीय पारंपरिक और लोक संगीत के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेंगे।
संस्कृति मंत्रालय लोक संगीत रचनात्मक अर्थव्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करते हुए कार्यक्रम को रणनीतिक नेतृत्व और पर्यवेक्षण प्रदान करेगा, जबकि एक संयुक्त कार्यबल कार्यांवयन और प्रभाव मूल्यांकन का मार्गदर्शन करेगा। मंत्रालय की चयनित स्वायत्त कला और प्रदर्शन संस्थानों के माध्यम से यह पहल रिकॉर्डिंग उपकरणों सहित सुविधाओं तक पहुंच और क्षेत्रीय संपर्क प्रदान करेगी, साथही स्थानीयकृत शैक्षिक सामग्री का सह विकास करेगी और मार्गदर्शकों की पहचान करेगी। समझौते केतहत यूट्यूब इन प्रयासों में सहयोग करेगा और लोक, आदिवासी और पारंपरिक कलाकारों को डिजिटल सामग्री निर्माण की सर्वोत्तम प्रथाओं, चैनल प्रबंधन, मुद्रीकरण रणनीतियों, कॉपीराइट प्रबंधन और यूट्यूब एनालिटिक्स के माध्यम से दर्शकों की अंतर्दृष्टि को समझने के प्रशिक्षण में सहायता प्रदान करेगा।