यूपीयू-यूपीआई सीमापार धन प्रेषण पहल का शुभारंभ हुआ
दोनों देश डाक प्रणालियों को और अधिक अत्याधुनिक बनाएंगेस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Saturday 21 March 2026 01:50:05 PM
थिम्पू/ नई दिल्ली। भारतीय डाक विभाग की सचिव वंदिता कौल की 19 मार्च को भूटान यात्रा पर थिम्पू में दोनों देशों के डाक प्रशासन केबीच डाक सहयोग समझौता हुआ है। भारत सरकार के संचार मंत्रालय के सचिव (डाक) और भूटान राजकीय सरकार के अवसंरचना और परिवहन मंत्रालय के सचिव ने इस डाक सहयोग समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता भारतीय डाक और भूटान पोस्ट केबीच सहयोग की एक संरचित रूपरेखा प्रदान करता है। भारत-भूटान में संपर्क, सेवा वितरण एवं संस्थागत सहयोग और ज्यादा मजबूत होने से डाक सहयोग समृद्ध हो रहा है। इस एमओयू का लक्ष्य डाक संचालन, प्रौद्योगिकी विकास, क्षमता निर्माण, लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी, डाक टिकट संग्रह और ज्ञान आदान प्रदान जैसे क्षेत्रोंमें सहयोग बढ़ाना है। भारत भूटान डाक सहयोग दोनों देशों की डाक प्रणालियों को और अधिक आधुनिक बनाकर यह सुनिश्चित करेगाकि ये नेटवर्क नागरिकों और व्यवसायों की बदलती जरूरतों केप्रति कुशल, समावेशी और उत्तरदायी बना रहे।
भारत और भूटान में डाक सहयोग समझौते का एक प्रमुख आकर्षण यूपीयू-यूपीआई सीमापार धन प्रेषण पहल का शुभारंभ है, जो भारत भूटान में डाक नेटवर्क के जरिए कुशल और किफायती धन प्रेषण सेवाओं को सुगम बनाएगा, इसके लिए यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (यूपीयू) पीओएस अंतरण प्रणाली को भारत के एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) केसाथ जोड़ा जाएगा। यह पहल वित्तीय संपर्क को बढ़ाएगी और दोनों देशों के नागरिकों केलिए डिजिटल धन प्रेषण सेवाओं को अधिक आसान बनाएगी। दोनों पक्षों ने क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण और पेशेवर विकास के महत्व पर भी जोर दिया। सहयोग समझौते केतहत भूटानी डाक अधिकारी भारत में अपने भारतीय समकक्षों केसाथ प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेंगे, जो डाक विभाग के संस्थानों में आयोजित होंगे, इनमें रफी अहमद किदवई राष्ट्रीय डाक अकादमी और कई प्रशिक्षण केंद्र शामिल हैं। ये कार्यक्रम डाक क्षेत्रमें संचालन विशेषज्ञता, प्रबंधन क्षमता और उभरती हुई तकनीकों जैसे क्षेत्रों से संबंधित हैं।
भारत और भूटान ने प्रौद्योगिकी क्षेत्रमें सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमति व्यक्त की है, जिसमें भारतीय डाक विभाग में विकसित प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम से संबंधित अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना शामिल है। इसमें डिजिटल डाक प्रणालियों और डिजिटल एड्रेस कोड जैसे क्षेत्रोंमें सहयोग शामिल है, जो अधिक कुशल पते बनाने, लॉजिस्टिक योजना और बेहतर सेवा वितरण का समर्थन कर सकते हैं। दोनो पक्षों ने डाक टिकट संग्रह और सांस्कृतिक आदान प्रदान में निरंतर सहयोग का स्वागत किया, जिसमें भूटान पोस्ट को भारत में डाक टिकट संग्रह प्रदर्शनियों में भाग लेने केलिए आमंत्रित किया गया। भारत ने डाक वित्तीय सेवाओं में अपने अनुभव और ज्ञान को साझा करने की अपनी इच्छा भी व्यक्त की, जिसमें यहभी शामिल हैकि डाक नेटवर्क किस प्रकार लोगों की बचत को सही दिशा देकर और समुदायों को सुलभ वित्तीय सेवाएं प्रदान करके वित्तीय समावेशन का समर्थन कर सकते हैं।